Shamli Ayush Malik Case: उत्तर प्रदेश के शामली जिले के बहुचर्चित धर्मांतरण विवाद में एक नया और सनसनीखेज मोड़ आ गया है। शहर के दवा कारोबारी देवराज मलिक ने अपने 31 वर्षीय बेटे आयुष के अपहरण का संगीन आरोप लगाया है। पिता का दावा है कि 16 सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) में पेशी के बाद से उनका बेटा घर वापस नहीं लौटा है। इस साजिश में उन्होंने आयुष के दोस्त कारी सुल्तान और दारुल उलूम देवबंद के मुफ्ती अब्दुल्ला की संलिप्तता बताई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपों पर जांच शुरू कर दी है।

संपत्ति नाम करने और जान से मारने की धमकी देवराज मलिक के अनुसार, सहारनपुर के जगहेता नसीब गांव का निवासी कारी सुल्तान और मुफ्ती अब्दुल्ला ने मिलकर उनके बेटे का दोबारा धर्म परिवर्तन करा दिया है। पीड़ित पिता ने पुलिस को दी शिकायत में गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि 18 सितंबर को कारी सुल्तान उनके पास आया था। उसने धमकी दी कि वे लोग भी अपना धर्म बदल लें और अपनी दवा की दुकान व संपत्ति उनके (सुल्तान और मुफ्ती के) नाम कर दें। ऐसा न करने पर पूरे परिवार को जान से मारने और संपत्ति पर जबरन कब्जा करने की धमकी दी गई है। बेटे के अज्ञात स्थान पर होने से परिवार को भारी आर्थिक और मानसिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।

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देवराज मलिक ने बेटे आयुष को घर वापसी पर मिठाई खिलाई थी।

पुलिस ने शुरू की मामले की जांच शामली के पुलिस अधीक्षक (एसपी) नरेंद्र प्रताप सिंह ने इस पूरे घटनाक्रम पर स्थिति स्पष्ट की है। एसपी ने बताया कि आयुष के पिता देवराज मलिक का नया शिकायती पत्र प्राप्त हुआ है। पुलिस ने इन नए आरोपों से जुड़े सभी तथ्यों को मामले में पूर्व में दर्ज की गई एफआईआर में शामिल कर लिया है। पुलिस हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है।

हाईकोर्ट में आयुष ने रखा था अपना पक्ष इससे पहले 16 सितंबर को बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के तहत इलाहाबाद हाईकोर्ट में जस्टिस संदीप जैन की बेंच के सामने आयुष मलिक को पेश किया गया था। वहां बी.फार्मा पास आयुष ने अदालत को बताया था कि उसने वर्ष 2014 में बिना किसी दबाव या लालच के अपनी इच्छा से इस्लाम धर्म स्वीकार किया था। आयुष ने चांदनी कुरैशी से विवाह करने की इच्छा जताते हुए परिवार पर जून 2026 से घर में नजरबंद रखने का आरोप लगाया था। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आयुष को अपनी मर्जी से रहने और धर्म चुनने की आजादी दी थी। वहीं, कोर्ट में मौजूद पिता देवराज ने नजरबंदी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा था कि उनके बेटे का पूरी तरह से 'ब्रेनवाश' कर दिया गया है।

धर्मांतरण मामले का क्या है पिछला घटनाक्रम? इस विवाद की शुरुआत योग साधना आश्रम के महंत स्वामी यशवीर के एक वीडियो से हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि चांदनी कुरैशी ने दवा कारोबारी के बेटे को फंसाकर पूरे परिवार का धर्म बदलवा दिया है। हिंदू संगठनों के कड़े विरोध के बाद पुलिस ने चांदनी, उसके पिता इस्लाम कुरैशी और तीन मौलवियों सहित 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। 7 जून को चांदनी और उसके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, जिन्हें करीब डेढ़ महीने बाद 24 जुलाई को अदालत से जमानत मिली थी।

इसके महज 15 दिन बाद आयुष ने पूजा-पाठ कर वापस हिंदू धर्म अपनाने का वीडियो जारी किया था। लेकिन 9 सितंबर को उसके दोस्त मोहम्मद सुल्तान ने हाईकोर्ट में नजरबंदी का आरोप लगाते हुए याचिका दायर कर दी, जिसके बाद 16 सितंबर की पेशी हुई और अब यह नया विवाद खड़ा हो गया है।

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