मेरठ/हरदोई | विशेष संवाददाता
\r\n\r\nराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के उत्तर प्रदेश प्रवास के दौरान सुरक्षा में एक बड़ी और गंभीर चूक का मामला सामने आया है। गुरुवार को जब संघ प्रमुख देश की सबसे प्रीमियम ट्रेन 'वंदे भारत एक्सप्रेस' से लखनऊ से मेरठ का सफर तय कर रहे थे, तभी हरदोई जिले से गुजरते वक्त ट्रेन पर अज्ञात तत्वों द्वारा पथराव किया गया। यह हमला इतना जोरदार था कि ट्रेन के एक कोच की खिड़की का शीशा चकनाचूर हो गया। गनीमत यह रही कि जिस कोच को निशाना बनाया गया, संघ प्रमुख उससे ठीक पीछे वाले कोच में सवार थे और वे पूरी तरह सुरक्षित हैं।READ ALSO:-मेरठ मेट्रो: रविवार से भारत का 25वां मेट्रो शहर बनेगा मेरठ, दिल्ली रोड को मिलेगी भारी ट्रैफिक जाम से स्थायी मुक्ति, जानें पुलिस का पूरा मास्टरप्लान
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इस घटना ने वीवीआईपी सुरक्षा और देश की आधुनिक ट्रेनों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। देर रात भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मोहन भागवत मेरठ पहुंचे, जहां वे अगले तीन दिनों तक सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर खिलाड़ियों और प्रबुद्धजनों के साथ मैराथन संवाद करेंगे।
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आइए, इस पूरी घटना के क्रम, जांच की स्थिति, चश्मदीदों के बयानों और संघ प्रमुख के मेरठ एजेंडे पर विस्तार से नजर डालते हैं।
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कब, कहां और कैसे हुआ हमला?
\r\n\r\nयह घटना गुरुवार, 19 फरवरी की दोपहर की है। वाराणसी से नई दिल्ली के बीच चलने वाली अत्याधुनिक वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22435) अपने निर्धारित समय पर चल रही थी।
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- \r\n रवानगी: संघ प्रमुख मोहन भागवत लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार से दोपहर करीब 1:50 बजे इस ट्रेन में सवार होकर मेरठ के लिए रवाना हुए। उनके साथ संघ के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी और जेड प्लस श्रेणी का सुरक्षा दस्ता भी मौजूद था।\r\n \r\n
- \r\n घटनास्थल: ट्रेन लखनऊ से निकलकर हरदोई जिले की सीमा में प्रवेश कर चुकी थी। दोपहर करीब 3:20 बजे, जब ट्रेन कोतवाली देहात क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कौढ़ा गांव के पास बलोखर रेलवे फाटक से तेज गति से गुजर रही थी, तभी यह हादसा हुआ।\r\n \r\n
- \r\n हमले का क्षण: ट्रेन के कोच नंबर C4 (चेयर कार) की दाहिनी तरफ की खिड़की पर अचानक किसी भारी वस्तु से जोरदार प्रहार हुआ। यह प्रहार इतना तेज था कि धमाके जैसी आवाज हुई और मजबूत डबल-ग्लेज़्ड खिड़की का बाहरी शीशा पूरी तरह चटक गया और उसमें दरारें पड़ गईं।\r\n \r\n
- \r\n यात्रियों में दहशत: अचानक हुई तेज आवाज और कांच टूटने से कोच C4 में बैठे यात्रियों में खलबली मच गई। लोग अपनी सीटों से उठकर सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे। हालांकि, यह वंदे भारत ट्रेन थी जिसके कांच बेहद मजबूत होते हैं, इसलिए कांच टूटकर अंदर नहीं गिरा और कोई यात्री घायल नहीं हुआ।\r\n \r\n
- \r\n संघ प्रमुख की स्थिति: जानकारी के मुताबिक, सरसंघचालक मोहन भागवत जिस कोच में सवार थे, वह एग्जीक्यूटिव क्लास का कोच नंबर E1 था। पथराव की घटना उनके कोच से ठीक एक कोच आगे यानी C4 पर हुई थी। हमले की खबर तुरंत उनके सुरक्षा दस्ते तक पहुंची और वे अलर्ट मोड में आ गए।\r\n \r\n
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चश्मदीद का दावा: सुरक्षा कारणों से बदला गया भागवत का कोच
