ग्रेटर नोएडा (Crime & Investigative Desk): उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में महिला और बाल अपराधों पर 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) नीति का एक और बड़ा उदाहरण ग्रेटर नोएडा में देखने को मिला है। इकोटेक-3 (Ecotech-3) थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हल्दोनी गांव में एक 6 साल की बच्ची के अपहरण, कथित रेप और हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था। लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए न सिर्फ 24 घंटे के भीतर आरोपी को धर दबोचा, बल्कि जब उसने भागने की कोशिश की, तो उसे पुलिस मुठभेड़ (Police Encounter) में मार गिराया।
\r\n\r\nइस जघन्य अपराध ने हर किसी की रूह कंपा दी थी। पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था, लेकिन पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने इलाके के लोगों को न्याय का एहसास कराया है।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n\r\nथाना इकोटेक-3 पुलिस व 06 वर्षीय बच्ची के हत्यारोपी अभियुक्त के मध्य हुई मुठभेड़ में अभियुक्त घायल/गिरफ्तार, अभियुक्त को उपचार के दौरान चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित किया गया। कब्जे से अवैध पिस्टल व कारतूस बरामद।
\r\n— POLICE COMMISSIONERATE GAUTAM BUDDH NAGAR (@noidapolice) August 29, 2026
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मिठाई की दुकान, लापता बच्ची और तालाब किनारे मिली लाश
\r\n\r\nइस खौफनाक वारदात की शुरुआत शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 की दोपहर को हुई। पीड़ित परिवार हल्दोनी गांव में ही एक मिठाई की दुकान चलाता है। परिवार अपने काम में व्यस्त था, तभी दोपहर के समय उनकी 6 साल की मासूम बच्ची अचानक रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई।
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- \r\n तलाश और शिकायत: जब काफी देर तक बच्ची नहीं मिली, तो घबराए परिजनों ने आसपास के इलाके में छानबीन की। कोई सुराग न मिलने पर परिवार ने तुरंत इकोटेक-3 पुलिस स्टेशन पहुंचकर अपनी मासूम के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई।\r\n \r\n
- \r\n दर्दनाक अंत: पुलिस ने फौरन एक्शन लेते हुए कई टीमें गठित कीं और सर्च ऑपरेशन शुरू किया। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। शनिवार, 29 अगस्त की सुबह गांव के ही एक तालाब के पास से एक बच्ची का शव बरामद हुआ। शव की शिनाख्त लापता बच्ची के रूप में हुई, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। शुरुआती जांच में ही मासूम के साथ दरिंदगी (कथित रेप) और उसके बाद हत्या की बात सामने आने लगी थी।\r\n \r\n
जांच का दायरा: CCTV और 'किरायेदार' का खौफनाक सच
\r\n\r\nबच्ची का शव मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपनी जांच तेज कर दी। हत्यारे तक पहुंचने के लिए इलाके के सभी सीसीटीवी (CCTV) कैमरों को खंगाला गया और स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई।
\r\n\r\nजांच के दौरान पुलिस को दो संदिग्धों की पहचान हुई। इनमें से मुख्य संदिग्ध 40 साल का एक शख्स निकला। चौंकाने वाली बात यह थी कि यह दरिंदा कोई बाहरी नहीं, बल्कि बच्ची के चाचा के घर पर रहने वाला किरायेदार था। जिस बच्ची ने उसे हमेशा अपने घर के आसपास देखा था, उसी ने भरोसे का खून करते हुए इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जांचकर्ता अभी भी एक दूसरे संदिग्ध और परिवार के ही एक सदस्य की संभावित भूमिका (Role) की बारीकी से जांच कर रहे हैं।
\r\n\r\nएनकाउंटर की पूरी कहानी: कैसे ढेर हुआ दरिंदा?
