मुजफ्फरनगर (विशेष रिपोर्ट): पवित्र सावन माह की कांवड़ यात्रा अब अपने अंतिम और सबसे संवेदनशील चरण में पहुंच चुकी है। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्यों की ओर बढ़ रहे शिवभक्तों के सैलाब से पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सड़कें पूरी तरह से गुलजार हैं। खासकर 'डाक कांवड़ियों' का विशाल जनसैलाब अब पूरे शबाब पर है। इसी बीच, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के हृदय स्थल कहे जाने वाले शिव चौक से एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से मुजफ्फरनगर पुलिस ने शिव चौक पर एक विशेष अभियान चलाते हुए दर्जनों डाक कांवड़ियों के पास से लाठी, डंडे, फरसे और अन्य धारदार या नुकीले सामान जब्त कर लिए हैं।READ ALSO:-बिजनौर में 'हर घर तिरंगा' और स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां तेज: DM ने कसी कमर, 15 अगस्त को नदारद रहने वाले कर्मचारियों की खैर नहीं!
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पुलिस की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई के बाद से कांवड़ मार्ग पर गश्त बढ़ा दी गई है। जब्त किए गए सभी सामानों को कोतवाली में जमा कराया जा रहा है, ताकि यात्रा के अंतिम चरण में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या आपसी विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो सके।
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अंतिम चरण में डाक कांवड़ियों की रफ्तार: सड़कों पर उमड़ा शिवभक्तों का सैलाब
\r\n\r\nसावन शिवरात्रि की जलाभिषेक तिथि पास आते ही सामान्य पैदल कांवड़ियों की संख्या में कमी आती है और 'डाक कांवड़' की गति बेहद तेज हो जाती है। डाक कांवड़ में भक्त वाहनों, मोटरसाइकिलों और गाड़ियों के काफिले के साथ बिना रुके, लगातार दौड़ते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं। मुजफ्फरनगर शहर का शिव चौक वह मुख्य चौराहा है, जहां से होकर दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पश्चिमी यूपी और मध्य प्रदेश जाने वाले लाखों कांवड़िये गुजरते हैं।
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मंगलवार सुबह से ही शिव चौक पर डाक कांवड़ियों का भारी हुजूम देखने को मिला। तेज आवाज में बजते DJ, 'हर-हर महादेव' के उद्घोष और हाथ में तिरंगे व धार्मिक ध्वजों के साथ शिवभक्तों की गाड़ियां लगातार गुजर रही थीं। हालांकि, इसी दौरान कई कांवड़िये हाथों में बड़े-बड़े लाठी-डंडे, लोहे की छड़ें और फरसे (पारंपरिक धारदार हथियार) लहराते हुए नजर आए। इसे देखते ही चौराहे पर मुस्तैद पुलिस महकमा तुरंत अलर्ट मोड में आ गया।
\r\n\r\n\r\n\r\nसुरक्षा को लेकर 'जीरो टॉलरेंस': पुलिस ने क्यों शुरू की यह कार्रवाई?
\r\n\r\nकांवड़ यात्रा के दौरान शासन और प्रशासन की ओर से पहले ही स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए थे कि यात्रा की आड़ में किसी भी प्रकार के असलहे, धारदार हथियार, लंबे लाठी-डंडे या नुकीली वस्तुएं ले जाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। डाक कांवड़ के दौरान अत्यधिक भीड़, वाहनों की तेज रफ्तार और उच्च ध्वनि वाले डीजे के कारण माहौल अक्सर काफी संवेदनशील हो जाता है।
\r\n\r\n\r\n\r\nअतीत की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए, मामूली बात पर होने वाली कहासुनी या विवाद को हिंसक रूप लेने से रोकने के लिए पुलिस ने यह कदम उठाया है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यदि कांवड़ियों के समूहों के पास लाठी-डंडे या फरसे जैसे उपकरण रहेंगे, तो किसी भी छोटी दुर्घटना या विवाद की स्थिति में इनका दुरुपयोग हो सकता है, जिससे शांति व्यवस्था भंग होने का खतरा पैदा हो सकता है। इसी के तहत 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाते हुए यह जब्ती अभियान शुरू किया गया।
\r\n\r\n\r\n\r\nशिव चौक पर चला सघन चेकिंग अभियान: कोतवाली भेजा जा रहा जब्त सामान
\r\n\r\nमंगलवार सुबह लगभग 11 बजे से शिव चौक पर तैनात पुलिस अधिकारियों और भारी पुलिस बल ने चौराहे पर बैरिकेडिंग कर चेकिंग शुरू कर दी। जैसे ही डाक कांवड़ियों के जत्थे शिव चौक की परिक्रमा करने या वहां से गुजरने के लिए पहुंचे, पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोककर उनके हाथों में मौजूद लाठी-डंडे और फरसे अपने कब्जे में लेना शुरू कर दिया।
