Meerut News: मेरठ का भैंसाली बस अड्डा अब शहर के बाहर दो स्थानों पर स्थानांतरित किए जाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसे दो हिस्सों में बांटकर भूड़बराल और मोदीपुरम में नए बस अड्डे विकसित किए जा रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भूड़बराल बस अड्डे के लिए जमीन एनसीआरटीसी के नाम दर्ज हो चुकी है और इसके भवन का निर्माण नवंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

शहर के भीतर भैंसाली बस अड्डे पर अलग-अलग राज्यों और जनपदों से रोजाना 400 से अधिक बसों के आने की जानकारी दी गई है। नए बस अड्डों को शहर के बाहरी हिस्सों में विकसित करने की योजना का एक उद्देश्य बसों के शहर में प्रवेश से जुड़ी यातायात समस्या को कम करना है।

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भूड़बराल में 28,507 वर्ग मीटर जमीन

भूड़बराल बस अड्डे के लिए 28,507 वर्ग मीटर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक जिला प्रशासन ने इस जमीन को एनसीआरटीसी के नाम दर्ज कर दिया है। इसके लिए 95 किसान परिवारों को कुल 42 करोड़ रुपये का मुआवजा दिए जाने की जानकारी दी गई है।

भूड़बराल में प्रस्तावित बस अड्डा नमो भारत के शताब्दीनगर स्टेशन से सटी जमीन पर विकसित किया जाना है। इससे बस और नमो भारत सेवाओं के बीच यातायात संपर्क विकसित करने की योजना को भी आधार मिलेगा। एनसीआरटीसी की आधिकारिक जानकारी में शताब्दी नगर स्टेशन को नमो भारत और मेरठ मेट्रो नेटवर्क के हिस्से के रूप में दर्शाया गया है।

मोदीपुरम में भी जमीन का अधिग्रहण

मोदीपुरम बस अड्डे के लिए 11,848 वर्ग मीटर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस जमीन में छोटे-छोटे 80 से अधिक भूखंड शामिल हैं और मुआवजा वितरण की तैयारी की जा रही है।

दोनों बस अड्डों के लिए भूड़बराल, पल्हैड़ा, दुल्हेड़ा और सिवाया गांवों की जमीन ली जा रही है। स्रोत के अनुसार कुल क्षेत्रफल करीब 40 हजार वर्ग मीटर है। गांववार विवरण में भूड़बराल के लिए भूड़बराल तथा मोदीपुरम के लिए सिवाया, पल्हैड़ा और दुल्हेड़ा की भूमि शामिल है।

एनसीआरटीसी ने शुरू की निर्माण प्रक्रिया

एनसीआरटीसी के जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स के हवाले से उपलब्ध जानकारी में कहा गया है कि भूड़बराल और मोदीपुरम दोनों स्थानों पर भवन निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। भूड़बराल बस अड्डे के लिए नवंबर 2027 की समय सीमा तय की गई है, जबकि मोदीपुरम बस अड्डे के निर्माण की समय सीमा बाद में घोषित किए जाने की बात कही गई है।

सरकारी ई-टेंडर रिकॉर्ड में भी एनसीआरटीसी की ओर से मेरठ साउथ और मोदीपुरम नमो भारत स्टेशनों के पास UPSRTC बस टर्मिनल और डिपो के निर्माण तथा मेरठ में अन्य स्थानों पर बस शेल्टर से जुड़े कार्य का टेंडर दर्ज है। इसका प्रकाशन मई 2026 में हुआ था।

शहर के यातायात पर पड़ेगा असर

योजना पूरी होने के बाद भैंसाली बस अड्डे की बस सेवाओं को बाहरी क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जाएगा। इससे शहर के अंदर आने वाली रोडवेज बसों के दबाव में कमी लाने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि दोनों नए बस अड्डों के पूरी तरह तैयार होने और संचालन शुरू होने की स्थिति निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

इस तरह Meerut News में भैंसाली बस अड्डे का स्थानांतरण शहर के परिवहन ढांचे से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं में शामिल है। फिलहाल भूड़बराल के लिए नवंबर 2027 का निर्माण लक्ष्य सामने है, जबकि मोदीपुरम बस अड्डे की निर्माण समयसीमा की घोषणा बाकी है।

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