मेरठ। चर्चित Saurabh Rajput Case में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी करार दिए जाने के बाद अब उनकी सजा पर फैसला 15 दिन बाद होगा। मेरठ की अदालत ने बुधवार को दोनों को सौरभ राजपूत की हत्या का दोषी माना। इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए अदालत ने अगली तारीख तय की है।

यानी बुधवार को अदालत ने दोषसिद्धि का फैसला सुनाया है, लेकिन सजा अभी नहीं सुनाई है। अब अगली सुनवाई में अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से सजा को लेकर दलीलें रखी जाएंगी। इसके बाद अदालत तय करेगी कि दोनों दोषियों को कानून के तहत क्या सजा दी जानी है।

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15 दिन का समय क्यों दिया गया?

दोषी करार दिए जाने के बाद अदालत को सजा तय करने से पहले दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर देना होता है। अभियोजन पक्ष दोषियों के लिए अधिकतम सजा की मांग कर सकता है, जबकि बचाव पक्ष सजा में राहत देने के लिए अपनी दलील रख सकता है।

इसी प्रक्रिया के लिए अदालत ने 15 दिन का समय दिया है। इस दौरान दोनों पक्ष सजा के मुद्दे पर अपनी-अपनी दलीलें तैयार करेंगे।

अभी फांसी या उम्रकैद का फैसला नहीं

इस मामले में एक बात साफ समझना जरूरी है। मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया जा चुका है, लेकिन अभी उन्हें फांसी या उम्रकैद की सजा नहीं सुनाई गई है।

सजा का फैसला अगली सुनवाई में होगा। इसलिए फिलहाल यह कहना सही होगा कि दोनों दोषी हैं और उनकी सजा पर फैसला 15 दिन बाद होगा।

कोर्ट ने हत्या और शव छिपाने को माना

अदालत के फैसले के बाद सामने आई जानकारी के अनुसार कोर्ट ने माना कि मुस्कान और साहिल ने सौरभ राजपूत की हत्या की थी और उसके शव को छिपाने के लिए ड्रम में पैक किया गया था। इसी मामले में दोनों को दोषी करार दिया गया है।

मामले की सुनवाई करीब 13 महीने तक चली। अभियोजन पक्ष की ओर से कई गवाह और परिस्थितिजन्य साक्ष्य अदालत के सामने रखे गए थे।

अब अगली सुनवाई पर नजर

अब इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि अदालत दोनों दोषियों को कौन-सी सजा सुनाती है। इसके लिए 15 दिन बाद होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण होगी।

फिलहाल मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड में स्थिति यह है—मुस्कान रस्तोगी दोषी, साहिल शुक्ला दोषी और सजा का फैसला 15 दिन बाद।
 

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