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\r\n\r\n\r\nकार्रवाई के मुख्य बिंदु:
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\r\nसमय और स्थान: मंगलवार दोपहर 12 बजे तक शहर के अति-संवेदनशील शिव चौक पर कार्रवाई जारी रही।\r\n- \r\n
\r\nजब्ती के आंकड़े: दोपहर 12 बजे तक पुलिस कई दर्जनों मजबूत लकड़ी के डंडे, बांस और लोहे के फरसे जब्त कर चुकी थी।\r\n- \r\n
\r\nसुरक्षित भंडारण: जब्त किए गए सभी सामानों को पुलिस गाड़ियाँ में भरकर तुरंत स्थानीय नगर कोतवाली परिसर भेजा गया, जहां इन्हें अलग से दर्ज कर जमा कराया जा रहा है।\r\n- \r\n
\r\nशांतिपूर्ण जब्ती: पुलिसकर्मियों ने भक्तों को समझा-बुझाकर और यात्रा की मर्यादा का हवाला देते हुए बिना किसी बड़े विरोध के इन वस्तुओं को अपने कब्जे में लिया।\r\n
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ड्रोन और CCTV से रखी जा रही चप्पे-चप्पे पर नजर
\r\n\r\nडाक कांवड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मुजफ्फरनगर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह से हाई अलर्ट पर हैं। शिव चौक, जो कि कांवड़ मेला क्षेत्र का मुख्य केंद्र बिंदु है, वहां वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्वयं कमान संभाले हुए हैं।
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शहर के हर प्रवेश और निकास मार्ग पर अतिरिक्त पुलिस बल, पीएसी (PAC) और त्वरित कार्य बल (RAF) की तैनाती की गई है। इसके अलावा:
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- \r\n ड्रोन कैमरों द्वारा निगरानी: भीड़ के बीच संदिग्ध गतिविधियों या हथियारों/डंडों की मौजूदगी का पता लगाने के लिए आसमान से ड्रोन कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है।\r\n \r\n
- \r\n CCTV कंट्रोल रूम: शिव चौक और आसपास के 2 किलोमीटर के दायरे में लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड सीधे कंट्रोल रूम में देखी जा रही है।\r\n \r\n
- \r\n सादे कपड़ों में पुलिस बल: असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए कांवड़ियों के भेष में और सादे कपड़ों में भी खुफिया पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।\r\n \r\n
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प्रशासन की श्रद्धालुओं से अपील: "आस्था दिखाएं, उपद्रव से बचें"
\r\n\r\nमुजफ्फरनगर पुलिस प्रशासन ने इस कार्रवाई के साथ-साथ सभी कांवड़ संघों, डाक कांवड़ियों और शिवभक्तों से अपील भी जारी की है। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि भगवान शिव की भक्ति और कांवड़ यात्रा शांति, सौहार्द और पवित्रता का प्रतीक है। किसी भी शिवभक्त को दर्शन या जलाभिषेक करने से नहीं रोका जा रहा है, लेकिन यात्रा के दौरान सुरक्षा मानदंडों का पालन करना हर नागरिक का कर्तव्य है।
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प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लाठी-डंडे या फरसे जब्त करने का उद्देश्य किसी भी भक्त की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि उनकी खुद की सुरक्षा और यात्रा को निर्विघ्न संपन्न कराना है। पुलिस ने चेतावनी भी दी है कि यदि कोई व्यक्ति यात्रा की आड़ में हुड़दंग मचाने या कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने का प्रयास करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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कांवड़ यात्रा 2026 अपने अंतिम पड़ाव की ओर है और करोड़ों शिवभक्त पवित्र गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य के शिवालयों की ओर बढ़ रहे हैं। मुजफ्फरनगर के शिव चौक पर पुलिस द्वारा की गई यह समयबद्ध और सतर्कतापूर्ण कार्रवाई सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक बेहद जरूरी कदम मानी जा रही है। इस कदम से न केवल आम जनता और श्रद्धालुओं में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है, बल्कि कांवड़ यात्रा के निर्विघ्न और शांतिपूर्ण समापन की दिशा में भी बड़ा सहयोग मिला है।


