त्योहारी सीजन शुरू होने के साथ ही देश में Commercial LPG Price Hike ने होटल संचालकों और आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। 1 अक्टूबर 2026 से सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में भारी इजाफा किया है। देश के विभिन्न शहरों में यह बढ़ोतरी 60 रुपये से लेकर 71.50 रुपये तक दर्ज की गई है।

​कमर्शियल गैस के दाम बढ़ने का सीधा असर रेस्टोरेंट, होटल, ढाबे और कैफे संचालकों की लागत पर पड़ेगा। व्यावसायिक गैस महंगी होने से बाहर का खाना-पीना भी महंगा हो सकता है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस महीने 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

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​प्रमुख शहरों में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के नए रेट

तेल कंपनियों द्वारा जारी नई रेट लिस्ट के अनुसार, महानगरों और छोटे शहरों में कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में बड़ा बदलाव हुआ है:

  • ​दिल्ली: राजधानी में कीमतों में 62.50 रुपये का इजाफा हुआ है। इसके बाद नया रेट 2810 रुपये हो गया है, जो सितंबर में 2747.50 रुपये था।
  • ​पटना: बिहार की राजधानी में सबसे ज्यादा 71.50 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जिससे यहां सिलेंडर 3100.50 रुपये पर बिक रहा है।
  • ​मुंबई: आर्थिक राजधानी में 63 रुपये की बढ़त के साथ नई कीमत 2764 रुपये हो गई है।
  • ​चेन्नई: यहां 66.50 रुपये की तेजी आई है और ताजा रेट 2983 रुपये है।
  • ​लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी में 62.50 रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है। अब यहां रेट 2932.50 रुपये हो गया है।
  • ​लेह: लद्दाख के लेह में कमर्शियल सिलेंडर देश में सबसे महंगा है। 64.50 रुपये की बढ़ोतरी के बाद इसका दाम सीधे 3450 रुपये पर पहुंच गया है।

​घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में राहत

त्योहारों के समय आम जनता की रसोई का बजट सुरक्षित रखने के लिए 14.2 किलो वाले घरेलू लाल सिलेंडर की दरों को स्थिर रखा गया है। विभिन्न शहरों में इसके मौजूदा रेट इस प्रकार हैं:

  • ​दिल्ली: 942 रुपये
  • ​मुंबई: 941.50 रुपये
  • ​चेन्नई: 957.50 रुपये
  • ​लखनऊ: 979.50 रुपये
  • ​पटना: 1,031.50 रुपये
  • ​लेह: 1,179 रुपये

​उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को सब्सिडी

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) से जुड़े परिवारों को गैस की कीमतों से बड़ी राहत मिल रही है। इन लाभार्थियों को 14.2 किलो वाले घरेलू गैस सिलेंडर पर 300 रुपये की लक्षित सब्सिडी (Targeted Subsidy) सीधे उनके बैंक खाते में दी जाती है, जिससे उनके लिए वास्तविक लागत काफी कम हो जाती है।

​कैसे तय होते हैं गैस के दाम?

इंडियन ऑयल (IOCL) के अनुसार, भारत में एलपीजी की कीमतों का निर्धारण मुख्य रूप से दो अंतरराष्ट्रीय कारकों पर निर्भर करता है। पहला, ग्लोबल मार्केट में एलपीजी के औसत बेंचमार्क रेट और दूसरा, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये (विनिमय दर) की स्थिति। इन्हीं अंतरराष्ट्रीय प्रवृत्तियों के आधार पर हर महीने की पहली तारीख को कमर्शियल और घरेलू गैस के दाम संशोधित किए जाते हैं।

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