मेरठ रियल एस्टेट न्यूज़ (Sub-headline): रैपिड रेल (Namo Bharat) के बाद अब मेरठ विकास प्राधिकरण (MDA) शहर को एक और बड़ी सौगात देने जा रहा है। मोहिउद्दीनपुर के पास 294 हेक्टेयर जमीन पर उत्तर प्रदेश की पहली 'ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट' (TOD) आधारित इंटीग्रेटेड टाउनशिप आकार लेने वाली है। लगभग 2500 करोड़ रुपये के इस महात्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में न केवल 41,000 से अधिक परिवारों को आशियाना मिलेगा, बल्कि यहां गोल्फ कोर्स, मल्टीप्लेक्स और थीम पार्क जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं भी होंगी। मेडा (MDA) की तैयारी इसी दीवाली तक इसके पहले दो ब्लॉक लॉन्च करने की है। आइए इस पूरे प्रोजेक्ट की प्रगति और खूबियों को विस्तार से जानते हैं।READ ALSO:-दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले सावधान! 2 दिनों के लिए बंद रहेगा यह अहम रास्ता, घर से निकलने से पहले जानें पूरा डायवर्जन प्लान
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

यूपी की पहली TOD टाउनशिप: क्या है मेडा का मेगा प्लान?

\r\n\r\n
मेरठ विकास प्राधिकरण (MDA) शहर के विस्तार और अत्याधुनिक जीवनशैली को ध्यान में रखते हुए इस एकीकृत टाउनशिप (Integrated Township) का निर्माण कर रहा है। यह उत्तर प्रदेश की पहली ऐसी टाउनशिप है जिसे पूरी तरह से 'ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट' (TOD) की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। TOD का मुख्य उद्देश्य रिहायशी इलाकों को परिवहन के प्रमुख साधनों (जैसे मेट्रो, रैपिड रेल और बस स्टैंड) से सीधे जोड़ना होता है, ताकि लोगों को यात्रा में कम समय लगे और पर्यावरण भी स्वच्छ रहे।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n

प्रोजेक्ट की रूपरेखा एक नजर में:

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    स्थान: मोहिउद्दीनपुर के पास चार गांवों की जमीन पर।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    कुल क्षेत्रफल: 294 हेक्टेयर।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    अनुमानित लागत: लगभग 2500 करोड़ रुपये।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    आवास क्षमता: 41,000 से अधिक परिवारों के लिए घर।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    लांचिंग की तैयारी: इस साल दीवाली (Diwali) तक इसके दो ब्लॉक जनता के लिए लॉन्च करने की योजना है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

सरकार का पूरा सपोर्ट: अब तक मिल चुके हैं 809 करोड़

\r\n\r\n
इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए राज्य सरकार का खजाना पूरी तरह से खुला हुआ है। मुख्यमंत्री खुद इस परियोजना की निगरानी कर रहे हैं और वित्तीय बाधाओं को दूर कर रहे हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    सरकारी फंडिंग: 2500 करोड़ की कुल लागत में से प्रदेश सरकार अब तक प्राधिकरण को 809 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    शिलान्यास: इस ऐतिहासिक टाउनशिप का शिलान्यास 4 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री के कर-कमलों द्वारा किया जा चुका है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    लेआउट की तैयारी: फंड मिलते ही मेडा (MDA) ने टाउनशिप का विश्वस्तरीय लेआउट (Layout) तैयार करने के लिए एक अनुभवी कंसल्टेंसी एजेंसी के चयन की प्रक्रिया भी तेज कर दी है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

भूमि अधिग्रहण में आ रही है अड़चन: 130 हेक्टेयर जमीन का पेच फंसा

\r\n\r\n
योजना भले ही तेजी से आगे बढ़ रही हो, लेकिन जमीन की उपलब्धता अभी भी पूरी नहीं हो पाई है। टाउनशिप के लिए कुल 294 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है, जिसमें से कुछ हिस्सा तो मिल गया है, लेकिन बाकी के लिए अधिग्रहण की प्रक्रिया में समय लग रहा है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

भूमि की वर्तमान स्थिति:

