लखनऊ (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश में भीषण उमस और चिलचिलाती गर्मी का दौर अब खत्म हो चुका है। आसमान में छाई काली घटाओं और तेज हवाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मानसून एक बार फिर अपने पूरे शबाब पर है। रविवार की सुबह से ही यूपी के मौसम ने अचानक करवट ली और देखते ही देखते कई जिलों में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया।READ ALSO:-बिजली के बिल या खराब मीटर ने बढ़ाई है टेंशन? यूपी में पूरे अगस्त लगेंगे 'समाधान कैंप', WhatsApp से भी होगा निपटारा
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यह बारिश जहां एक ओर झुलसती गर्मी से राहत और सूखती फसलों के लिए 'अमृत' बनकर आई है, वहीं दूसरी ओर तराई और खादर क्षेत्रों के लिए यह 'आफत' में तब्दील हो गई है। पहाड़ों पर हो रही निरंतर बारिश का सीधा असर यूपी के मैदानी इलाकों में बहने वाली नदियों पर पड़ रहा है। गंगा, सरयू और घाघरा जैसी प्रमुख नदियां खतरे के निशान को छूने को बेताब हैं।
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आइए, मौसम विभाग की चेतावनी, बाढ़ के मंडराते खतरे और प्रदेश के विभिन्न जिलों में बारिश के मौजूदा हालात पर विस्तार से नजर डालते हैं।
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मौसम विभाग का 'महा-अलर्ट': 6-7 अगस्त तक पूरे प्रदेश में झमाझम बारिश
\r\n\r\nलखनऊ मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, मानसून की ट्रफ रेखा (Monsoon Trough) बड़ी तेजी से उत्तर प्रदेश की तरफ खिसक रही है। इसके परिणामस्वरूप मानसूनी गतिविधियों में जबरदस्त इजाफा देखने को मिल रहा है।
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- \r\n 75 जिलों में बारिश की चेतावनी: मौसम विभाग ने सोमवार (आने वाले कल) के लिए प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश की संभावना जताई है।\r\n \r\n
- \r\n आज का अलर्ट: रविवार को प्रदेश के 57 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया, जिनमें से 8 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।\r\n \r\n
- \r\n 6-7 अगस्त तक रहेगा प्रभाव: मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 6 और 7 अगस्त तक पूरे प्रदेश में जोरदार और व्यापक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।\r\n \r\n
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'सचेत' ऐप से चेतावनी: 3 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, घर से बाहर न निकलें
\r\n\r\nआपदा प्रबंधन के 'सचेत' (Sachet) ऐप के माध्यम से उत्तर प्रदेश के तीन अति-संवेदनशील जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है।
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- \r\n बलरामपुर\r\n \r\n
- \r\n श्रावस्ती\r\n \r\n
- \r\n सिद्धार्थनगर\r\n \r\n
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इन जिलों के कई इलाकों में अगले 24 घंटों के भीतर भारी से अत्यधिक भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rain) होने के आसार हैं। जिला प्रशासन ने स्थानीय निवासियों से विशेष अपील की है कि वे बिना किसी अत्यंत आवश्यक कार्य के अपने घरों से बाहर न निकलें। निचले और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखें तथा मौसम विभाग व प्रशासन द्वारा दी जा रही हर सलाह का कड़ाई से पालन करें।
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नदियों का रौद्र रूप: बिजनौर से वाराणसी तक बाढ़ का खौफ
\r\n\r\nउत्तराखंड और नेपाल के पहाड़ों पर बादलों के फटने और मूसलाधार बारिश का सारा पानी यूपी की नदियों में समा रहा है। इस समय गंगा, घाघरा और सरयू समेत प्रदेश की 10 प्रमुख नदियां उफान पर हैं।
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- \r\n बिजनौर में जलप्रलय जैसे हालात: बिजनौर के चांदपुर खादर इलाके में गंगा नदी उग्र हो चुकी है। नदी का मटमैला पानी 6 से अधिक गांवों के भीतर घुस चुका है। जलस्तर इतना बढ़ गया है कि लगभग 12 गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से पूरी तरह कट गया है। सड़कों और संपर्क मार्गों पर 3 से 4 फीट तक पानी तेज बहाव के साथ बह रहा है। गंगा के पुल के पास बहसूमा-ठाकुरद्वारा स्टेट हाईवे पर भी नदी का पानी बहने लगा है। ग्रामीण कमर तक भरे पानी में अपनी जान जोखिम में डालकर 'ट्रैक्टर-ट्रॉली' और 'बैलगाड़ियों' के सहारे आवाजाही करने को मजबूर हैं।\r\n \r\n
