मेरठ, 20 सितंबर, 2025: नमो भारत ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों को शुक्रवार शाम उस वक्त एक बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा, जब मेरठ साउथ स्टेशन पर ट्रेन के कोच के दरवाजे अचानक लॉक हो गए। इस तकनीकी खराबी के कारण करीब 15 मिनट तक यात्री कोच के अंदर ही फंसे रहे, जिसके बाद तकनीकी टीम ने उन्हें बाहर निकाला। इस घटना से गुस्साए यात्रियों ने जमकर हंगामा किया और इस तरह की लापरवाही पर सवाल उठाए।READ ALSO:-मेरठ में टोल मैनेजर हत्याकांड के आरोपी पुलिस एनकाउंटर में गिरफ्तार: दो के पैरों में लगी गोली
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क्या थी पूरी घटना?
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शुक्रवार शाम करीब 7 बजे दिल्ली से आ रही नमो भारत ट्रेन मेरठ साउथ (भूड़बराल) स्टेशन पर पहुंची। लेकिन, स्टेशन पहुंचते ही ट्रेन के सभी दरवाजों में ऑटो-लॉक लग गया, जिससे कोई भी दरवाजा नहीं खुल सका। यात्रियों ने बाहर निकलने के लिए बटन दबाने की कोशिश की, लेकिन दरवाजे नहीं खुले।
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इसके बाद, ट्रेन के ऑपरेटर ने तुरंत तकनीकी सहायता के लिए फोन किया। करीब 15 मिनट बाद तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और खामियों को ठीक करके दरवाजों को मैन्युअल तरीके से खोला, जिसके बाद सभी यात्री बाहर निकल पाए।
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यात्रियों का गुस्सा और लापरवाही का आरोप
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इस घटना से यात्रियों में काफी नाराजगी देखने को मिली। यात्री राजेश ने सवाल उठाया कि "जब हर दिन ट्रेन को रवाना करने से पहले तकनीकी जांच होती है, तो फिर ऑटो-लॉक क्यों लगा?" कुछ अन्य यात्रियों ने भी हंगामा करते हुए कहा कि इस ट्रेन में आए दिन कोई न कोई समस्या आती रहती है, जिससे यात्रियों को परेशानी होती है। उन्होंने इस समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की।
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एनसीआरटीसी का बयान
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इस मामले पर एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स ने सफाई देते हुए कहा कि शुक्रवार शाम करीब 6:35 बजे एक नमो भारत ट्रेन के गेट मेरठ साउथ स्टेशन पर कुछ तकनीकी खामी के कारण ऑटो-मोड में नहीं खुले। उन्होंने बताया कि मैन्युअल तरीके से गेट खोलकर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिसमें लगभग दस मिनट का समय लगा। इस ट्रेन को जांच के लिए डिपो वापस भेज दिया गया है, और फिलहाल ट्रेन का परिचालन सामान्य रूप से चल रहा है।
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यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले 10 अगस्त को भी इसी स्टेशन पर 15 से ज्यादा यात्री लिफ्ट में फंस गए थे, जिनमें से कुछ की हालत बिगड़ गई थी। इन घटनाओं ने नमो भारत ट्रेन के संचालन और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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