मेरठ: मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) ने शहर में पार्किंग की समस्या को लेकर अब तक का सबसे सख्त कदम उठाया है। गुरुवार को मंडलायुक्त डॉ. ऋषिकेश भास्कर यशोद की अध्यक्षता में हुई 129वीं बोर्ड बैठक में यह फैसला लिया गया कि अब नक्शे में पार्किंग दिखाकर उसे न बनाने वाले बिल्डरों की खैर नहीं। मेडा ने इसके लिए एक अनोखा 'FDR लॉक' सिस्टम लागू किया है, जिसके तहत निर्माणकर्ता को बतौर गारंटी लाखों रुपये जमा करने होंगे, जो पार्किंग न बनाने पर जब्त कर लिए जाएंगे।READ ALSO:-UP में 'नो HSRP, नो डिलीवरी' का डंडा! शोरूम मालिकों को अल्टीमेटम, नियम तोड़ा तो सस्पेंड होगा लाइसेंस
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
अब नक्शे से नहीं कर सकेंगे खिलवाड़, स्थलीय निरीक्षण के बाद ही वापस मिलेगी जमानत राशि
\r\n\r\n
अक्सर देखा जाता है कि बिल्डर और मकान मालिक बिल्डिंग का नक्शा तो पार्किंग समेत पास करा लेते हैं, लेकिन निर्माण के समय उस जगह का व्यावसायिक या अन्य इस्तेमाल कर लेते हैं, जिससे गाड़ियां सड़कों पर खड़ी होती हैं। इसी मनमानी को रोकने के लिए बोर्ड ने यह फैसला किया है।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    क्या है 'FDR लॉक' सिस्टम?: अब निर्माणकर्ता को अपनी प्रस्तावित वाहन पार्किंग के अनुसार फिक्स्ड डिपॉजिट रिसीट (FDR) जमा करानी होगी।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    दो श्रेणियां निर्धारित: दो वाहन पार्किंग तक ₹1.5 लाख की एफडीआर और इससे ज्यादा पार्किंग के लिए ₹5 लाख की भारी-भरकम एफडीआर जमा करनी होगी।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    कड़ी शर्त: मेडा उपाध्यक्ष संजय कुमार मीणा ने साफ किया, "अब नक्शे का शत-प्रतिशत पालन करना होगा।" निर्माण कार्य पूरा होने के बाद मेडा की टीम खुद मौके पर जाकर निरीक्षण करेगी। अगर पार्किंग नक्शे के अनुरूप पाई गई, तभी यह रकम वापस मिलेगी, अन्यथा इसे जब्त कर लिया जाएगा।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
शहर की रफ्तार को लगेंगे पंख, रिंग रोड के लिए PWD को ₹100 करोड़
\r\n\r\n
बैठक में शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। लंबे समय से अटके रिंग रोड प्रोजेक्ट को गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया।
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    मेडा देगा ₹100 करोड़: बोर्ड ने तय किया कि मेडा रिंग रोड के लिए भूमि अधिग्रहण के वास्ते लोक निर्माण विभाग (PWD) को ₹100 करोड़ की धनराशि देगा।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    अब PWD संभालेगा कमान: इस राशि के मिलने के बाद भूमि अधिग्रहण से लेकर निर्माण तक, प्रोजेक्ट का पूरा काम PWD की देखरेख में होगा, जिससे काम में तेजी आने की उम्मीद है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    जैन नगर लिंक रोड को भी हरी झंडी: इसके अलावा, जैन नगर लिंक रोड के एक रुके हुए हिस्से को भी अंतिम मंजूरी दे दी गई है, जिससे स्थानीय निवासियों को जाम से राहत मिलेगी।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
बेकार पड़ी जमीनों का बदलेगा भाग्य, शहर के 4 प्रमुख चौराहे भी बनेंगे हाईटेक
\r\n\r\n
शहरी नियोजन को बेहतर बनाने के लिए भी कई निर्णय लिए गए।
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    लैंड यूज़ पर मंथन: शहर में कई ऐसी पुरानी सरकारी जमीनें (जैसे पुराने डाकघर, बिजली घर) हैं, जो अब उपयोग में नहीं हैं। कमर्शियल होने के कारण वे नीलाम नहीं हो पा रही थीं। बोर्ड ने निर्देश दिया है कि मेडा और नगर निगम मिलकर इन जमीनों का आकलन करें और उनका लैंड यूज़ बदलने का प्रस्ताव तैयार करें ताकि उनका सही उपयोग हो सके।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    चौराहे बनेंगे स्मार्ट: शहर के सबसे व्यस्त चार चौराहों- साकेत, तेजगढ़ी, बच्चा पार्क और हापुड़ अड्डा को तकनीकी रूप से अपग्रेड किया जाएगा। इससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा और जाम की समस्या से निजात मिलेगी।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
बकायादारों को राहत, किसानों को आस: अन्य महत्वपूर्ण फैसले
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    OTS स्कीम बढ़ी: अनुरक्षण मदों से जुड़े बकाए के निपटारे के लिए चल रही वन-टाइम सेटलमेंट (OTS) स्कीम को दिसंबर 2025 तक बढ़ा दिया गया है, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    किसानों के मुआवजे का प्रस्ताव शासन को: किसानों की जमीन के मुआवजे को लेकर हुई वार्ता के आधार पर एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    नई प्रोजेक्ट यूनिट: मेडा के आने वाले नए प्रोजेक्ट्स के लिए एक नई विशेषज्ञ प्रोजेक्ट यूनिट को हायर करने का भी निर्णय लिया गया।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
यह बैठक शहर के सुनियोजित विकास और प्राधिकरण के नियमों को सख्ती से लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
विज्ञापन
विज्ञापन