मेरठ (Meerut News): मानसून की पहली ही मूसलाधार बारिश ने मेरठ नगर निगम के उन तमाम दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं, जिनमें जलभराव से निपटने और नालों की सफाई की पुख्ता तैयारियों की बात कही गई थी। शहर में महज छह घंटे की बारिश ने ऐसा कहर बरपाया कि कई इलाके टापू में तब्दील हो गए। इसी बदइंतजामी और लापरवाही के बीच शहर के टीपी नगर (TP Nagar) थाना क्षेत्र में एक बेहद खौफनाक हादसा होते-होते टल गया। यहां दिल्ली रोड स्थित मेवला पुल के नीचे भरे भारी बारिश के पानी और उफनाते नाले में एक फ्लिपकार्ट (Flipkart) डिलीवरी बॉय की बाइक बह गई। गनीमत यह रही कि युवक ने किसी तरह जद्दोजहद करके अपनी जान बचा ली।READ ALSO:-यूपी में मानसून का 'महासंग्राम': 68 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, मेरठ-हाथरस में उफनाए नाले, सड़कों पर तैरती दिखीं गाड़ियां!
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सड़क और नाले के बीच मिट गया था फर्क प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सोमवार देर शाम की है। टीपी नगर क्षेत्र की नई बस्ती के रहने वाले मनोज फ्लिपकार्ट कंपनी में डिलीवरी बॉय के तौर पर काम करते हैं। सोमवार शाम को जब वह अपनी होंडा शाइन (Honda Shine) बाइक से ग्राहकों के ऑर्डर की डिलीवरी देने के लिए निकले थे, तब शहर में भारी बारिश हो रही थी।
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जब मनोज मेवला पुल के नीचे से गुजर रहे थे, तो वहां हालात बेहद डरावने थे। पुल के नीचे भारी जलभराव था और पास से गुजरने वाला बड़ा नाला पूरी तरह से ओवरफ्लो होकर सड़क पर बह रहा था। गंदे पानी का सैलाब इतना ज्यादा था कि सड़क और नाले के बीच का अंतर ही खत्म हो गया था। पानी की गहराई का अंदाजा न लगा पाने के कारण मनोज अपनी बाइक समेत नाले के तेज बहाव की चपेट में आ गए।
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आंखों के सामने तेज बहाव में समा गई 'होंडा शाइन' हादसा इतना अचानक हुआ कि मनोज को संभलने का मौका ही नहीं मिला। देखते ही देखते उनकी होंडा शाइन बाइक नाले के तेज और गहरे बहाव में समा गई। जान पर बन आती देख मनोज ने गजब की हिम्मत दिखाई और किसी तरह खुद को पानी के तेज बहाव से बाहर निकाला। अगर मनोज ने तुरंत फुर्ती न दिखाई होती, तो वह भी बाइक के साथ नाले के गहरे पानी में बह सकते थे और एक बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता था।
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JCB मशीन से हुई तलाश, पर नहीं मिला सुराग घटना की सूचना जैसे ही आस-पास के लोगों ने पुलिस को दी, तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन में टीपी नगर थाना पुलिस और नगर निगम की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। नगर निगम की टीम ने भारी भरकम जेसीबी (JCB) मशीन मंगवाकर नाले में डूबी बाइक की तलाश शुरू की। घंटों तक नाले के गहरे और गंदे पानी में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि राहत कार्य में लगातार बाधा आ रही थी। काफी प्रयासों और मशक्कत के बावजूद मनोज की बाइक का कोई अता-पता नहीं चल सका।
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स्थानीय लोगों में नगर निगम के खिलाफ भारी आक्रोश इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों और राहगीरों में नगर निगम प्रशासन के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि यह कोई पहली बार नहीं है; हर साल बारिश के मौसम में मेवला पुल के नीचे जलभराव की यही खौफनाक स्थिति बन जाती है। नाला ओवरफ्लो होने से पूरी सड़क पानी में डूब जाती है और हादसों का खतरा 24 घंटे मंडराता रहता है।
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स्थानीय लोगों ने नगर निगम से अपील की है कि इस समस्या का कोई स्थायी समाधान निकाला जाए। सिर्फ मानसून से पहले कागजी खानापूर्ति करने के बजाय, धरातल पर ड्रेनेज सिस्टम को ठीक किया जाए और खुले नालों के किनारे सुरक्षा दीवार या बैरिकेडिंग की जाए, ताकि भविष्य में किसी की जान के साथ खिलवाड़ न हो। यह घटना एक बार फिर स्मार्ट सिटी की रेस में दौड़ रहे मेरठ शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोलती है।
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