\r\n\r\nCCTV फुटेज और मुखबिरों से मिली पुख्ता जानकारी के आधार पर पुलिस ने शनिवार दोपहर को 40 वर्षीय मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस की सख्ती के आगे वह टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
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- \r\n हथियार की बरामदगी: पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार को एक पुलिस चौकी के पास घनी झाड़ियों में छिपा रखा है।\r\n \r\n
- \r\n क्राइम सीन पर हमला: शनिवार को जब पुलिस टीम आरोपी को लेकर हथियार बरामद करने और 'क्राइम सीन रीक्रिएट' (Crime Scene Recreation) करने के लिए उस जगह पहुंची, तो आरोपी ने मौके का फायदा उठाने की कोशिश की। उसने अचानक पुलिसकर्मियों को जोर से धक्का दिया और झाड़ियों में छिपाई हुई पिस्तौल निकालकर पुलिस टीम पर सीधी फायरिंग शुरू कर दी।\r\n \r\n
- \r\n जवाबी कार्रवाई (Self-Defense): आरोपी की फायरिंग में पुलिस का एक कॉन्स्टेबल गोली लगने से घायल हो गया। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा (Self-defense) में जवाबी फायरिंग की। इस एनकाउंटर में आरोपी को कई गोलियां लगीं और वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा।\r\n \r\n
- \r\n मौत: पुलिस तुरंत घायल कॉन्स्टेबल और लहूलुहान आरोपी को नजदीकी अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने आरोपी को मृत घोषित कर दिया। घायल पुलिसकर्मी का इलाज अभी जारी है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।\r\n \r\n
वायरल CCTV फुटेज: रोंगटे खड़े कर देने वाला मंजर
\r\n\r\nइस पूरे मामले के बीच सोशल मीडिया पर एक सीसीटीवी फुटेज भी तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कथित तौर पर एक शख्स को मासूम बच्ची का पीछा करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो के दूसरे हिस्से में वही शख्स कंधे पर एक बोरी लादे हुए लौटता हुआ दिखाई दे रहा है। लोगों का मानना है कि दरिंदे ने बच्ची की हत्या के बाद उसके शव को उसी बोरे में छिपाकर तालाब के पास फेंका था। हालांकि, पुलिस ने अभी तक आधिकारिक रूप से इस वायरल फुटेज की सच्चाई की पुष्टि नहीं की है, लेकिन यह वीडियो इलाके में दहशत और गुस्से का कारण बना हुआ है।
\r\n\r\nआगे की कानूनी कार्रवाई और वीडियोग्राफी
\r\n\r\nबच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने एक विशेष मेडिकल पैनल (Medical Panel) का गठन किया है। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी पोस्टमार्टम प्रक्रिया की वीडियोग्राफी (Videography) कराई जा रही है।
\r\n\r\nपुलिस ने इस जघन्य अपराध के लिए नए आपराधिक कानूनों यानी भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कड़ी धाराओं और POCSO एक्ट (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेस) के तहत एफआईआर दर्ज की है। पुलिस यह भी सुनिश्चित कर रही है कि अगर इस अपराध में किसी और की भी संलिप्तता है, तो उसे भी बख्शा नहीं जाएगा।
\r\n\r\nग्रेटर नोएडा का यह मामला समाज में पनप रही उस विकृत मानसिकता को दर्शाता है जो छोटी-छोटी बच्चियों को अपना शिकार बनाती है। किरायेदार के रूप में घर में रहने वाले शख्स का यह घिनौना रूप भरोसे की हत्या है। हालांकि, यूपी पुलिस ने 24 घंटे के भीतर आरोपी को एनकाउंटर में ढेर करके अपराधियों को एक कड़ा संदेश दिया है कि बेटियों के खिलाफ अपराध करने वालों का हश्र बहुत भयानक होगा।
\r\n\r\nDisclaimer (डिस्क्लेमर):
\r\n\r\nयह न्यूज़ रिपोर्ट पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी, एफआईआर के तथ्यों और मीडिया में चल रही खबरों के आधार पर तैयार की गई है। पुलिस एनकाउंटर और वायरल सीसीटीवी फुटेज की जांच अभी उच्च स्तरीय अधिकारियों द्वारा की जा रही है। किसी भी अपराध में कानूनी प्रक्रिया और अदालत का फैसला ही अंतिम होता है। हमारा उद्देश्य केवल प्रामाणिक सूचना और समाचार आप तक पहुंचाना है।
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