\r\n\r\nइस पूरी घटना के दौरान ट्रेन में मेरठ की कई हस्तियां भी सफर कर रही थीं। मेरठ के डिफेंस कॉलोनी निवासी और एक प्रत्यक्षदर्शी यात्री, सुनीता ने मीडिया से बातचीत में घटना की पुष्टि की और एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
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सुनीता ने बताया, "मैं भी उसी वंदे भारत एक्सप्रेस में सफर कर रही थी। जब मुझे जानकारी मिली कि हमारे साथ ट्रेन में पूजनीय सरसंघचालक मोहन भागवत जी भी यात्रा कर रहे हैं, तो मैं उनसे आशीर्वाद लेने उनके कोच E1 की तरफ गई। वे वहां अपनी सीट पर बैठे थे। मैंने दूर से ही हाथ जोड़कर उन्हें नमस्ते किया, जिसका उन्होंने भी अत्यंत विनम्रता के साथ हाथ जोड़कर प्रतिउत्तर दिया।"
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सुनीता ने घटना के बारे में बताया, "जिस कोच में भागवत जी बैठे थे, उससे ठीक आगे वाले कोच C4 पर पत्थर फेंका गया था। शीशा टूटने की आवाज काफी तेज थी। इसके कुछ ही देर बाद सुरक्षाकर्मियों ने एहतियात बरतते हुए मोहन भागवत जी का कोच बदलवा दिया। उन्हें सुरक्षा घेरे में लेकर ट्रेन के किसी अन्य सुरक्षित हिस्से में ले जाया गया। यह सब इतनी तेजी से हुआ कि बाकी यात्रियों को ज्यादा कुछ पता नहीं चल पाया।"
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जांच और पुलिसिया कार्रवाई: क्रिकेट की गेंद या साजिश?
\r\n\r\nवीवीआईपी ट्रेन पर पथराव की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF), राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) और हरदोई जिला पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।
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- \r\n तत्काल प्रतिक्रिया: ट्रेन के ऑन-बोर्ड स्टाफ ने तुरंत कंट्रोल रूम को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही हरदोई की कोतवाली देहात पुलिस सबसे पहले घटनास्थल (कौढ़ा गांव के पास) पर पहुंची। हालांकि, वंदे भारत जैसी हाई-स्पीड ट्रेन होने के कारण, ट्रेन तब तक घटनास्थल से काफी आगे निकल चुकी थी और उसे रोका नहीं गया।\r\n \r\n
- \r\n जीआरपी की थ्योरी: हरदोई जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीमें मामले की जांच कर रही हैं। जीआरपी फिलहाल घटना के पीछे दो प्रमुख संभावनाओं पर काम कर रही है:\r\n\r\n
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- \r\n पहला कारण (दुर्घटना): घटनास्थल के पास रेलवे ट्रैक के किनारे कुछ बच्चे अक्सर क्रिकेट खेलते हैं। जांच अधिकारियों को आशंका है कि खेलते समय किसी बल्लेबाज द्वारा मारा गया शॉट (क्रिकेट बॉल) सीधे ट्रेन की खिड़की से टकराया हो, जिससे यह हादसा हुआ।\r\n \r\n
- \r\n दूसरा कारण (शरारत/साजिश): दूसरी और अधिक गंभीर आशंका यह है कि ट्रैक के किनारे मौजूद कुछ शरारती तत्वों या बच्चों ने जानबूझकर ट्रेन को निशाना बनाकर पत्थर फेंका हो। वंदे भारत ट्रेनों पर देश के अलग-अलग हिस्सों में पहले भी पथराव की कई घटनाएं हो चुकी हैं, जिसे देखते हुए इस एंगल को भी गंभीरता से लिया जा रहा है।\r\n \r\n
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- \r\n पुलिस का बयान: हरदोई के क्षेत्राधिकारी (सीओ सिटी) अंकित मिश्रा ने बताया, "कौढ़ा गांव के पास घटना की सूचना मिली थी। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ट्रैक किनारे कुछ बच्चे खेल रहे थे। आशंका है कि गेंद टकराई हो या शरारतन पत्थर फेंका गया हो। हम सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं और स्थानीय ग्रामीणों से पूछताछ कर रहे हैं। अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।"\r\n \r\n
