मेरठ में वायरल वीडियो को लेकर विवादों में आईं मेरठ महिला दरोगा ने हाल ही में लाइव आकर अपने ऊपर लगे आरोपों पर सफाई दी थी। उन्होंने वायरल वीडियो में दिख रहे QR कोड को Instagram प्रोफाइल का बताया था। अब सोशल एक्टिविस्ट दीपिका नारायण भारद्वाज ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए कहा है कि QR कोड बैंक खाते से जुड़ा है।

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महिला दरोगा ने लाइव में QR कोड को लेकर क्या कहा था?

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महिला पुलिसकर्मी ने अपने लाइव वीडियो में कहा था कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा QR कोड किसी बैंक खाते या अन्य भुगतान माध्यम का नहीं, बल्कि उनके Instagram हैंडल का QR कोड है।

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उनका कहना था कि वह अपने सोशल मीडिया वीडियो में लोगों से Instagram पर उन्हें फॉलो करने के लिए कहती थीं। इसी वजह से वीडियो में QR कोड दिखाई दे रहा था।

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Instagram में वास्तव में प्रोफाइल शेयर करने के लिए QR कोड की सुविधा उपलब्ध है।

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दीपिका भारद्वाज ने दावे पर उठाए सवाल

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अब सोशल एक्टिविस्ट दीपिका नारायण भारद्वाज ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए महिला पुलिसकर्मी के इस दावे को चुनौती दी है। उनके द्वारा साझा किए गए स्क्रीनशॉट में दावा किया गया है कि QR कोड को चेक करने पर यह Instagram प्रोफाइल के बजाय एक बैंक खाते से जुड़ा दिखाई दिया।

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उन्होंने अपनी पोस्ट में पुलिस विभाग और मेरठ पुलिस को भी टैग किया है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

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₹11 का ट्रांजैक्शन भेजने का दावा

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दीपिका भारद्वाज ने अपने पोस्ट के साथ एक कथित ऑनलाइन ट्रांजैक्शन का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया। स्क्रीनशॉट के मुताबिक, ₹11 का भुगतान “Annu Collis” नाम के प्राप्तकर्ता को किया गया।

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पोस्ट में दावा किया गया है कि यह भुगतान QR कोड को स्कैन करने के बाद किया गया। ट्रांजैक्शन स्क्रीनशॉट में भुगतान की तारीख और समय के साथ प्राप्तकर्ता का नाम तथा UPI संबंधी जानकारी भी दिखाई दे रही है।

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हालांकि, केवल इस स्क्रीनशॉट के आधार पर यह स्वतंत्र रूप से स्थापित नहीं होता कि संबंधित बैंक खाता वास्तव में महिला पुलिसकर्मी का ही है।

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अब दोनों दावों में क्या अंतर है?

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पूरे विवाद में QR कोड को लेकर दो अलग-अलग दावे सामने हैं। महिला पुलिसकर्मी इसे Instagram प्रोफाइल का QR कोड बता रही हैं, जबकि दीपिका भारद्वाज का दावा है कि यही QR कोड बैंक खाते पर ले जाता है।

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इसलिए इस दावे की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए QR कोड का तकनीकी सत्यापन और संबंधित खाते की आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।

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विवाद पहले से क्यों चर्चा में है?

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इससे पहले महिला पुलिसकर्मी ने वायरल वीडियो को लेकर अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि उनकी सोशल मीडिया प्रोफाइल से उनकी तस्वीरें और वीडियो बिना अनुमति निकाले गए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन्हें गलत दावों के साथ वायरल किया गया।

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उन्होंने यह भी कहा था कि विवाद के बाद उन्हें धमकियां मिल रही हैं और उनकी सामाजिक जिंदगी प्रभावित हुई है। महिला पुलिसकर्मी ने खुद को साइबर विक्टिम बताते हुए कहा था कि किसी ने उनका पक्ष सुने बिना उनके चरित्र पर सवाल उठाए।

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आगे क्या होगा?

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अब QR कोड को लेकर सामने आए नए दावे ने विवाद को एक नया मोड़ दे दिया है। महिला पुलिसकर्मी के पुराने बयान और दीपिका भारद्वाज के नए दावे के बीच वास्तविक स्थिति आधिकारिक जांच या तकनीकी सत्यापन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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फिलहाल दीपिका भारद्वाज द्वारा लगाए गए आरोपों और ₹11 के कथित ट्रांजैक्शन को दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए। महिला पुलिसकर्मी या मेरठ पुलिस की ओर से इस नए दावे पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

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