बिजनौर जिले में ईंट-भट्ठा संचालकों के लिए Brick Kiln Regulation Fee जमा करना अनिवार्य किया गया है। ईंट-भट्ठा सत्र 2026-27 के लिए विनियमन शुल्क 1 अक्टूबर 2026 से 30 सितंबर 2027 तक लागू रहेगा। जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने भट्ठा स्वामियों से निर्धारित प्रक्रिया और समयसीमा के अनुसार शुल्क जमा कर नियमों के तहत संचालन सुनिश्चित करने को कहा है।

जिलाधिकारी के अनुसार यह व्यवस्था विशेष सचिव, उत्तर प्रदेश शासन, भूतत्व एवं खनिकर्म अनुभाग के 23 सितंबर 2026 के पत्र और उत्तर प्रदेश उपखनिज (परिहार) नियमावली, 2021 के नियम 21(2) के तहत लागू की गई है। शुल्क ईंट-भट्ठों और पायों की संख्या के आधार पर निर्धारित किया जाएगा।

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ऑनलाइन आवेदन और शुल्क जमा करना होगा

ईंट-भट्ठा स्वामियों को विनियमन शुल्क के लिए संबंधित विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ 2,000 रुपये आवेदन शुल्क जमा करना होगा।

आवेदन में भट्ठा स्वामी का विवरण, भट्ठा स्थल के जियो-कोऑर्डिनेट, भट्ठे का प्रकार, पायों की संख्या, ईंट-मिट्टी के खनन क्षेत्र और भट्ठा सत्र से संबंधित जानकारी दर्ज करनी होगी।

इसके साथ ईंट-मिट्टी की रॉयल्टी और विनियमन शुल्क का कोई बकाया नहीं होने संबंधी शपथ पत्र भी देना होगा। आवेदन में दर्ज पायों की संख्या के आधार पर निर्धारित विनियमन शुल्क और पोल्यूशन की धनराशि ऑनलाइन जमा करनी होगी।

भुगतान के बाद भट्ठा स्वामी पोर्टल से विनियमन शुल्क जमा करने का प्रमाण पत्र जनरेट कर सकेंगे।

बिना शुल्क संचालन पर होगी कार्रवाई

विनियमन शुल्क अग्रिम रूप से जमा करने के बाद ही ईंट-भट्ठे का संचालन किया जा सकेगा। बिना शुल्क जमा किए भट्ठा चलता मिला तो संबंधित संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने बताया कि 30 नवंबर 2026 तक जमा की गई विनियमन शुल्क की धनराशि पर ब्याज देय नहीं होगा। इसके बाद जमा होने वाली राशि पर नियमानुसार ब्याज लगाया जाएगा।

पायों की संख्या में अंतर मिला तो होगी वसूली

यदि जांच में किसी ईंट-भट्ठे में पायों की संख्या आवेदन में घोषित संख्या से अधिक मिलती है, तो वास्तविक संख्या के आधार पर नियमानुसार राजस्व क्षति की वसूली की जाएगी।

पायों की संख्या या भट्ठे के स्थान में बदलाव होने पर इसकी सूचना 30 दिन के भीतर जिलाधिकारी, खान अधिकारी/खान निरीक्षक और भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय के संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को देना अनिवार्य होगा।

जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने जिले के सभी ईंट-भट्ठा स्वामियों से समयसीमा का पालन करते हुए शुल्क जमा करने और निर्धारित नियमों के अनुसार ही संचालन करने की अपेक्षा की है।

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