मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ से सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जे का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है। भू-माफियाओं ने 20 करोड़ से अधिक की सरकारी जमीन पर न सिर्फ अवैध कॉलोनियां बना डालीं, बल्कि इस खेल में उन्होंने पल्लवपुरम थाने की जमीन को भी नहीं छोड़ा। यह घटना सरकारी संपत्तियों पर खुलेआम डाका डालने जैसी है, जिसमें अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।READ ALSO:-"शहनाज़, तूने सब खत्म कर दिया..." - मौत से पहले 3 वीडियो में एक पति ने सुनाई वो कहानी, जो मेरठ को झकझोर गई
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कैसे हुआ यह 'खुला डाका'?
\r\n\r\nयह धोखाधड़ी पल्लवपुरम थाना क्षेत्र के सरधना तहसील में हुई है। मुईकंपुर एलखेड़ी परगना दौराला स्थित खसरा संख्या 609/5 की यह जमीन राजस्व दस्तावेजों में बंजर भूमि के रूप में दर्ज थी। आरोप है कि मधुर इन्फ्रा डवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, चंदनपाल एसोसिएट्स और सिद्धार्थ पंवार जैसे कई लोगों ने मिलकर इस जमीन को फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से अलग-अलग खातों में दर्ज कराया, जिससे यह सरकारी संपत्ति निजी स्वामित्व की दिखने लगी।
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जांच में खुलासा हुआ कि कुल 0.5060 हेक्टेयर भूमि में से 0.3667 हेक्टेयर पर मधुर इन्फ्रा डवलपर्स ने 3420 वर्ग मीटर की कॉलोनी बना डाली, जबकि चंदनपाल एसोसिएट्स और सिद्धार्थ पंवार ने शेष 0.1520 हेक्टेयर पर लगभग 1900 वर्ग मीटर की कॉलोनी विकसित की। इस तरह, 2060 वर्ग मीटर से अधिक सरकारी जमीन को प्लॉटिंग कर बेच दिया गया।
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पुलिस की कार्रवाई और सरकारी खजाने को नुकसान
\r\n\r\nइस मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने जुलाई में ही मुकदमा दर्ज कर लिया था। दस्तावेजों से यह स्पष्ट है कि इस धोखाधड़ी को अंजाम देने वालों में आशीष गुप्ता, आदित्य गुप्ता, जय गुप्ता, अंकुर कुमार, अनिल कुमार और सिद्धार्थ पंवार शामिल हैं। सरकारी जमीन पर किए गए इस अवैध कब्जे से न केवल कानून का उल्लंघन हुआ है, बल्कि राज्य सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व नुकसान भी हुआ है। फिलहाल, पुलिस इस मामले में तेजी से कार्रवाई कर रही है और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की जांच में जुटी है।
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Sabse pehle comment karne wale banein.