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    सहमति से मिली जमीन: अब तक किसानों ने अपनी स्वेच्छा और आपसी सहमति से 164 हेक्टेयर भूमि प्राधिकरण को दे दी है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    अधिग्रहण की दरकार: शेष 130 हेक्टेयर भूमि के लिए किसान सीधे तौर पर तैयार नहीं हो रहे हैं, जिसके कारण अब इसका आधिकारिक रूप से 'अधिग्रहण' (Land Acquisition) करना पड़ेगा।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
इस अड़चन को दूर करने के लिए मेडा के अधिकारियों ने जिला प्रशासन से चिन्हित 130 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण की आधिकारिक मांग की है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

अधिग्रहण से पहले जरूरी है 'सामाजिक समाघात अध्ययन' (SIA)

\r\n\r\n
नई भूमि अधिग्रहण नीति (Land Acquisition Policy) के अनुसार, किसी भी बड़े प्रोजेक्ट के लिए किसानों की जमीन का जबरन अधिग्रहण करने से पहले 'सामाजिक समाघात अध्ययन' (Social Impact Assessment - SIA) कराना कानूनी रूप से अनिवार्य है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

क्या होता है SIA सर्वे?

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    प्रभाव का आकलन: इस सर्वे में यह देखा जाता है कि जमीन जाने से कितने परिवार प्रभावित होंगे और उनकी आजीविका पर क्या असर पड़ेगा।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    पुनर्वास की योजना: प्रभावित परिवारों के उचित विस्थापन और पुनर्वास (Rehabilitation) का पूरा खाका तैयार किया जाता है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    जनसुनवाई (Public Hearing): सर्वे करने वाली टीम प्रभावित गांवों में चौपाल लगाती है, किसानों की आपत्तियां सुनती है और उनके सुझाव दर्ज करती है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह के अनुसार, जिला प्रशासन ने शासन से इस SIA सर्वे के लिए एक विशेषज्ञ एजेंसी नियुक्त करने की मांग की है। जैसे ही शासन स्तर से एजेंसी का चयन होगा, उसके तुरंत बाद भूमि अधिग्रहण की आधिकारिक घोषणा (Notification) का प्रकाशन कर दिया जाएगा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

एक ही छत के नीचे दुनिया जहान की सुविधाएं: कैसा होगा टाउनशिप का अंदरूनी नजारा?

\r\n\r\n
यह टीओडी टाउनशिप सिर्फ ईंट और कंक्रीट का जंगल नहीं होगी, बल्कि यहां निवासियों को एक इंटरनेशनल लाइफस्टाइल (International Lifestyle) का अनुभव मिलेगा। इस इंटीग्रेटेड टाउनशिप में निम्नलिखित विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित करने की योजना है:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    खेल और फिटनेस: विशाल इंडोर स्टेडियम (Indoor Stadium), इंटरनेशनल स्टैंडर्ड का गोल्फ कोर्स (Golf Course), फुटबॉल ग्राउंड और राइडिंग एरिना (घुड़सवारी)।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    मनोरंजन और शॉपिंग: आधुनिक मल्टीप्लेक्स (Multiplex), बड़े शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, ओपन थिएटर (Open Theatre) और हरियाली से भरपूर थीम पार्क।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    बुनियादी ढांचा: मल्टीलेवल पार्किंग, अत्याधुनिक अस्पताल, बैंक, पब्लिक स्कूल और शानदार बैंक्वेट हॉल।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    पर्यावरण अनुकूल (Eco-Friendly): टाउनशिप के बीचों-बीच एक खूबसूरत झीलनुमा तालाब बनाया जाएगा। सौर ऊर्जा (Solar Energy) से चलने वाली सुविधाओं के साथ 'एनर्जी एफिशिएंट' भवनों का निर्माण होगा।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    लास्ट माइल कनेक्टिविटी: निवासियों को सफर के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। टाउनशिप के अंदर से ही नमो भारत (रैपिड रेल), मेट्रो ट्रेन, बस अड्डे और रेलवे स्टेशन तक जाने के लिए समर्पित 'फीडर बस सेवा' (Feeder Service) उपलब्ध रहेगी।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मेरठ की यह TOD टाउनशिप न केवल शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगी, बल्कि यहां के रियल एस्टेट मार्केट को भी एक बड़ा बूम देगी। हालांकि, बचे हुए 130 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण का पेच सुलझना अभी बाकी है। लेकिन जिस तेजी से सरकार और मेडा काम कर रहे हैं, उसे देखकर उम्मीद है कि दीवाली तक इस सपने की पहली ईंट जरूर रखी जाएगी। 41 हजार परिवारों के लिए यह टाउनशिप एक बेहतरीन भविष्य की सौगात साबित होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन