मेरठ: भागदौड़ भरी जिंदगी और कंक्रीट के जंगलों के बीच, मेरठ का गांधीबाग (Gandhi Bagh) शहरवासियों के लिए हमेशा से सुकून का एक बड़ा केंद्र रहा है। सुबह की ताजी हवा खाने वाले मॉर्निंग वॉकर्स हों या वीकेंड पर परिवार के साथ समय बिताने वाले लोग, गांधीबाग हमेशा से सबकी पहली पसंद रहा है। अब आपकी इसी पसंदीदा जगह पर 'सेहत की सैर' के साथ-साथ 'मनोरंजन का शानदार तड़का' भी लगने वाला है।READ ALSO:-बिजनौर पुलिस का बड़ा एक्शन: धारुपुर रोड पर चाकू और डंडों से हुए खौफनाक जानलेवा हमले का 48 घंटे में पर्दाफाश, शातिर हमलावर सलाखों के पीछे
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मेरठ छावनी परिषद (Meerut Cantonment Board) ने पार्क में आने वाले पर्यटकों, विशेषकर बच्चों के अनुभव को और अधिक मनोरंजक और यादगार बनाने के लिए खास इंतजाम किए हैं। जल्द ही गांधीबाग में आपको एक खूबसूरत टॉय ट्रेन छुक-छुक करती हुई नजर आएगी और बच्चे बुल राइड (Bull Ride) पर अपना संतुलन आजमाते हुए दिखेंगे।
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रंग-बिरंगे फाउंटेन का चक्कर लगाएगी 'टॉय ट्रेन', जानें इसकी खासियतें
\r\n\r\nगांधीबाग का क्षेत्रफल काफी बड़ा है और अक्सर छोटे बच्चे पूरे पार्क में पैदल घूमते-घूमते थक जाते हैं। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए और पार्क में एक नया आकर्षण जोड़ने के लिए यह टॉय ट्रेन (Toy Train) लाई गई है।
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इस टॉय ट्रेन की कई खास बातें हैं जो इसे बच्चों के लिए बेहद सुरक्षित और आकर्षक बनाती हैं:
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- \r\n पर्यावरण के अनुकूल (Eco-Friendly): गांधीबाग अपनी हरियाली और शुद्ध हवा के लिए जाना जाता है। इस बात का पूरा ध्यान रखा गया है कि यहां का पर्यावरण प्रदूषित न हो। इसलिए यह टॉय ट्रेन पूरी तरह से इलेक्ट्रिक या बैटरी (Battery Operated) से चलने वाली होगी। इससे न तो धुआं निकलेगा और न ही शोर-शराबा होगा।\r\n \r\n
- \r\n कितनी होंगी सवारियां: टॉय ट्रेन का आकार जानबूझकर छोटा और आकर्षक रखा गया है। इसमें कुल तीन खूबसूरत कोच (डिब्बे) लगाए गए हैं। प्रत्येक कोच में 4 लोगों के बैठने की आरामदायक व्यवस्था है। इस तरह एक बार में कुल 12 सवारियां (बच्चे और उनके अभिभावक) इस ट्रेन का आनंद ले सकेंगे।\r\n \r\n
- \r\n किफायती टिकट (Ticket Price): छावनी परिषद ने इस टॉय ट्रेन का शुल्क आम जनता की जेब को ध्यान में रखते हुए बेहद किफायती रखा है। गांधीबाग में बने खूबसूरत और कलरफुल फाउंटेन (रंगीन फव्वारे) के दो चक्कर लगाने के लिए मात्र 30 रुपये का शुल्क तय किया गया है।\r\n \r\n
- \r\n धीमी गति और सुरक्षित सफर: यह ट्रेन बहुत ही कम गति (Slow Speed) से चलेगी ताकि सुरक्षा बनी रहे और लोग आराम से गांधीबाग के हरित और खूबसूरत रास्तों के नजारों का आनंद ले सकें।\r\n \r\n
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बाल उद्यान में उतरेगी ट्रेन, फिर शुरू होगा 'बुल राइड' का रोमांच
\r\n\r\nटॉय ट्रेन की यात्रा का समापन पार्क के बाल उद्यान (Children's Park) के पास होगा। टॉय ट्रेन पूरे गांधीबाग के खूबसूरत रास्तों से घुमाते हुए पर्यटकों को सीधे बाल उद्यान के पास छोड़ेगी। बाल उद्यान पर उतरने के बाद बच्चों के मनोरंजन के लिए एक और बड़ा आकर्षण इंतजार कर रहा होगा— रोमांचक बुल राइड (Bull Ride)।
\r\n\r\nआजकल बड़े-बड़े शॉपिंग मॉल्स या एम्यूजमेंट पार्कों में दिखने वाली बुल राइड अब सीधे गांधीबाग में उपलब्ध होगी।
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- \r\n क्या है बुल राइड?: यह एक तरह का एडवेंचरस स्पोर्ट्स और सिमुलेटर गेम (Simulator Game) है। इसमें एक इलेक्ट्रॉनिक रूप से संचालित कृत्रिम बैल (Artificial Bull) होता है।\r\n \r\n
- \r\n कैसे करता है काम?: इस कृत्रिम बैल के ऊपर व्यक्ति को बैठकर अपना संतुलन (Balance) बनाना होता है। जैसे ही राइड शुरू होती है, मशीन ऑपरेटर द्वारा इस बैल को असली बैल की तरह हिचकोले खाने और गोल-गोल घूमने का निर्देश दिया जाता है। राइडर को खुद को गिरने से बचाना होता है।\r\n \r\n
- \r\n सुरक्षा का पूरा इंतजाम: बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा गया है। इस इलेक्ट्रॉनिक बैल के चारों ओर और ठीक नीचे एक बेहद नरम, फुलाया हुआ बड़ा गद्दा (Inflatable Mattress) बिछाया गया है। इसका फायदा यह है कि जब व्यक्ति या बच्चा संतुलन खोकर बैल से नीचे गिरता है, तो उसे किसी भी प्रकार की कोई चोट नहीं लगती और वह हंसते-खेलते हुए गद्दे पर बाउंस करता है।\r\n \r\n
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15 अगस्त के बाद मिलेगी यह खास सौगात
\r\n\r\nइस नई पहल को जमीन पर उतारने के लिए छावनी परिषद (Cantt Board) ने पहले ही ठेका (Tender) छोड़ दिया है। अनुबंधित ठेकेदार ने गांधीबाग परिसर में टॉय ट्रेन और बुल राइड की लगभग सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं।
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देश के स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त के बाद से यह दोनों सुविधाएं विधिवत रूप से आम जनता के लिए शुरू कर दी जाएंगी। कैंट बोर्ड के प्रेस प्रवक्ता जयपाल सिंह तोमर ने इस खबर की पुष्टि करते हुए बताया है कि ठेकेदार को टॉय ट्रेन और अन्य सुविधाएं जल्द से जल्द सुचारू रूप से चलवाने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
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पहले से मौजूद है बोटिंग का मजा
\r\n\r\nगांधीबाग सिर्फ टॉय ट्रेन या बुल राइड तक सीमित नहीं है। यहां का खूबसूरत तालाब और उसमें होने वाली नौकायन (Boating) पहले से ही पर्यटकों के बीच खासी लोकप्रिय रही है। वीकेंड्स पर यहां अक्सर परिवारों की भारी भीड़ देखी जाती है जो बोटिंग का लुत्फ उठाने आते हैं। अब बोटिंग के साथ-साथ टॉय ट्रेन और बुल राइड के जुड़ जाने से गांधीबाग एक 'कम्प्लीट फैमिली एंटरटेनमेंट पैकेज' बन जाएगा।
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डिजिटल दुनिया से दूर, प्रकृति के करीब
\r\n\r\nआज के डिजिटल युग में जहां बच्चे अपना ज्यादातर समय मोबाइल फोन, लैपटॉप या टीवी स्क्रीन के सामने बिता रहे हैं, वहीं गांधीबाग में शुरू होने वाली ये नई सुविधाएं उन्हें घर से बाहर निकलने और प्रकृति के करीब आने के लिए प्रेरित करेंगी। पार्कों में खेलना और फिजिकल एक्टिविटीज (Physical Activities) करना बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बेहद जरूरी है। टॉय ट्रेन और बुल राइड जैसी गतिविधियां न सिर्फ उनका मनोरंजन करेंगी, बल्कि उनके भीतर एक नई ऊर्जा का संचार भी करेंगी।
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मेरठ छावनी परिषद का यह कदम शहर के पर्यटन और स्थानीय मनोरंजन के लिहाज से बेहद सराहनीय है। मात्र 30 रुपये के मामूली खर्च में टॉय ट्रेन का सफर और मॉल जैसी बुल राइड का मजा यकीनन बच्चों के चेहरों पर एक बड़ी मुस्कान लेकर आएगा। तो तैयार हो जाइए, 15 अगस्त के बाद अपने परिवार और बच्चों के साथ गांधीबाग की इस नई और सुहावनी सैर का गवाह बनने के लिए!