मेरठ। पर्यावरण सुरक्षा और लगातार घटते भूजल स्तर की वैश्विक चिंताओं के बीच मेरठ शहर में एक बेहद सकारात्मक और प्रेरक पहल देखने को मिली है। Swachhata Abhiyan APS Meerut के अंतर्गत, 1 अक्टूबर 2026 को आर्मी पब्लिक स्कूल (मेरठ छावनी) में एक वृहद 'स्वच्छता एवं जल संचय संवाद' का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। विद्यालय के ईको क्लब द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को प्रकृति के संरक्षण, उचित कचरा प्रबंधन और स्वच्छता के प्रति गंभीर रूप से जागरूक करना था। यह पूरी पहल भारत सरकार के 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान की मूल भावना पर आधारित रही।
पांच प्रमुख स्कूलों की हुई शानदार भागीदारी
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में केवल मेजबान स्कूल ही नहीं, बल्कि शहर के अन्य शिक्षण संस्थानों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आर्मी पब्लिक स्कूल मेरठ के अलावा बीबीएस शिशु मंदिर, रॉम्बस स्कूल, द आर्यन्स और ऋषभ अकादमी के लगभग 300 विद्यार्थी इस संवाद का हिस्सा बने। इन सभी छात्रों ने एक मंच पर आकर सामुदायिक सहभागिता का बेहतरीन उदाहरण पेश किया।

मुख्य अतिथि और स्कूल प्रबंधन का मिला मार्गदर्शन
इस भव्य आयोजन में मुख्यालय पश्चिमी उत्तर प्रदेश सब एरिया के स्टेशन कमांडर और आर्मी पब्लिक स्कूल मेरठ के चेयरमैन, ब्रिगेडियर संजीव कुमार सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उनकी उपस्थिति ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।

पूरा कार्यक्रम विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. (श्रीमती) रीटा गुप्ता के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस अभियान को सफल बनाने में उपप्रधानाचार्य श्रीमती सृष्टि स्नेहा राय, प्रशासनिक अधिकारी विंग कमांडर प्रवीण कुमार गौतम और प्रधानाध्यापिका श्रीमती ममता सिंह के निरंतर प्रोत्साहन और मार्गदर्शन ने एक अहम भूमिका निभाई।
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जल संरक्षण पर बिसलेरी इंटरनेशनल का विशेष सत्र
संवाद को अधिक व्यावहारिक और ज्ञानवर्धक बनाने के लिए कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत बिसलेरी इंटरनेशनल के प्रतिनिधियों ने भी अपनी विशेषज्ञता साझा की। बिसलेरी के सीएसआर (उत्तर) के क्षेत्रीय प्रमुख श्री विद्या भूषण और कार्यकारी सुश्री मुस्कान अग्रवाल ने छात्रों के साथ सीधा संवाद किया। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग, जल संरक्षण की आधुनिक तकनीकों और एक टिकाऊ (सस्टेनेबल) जीवनशैली अपनाने के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
'द लास्ट इंटरव्यू' नाटक ने दिया गहरा संदेश
कार्यक्रम के दौरान सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र विद्यालय के 'ईको वॉरियर्स' द्वारा प्रस्तुत किया गया एक खास पर्यावरणीय नाटक रहा। 'द लास्ट इंटरव्यू' नामक इस नाट्य प्रस्तुति के जरिए छात्रों ने पर्यावरण के हो रहे पतन और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन की भयावह तस्वीर पेश की। नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि यदि आज संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग नहीं किया गया, तो भविष्य कितना संकटग्रस्त हो सकता है। उपस्थित गणमान्य अतिथियों और शिक्षकों ने इस शानदार प्रस्तुति की जमकर सराहना की।
'एक पेड़ गुरुजन के नाम' और कचरा प्रबंधन
पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को केवल बातों तक सीमित न रखते हुए, कार्यक्रम में 'एक पेड़ गुरुजन के नाम' विशेष पौधारोपण अभियान भी चलाया गया। इसके माध्यम से यह स्पष्ट किया गया कि हर नागरिक को धरातल पर निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता है।
जागरूकता सत्र में विद्यार्थियों को 'कम उपयोग, पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण' (Reduce, Reuse, Recycle) के साथ-साथ स्रोत स्तर पर ही कचरा अलग करने (Waste Segregation) की ट्रेनिंग दी गई। छात्रों को यह भी संकल्प दिलाया गया कि वे अपने घर और आस-पड़ोस में एक 'पर्यावरण दूत' के रूप में काम करेंगे।
'श्रमदान' से सिखाया सामूहिक दायित्व
आयोजन को केवल स्कूल परिसर तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि इसे व्यापक समाज से जोड़ने के लिए 'श्रमदान और स्वच्छता अभियान' भी चलाया गया। '1 दिन, 1 घंटा, 1 साथ' की भावना को चरितार्थ करते हुए विद्यार्थियों ने खुद साफ-सफाई की। इससे यह संदेश मजबूती से गया कि स्वच्छता किसी एक व्यक्ति, सफाईकर्मी या सरकारी संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हम सभी का सामूहिक दायित्व है।
कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा, संकल्पना और समन्वय का कार्य ईको क्लब की प्रमुख सुश्री रेनू निम्मी द्वारा किया गया। उनके विशेष प्रयासों से विभिन्न स्कूल एक साझा मंच पर आ सके। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों द्वारा स्वच्छ परिवेश, जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन और प्रकृति की रक्षा के लिए आजीवन निरंतर प्रयास करने के एक दृढ़ संकल्प के साथ हुआ।
Sabse pehle comment karne wale banein.