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मेरठ आगमन और अभेद्य सुरक्षा किला
\r\n\r\nहरदोई की घटना के बाद मोहन भागवत की सुरक्षा को लेकर मेरठ प्रशासन हाई अलर्ट पर आ गया।
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- \r\n आगमन: रात करीब 9:00 बजे वंदे भारत एक्सप्रेस मेरठ सिटी रेलवे स्टेशन पर पहुंची। ट्रेन के पहुंचने से पहले ही पूरा स्टेशन परिसर छावनी में तब्दील कर दिया गया था। प्लेटफार्म पर भारी संख्या में पुलिस बल, आरएएफ और सादे कपड़ों में खुफिया एजेंसियों के अधिकारी तैनात थे।\r\n \r\n
- \r\n ठहरने का स्थान: स्टेशन से उतरने के बाद संघ प्रमुख को कड़ी सुरक्षा के बीच शताब्दीनगर स्थित संघ के केंद्र 'माधवकुंज' ले जाया गया। वे अपने तीन दिवसीय मेरठ प्रवास के दौरान यहीं रात्रि विश्राम करेंगे। माधवकुंज और उसके आसपास के इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और बाहरी लोगों के प्रवेश पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।\r\n \r\n
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मेरठ प्रवास का एजेंडा: खिलाड़ियों से संवाद और सामाजिक मंथन
\r\n\r\nराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश हमेशा से एक महत्वपूर्ण क्षेत्र रहा है। मोहन भागवत का यह तीन दिवसीय मेरठ दौरा संगठनात्मक और सामाजिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। उनके कार्यक्रम की रूपरेखा इस प्रकार है:
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आज (20 फरवरी): खेल जगत के सितारों से सीधा संवाद
\r\n\r\nसंघ प्रमुख आज का दिन खेल जगत की हस्तियों के नाम करेंगे। उनका मानना है कि खेल न केवल शारीरिक विकास का माध्यम है, बल्कि यह चरित्र निर्माण, अनुशासन और राष्ट्रवाद की भावना जगाने में भी अहम भूमिका निभाता है।
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- \r\n कौन-कौन होगा शामिल: मोहन भागवत से मुलाकात करने वालों में भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार, पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना, पूर्व तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार और अर्जुन पुरस्कार विजेता महिला पहलवान अलका तोमर समेत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई अन्य खिलाड़ी शामिल होंगे।\r\n \r\n
- \r\n संवाद का विषय: इस मुलाकात का एजेंडा सिर्फ खेल तक सीमित नहीं रहेगा। संघ प्रमुख इन खिलाड़ियों से उनके 'सामाजिक अनुभवों' को जानेंगे। वे यह समझने का प्रयास करेंगे कि एक खिलाड़ी के तौर पर समाज को देखने का उनका नजरिया क्या है, उन्होंने अपने संघर्ष के दिनों में समाज से क्या सीखा और वे समाज को वापस क्या दे सकते हैं। इस दौरान एक प्रश्नोत्तर सत्र भी होगा, जिसमें खिलाड़ी सीधे सरसंघचालक से अपने सवाल पूछ सकेंगे।\r\n \r\n
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कल (21 फरवरी): 28 जिलों के प्रबुद्धजनों के साथ महामंथन
\r\n\r\nशनिवार का दिन और भी व्यापक संवाद का होगा। इस दिन मोहन भागवत मेरठ और ब्रज प्रांत के अंतर्गत आने वाले 28 जिलों के चुनिंदा प्रबुद्धजनों (बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों, लेखकों, आदि) के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे।
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- \r\n मुख्य विषय: इस संवाद का केंद्रीय विषय 'सामाजिक समरसता' (Social Harmony) होगा। संघ लगातार हिंदू समाज के भीतर जातिगत भेदभाव को मिटाकर एकरसता लाने पर जोर दे रहा है। इस बैठक में इस बात पर चर्चा होगी कि समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा में कैसे लाया जाए और सामाजिक सौहार्द को कैसे मजबूत किया जाए।\r\n \r\n