- \r\n वाराणसी में घाट डूबे, मंदिरों में घुसा पानी: आध्यात्मिक नगरी काशी (वाराणसी) में भी गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पानी के उफान के कारण कई प्रमुख घाटों की सीढ़ियां पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। किनारों पर बने लगभग 50 से 60 छोटे-बड़े मंदिरों के गर्भगृह तक में पानी प्रवेश कर गया है, जिससे दैनिक पूजा-पाठ और श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हुई है।\r\n \r\n
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(बाढ़ और बारिश के बीच बाराबंकी से एक हैरान करने वाली घटना भी सामने आई, जहां जंगलों में पानी भरने के कारण एक विशाल अजगर रिहायशी इलाके के करीब आ गया और एक हिरन को निगल गया। यह घटना दर्शाती है कि जलभराव से वन्यजीवों का जीवन भी कितना प्रभावित हो रहा है।)
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शहरों का हाल: एनसीआर से लेकर पूर्वांचल तक राहत की फुहारें
\r\n\r\nरविवार को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग-अलग लेकिन सुहावना रहा।
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- \r\n नोएडा और गाजियाबाद (NCR) में झमाझम बारिश: दोपहर बाद अचानक दिल्ली-एनसीआर के मौसम ने करवट ली। गाजियाबाद के राजनगर और आसपास के इलाकों में तेज बारिश हुई। वहीं नोएडा के सेक्टर-116 सहित कई इलाकों में दोपहर करीब 3 बजे काले बादल छा गए और तेज बारिश शुरू हो गई। वीकेंड पर हुई इस बारिश ने लोगों को उमस भरी चिपचिपी गर्मी से बड़ी राहत दी।\r\n \r\n
- \r\n बलिया में 13 दिन बाद बरसे बदरा: पूर्वांचल के बलिया जिले में पिछले 13 दिनों से किसान आसमान की तरफ टकटकी लगाए बैठे थे। रविवार को उनकी प्रार्थनाएं कबूल हुईं और दोपहर करीब 2:45 बजे से जोरदार बारिश शुरू हो गई। इस बारिश से धान की सूखती फसलों को संजीवनी मिली है। बारिश के बाद जिले का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से लुढ़ककर 31 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है।\r\n \r\n
- \r\n संभल में जलभराव और ओले की चेतावनी: पश्चिमी यूपी के संभल शहर और 25 से अधिक ग्रामीण अंचलों में रविवार को करीब एक घंटे तक झमाझम बरसात हुई। महज एक घंटे में यहां 10 मिमी बारिश दर्ज की गई। 20 किमी/घंटा की रफ्तार से चली ठंडी हवाओं ने तापमान को 5 डिग्री सेल्सियस तक नीचे गिरा दिया (तापमान 30 डिग्री पर आ गया)। लगातार बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया है। यहां मौसम विभाग ने ओलावृष्टि की भी आशंका जताई है।\r\n \r\n
- \r\n अन्य जिले: सुबह के समय देवरिया, अंबेडकर नगर और जौनपुर में झमाझम बारिश हुई, जबकि गोरखपुर, लखनऊ और कानपुर समेत 30 से अधिक जिलों में पूरे दिन आसमान में घने काले बादल छाए रहे और रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही।\r\n \r\n
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आंकड़ों की जुबानी: पिछले 24 घंटे में कहां हुई कितनी बारिश?
\r\n\r\nमौसम विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में उत्तर प्रदेश के 34 जिलों में मानसून मेहरबान रहा। बारिश के सबसे प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:
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- \r\n सिद्धार्थनगर: 73.8 मिमी (प्रदेश में सर्वाधिक)\r\n \r\n
- \r\n महराजगंज: 23.1 मिमी\r\n \r\n
- \r\n कासगंज: 23.0 मिमी\r\n \r\n
- \r\n बलरामपुर: 16.8 मिमी\r\n \r\n
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उत्तर प्रदेश में मानसून का यह दूसरा चरण खेती-किसानी के लिए भले ही वरदान साबित हो रहा हो, लेकिन शहरी जलभराव और खादर इलाकों में बाढ़ का खतरा प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। अगले 72 घंटे मौसम के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं। ऐसे में आम जनता से यह अपेक्षा की जाती है कि वे जलभराव वाले रास्तों का प्रयोग करने से बचें, बिजली के खंभों व जर्जर इमारतों से दूर रहें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत जिला हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें।
Sabse pehle comment karne wale banein.