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लखनऊ में CM योगी से मुलाकात और जनसंख्या पर बड़ा बयान
\r\n\r\nमेरठ पहुंचने से पहले मोहन भागवत ने लखनऊ में दो दिन बिताए, जहां उनकी गतिविधियां और बयान सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं।
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- \r\n योगी-भागवत की अहम बैठक: मेरठ रवाना होने से एक दिन पहले, बुधवार शाम को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में संघ प्रमुख से मुलाकात की थी। दोनों के बीच करीब 40 मिनट तक बंद कमरे में गहन मंत्रणा हुई। हालांकि, बैठक का आधिकारिक ब्योरा सामने नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि इसमें आगामी लोकसभा चुनावों की तैयारियों, राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद के माहौल और प्रदेश के सामाजिक-राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा हुई।\r\n \r\n
- \r\n लखनऊ में दिए गए प्रमुख बयान: लखनऊ विश्वविद्यालय और इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रमों में मोहन भागवत ने कुछ ऐसे बयान दिए जो संघ की भावी दिशा को स्पष्ट करते हैं:\r\n\r\n
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- \r\n 'सभी भारतीय हिंदू हैं': उन्होंने अपने पुराने रुख को दोहराते हुए कहा, "भारत में रहने वाले मुस्लिम भी हिंदू हैं। वे कोई अरब से नहीं आए हैं। उनकी पूजा पद्धति अलग हो सकती है, लेकिन उनकी राष्ट्रीयता और पूर्वज हिंदू ही हैं।"\r\n \r\n
- \r\n 'घर वापसी' पर जोर: संघ प्रमुख ने एक बार फिर 'घर वापसी' के मुद्दे को धार दी। उन्होंने कहा कि जो लोग किसी कारणवश अपना मूल धर्म छोड़कर चले गए थे, उनकी घर वापसी का काम तेज होना चाहिए। साथ ही उन्होंने जोड़ा, "जो लोग हिंदू धर्म में लौटें, उनका ध्यान भी हमें रखना होगा, उन्हें समाज में सम्मानजनक स्थान देना होगा।"\r\n \r\n
- \r\n सामाजिक समानता: जातिगत भेदभाव पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि मंदिर, पानी के कुएं और श्मशान घाट सभी हिंदुओं के लिए समान रूप से खुले होने चाहिए। इनमें किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार्य नहीं है।\r\n \r\n
- \r\n जनसंख्या नीति पर बड़ा बयान (सबसे अहम): हिंदुओं की घटती जनसंख्या दर पर चिंता जताते हुए मोहन भागवत ने एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, "हिंदुओं के कम से कम तीन बच्चे होने चाहिए। अभी हमारी जनसंख्या दर 2.1 के आसपास है, जो कि प्रतिस्थापन दर है। समाज को बचाए रखने के लिए यह दर कम से कम 3 होनी चाहिए। जिस समाज में औसतन तीन से कम बच्चे होते हैं, वह समाज भविष्य में समाप्त हो जाता है।" उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस बात को समझें और भविष्य की योजना इसी अनुसार बनाएं। उनका यह बयान जनसंख्या नियंत्रण कानून की बहस के बीच एक नई बहस को जन्म दे सकता है।\r\n \r\n
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हरदोई में वंदे भारत ट्रेन पर हुआ पथराव एक चिंताजनक घटना है, जो वीवीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की मांग करती है। हालांकि, संघ प्रमुख ने इस घटना से विचलित हुए बिना अपने मेरठ प्रवास के एजेंडे को जारी रखा है। अगले दो दिनों में मेरठ से निकलने वाले सामाजिक समरसता और राष्ट्रवाद के संदेशों की गूंज दूर तक सुनाई देगी। विशेषकर खिलाड़ियों के साथ उनका संवाद संघ की समाज के हर वर्ग तक पहुंचने की रणनीति का एक अहम हिस्सा है।
Sabse pehle comment karne wale banein.