उत्तर प्रदेश के मेरठ में पति सौरभ की बर्बर हत्या के आरोप में जेल में बंद मुस्कान के कारण अब उसका पूरा परिवार सामाजिक बहिष्कार का सामना कर रहा है। मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र में रहने वाले मुस्कान के माता-पिता की आजीविका पूरी तरह से ठप हो गई है और वे गहरे मानसिक तनाव में हैं। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि मुस्कान के पिता प्रमोद रस्तोगी ने अपने मकान पर 'मकान बिकाऊ है' का पोस्टर चस्पा कर दिया था, हालांकि बाद में इसे हटा लिया गया। बताया जा रहा है कि समाज और रिश्तेदारों से कटने के कारण यह परिवार अब मेरठ छोड़ने का मन बना रहा है।READ ALSO:-Bike Bot घोटाला: मुख्य आरोपी विजेंद्र हुड्डा पर ED का बड़ा शिकंजा! मेरठ में ताला तोड़कर घर में घुसी टीम, यूपी-हरियाणा में 40 ठिकानों पर रेड
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

बर्बर हत्या और परिवार की सामाजिक कीमत

\r\n\r\n
मुस्कान का मामला कुछ समय पहले तब सुर्खियों में आया था जब उसने अपने पति सौरभ की हत्या अपने प्रेमी के साथ मिलकर की थी।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    हत्या का तरीका: मुस्कान और उसके प्रेमी पर आरोप है कि उन्होंने सौरभ की हत्या के बाद शव के टुकड़े किए और उन्हें एक नीले ड्रम में भर दिया था। इसके बाद ड्रम को सीमेंट से भरकर ठिकाने लगाने की कोशिश की गई थी।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    जेल में बंद: मुस्कान इस समय मेरठ जेल में बंद है और उस पर अपने पति की हत्या का संगीन आरोप है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    परिवार का संकट: इस जघन्य अपराध के सामने आने के बाद मुस्कान का पूरा परिवार समाज और रिश्तेदारों से कट गया है, जिसकी भारी कीमत उन्हें चुकानी पड़ रही है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

ठप हुआ कारोबार, डिप्रेशन में पिता अस्पताल में भर्ती

\r\n\r\n
जघन्य हत्याकांड का सीधा असर मुस्कान के परिवार की आजीविका पर पड़ा है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    आजीविका पर असर: मुस्कान के पिता प्रमोद रस्तोगी पेशे से ज्वेलर्स हैं, लेकिन बताया जा रहा है कि इस घटना के बाद उनका ज्वेलरी का कारोबार पूरी तरह ठप हो गया है। ग्राहक उनकी दुकान पर आना बंद कर चुके हैं।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    अन्य सदस्यों पर प्रभाव: मुस्कान का भाई भी अपनी नौकरी से हाथ धो बैठा है, और उसकी बहन के ट्यूशन सेंटर में बच्चों ने आना बंद कर दिया है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    सामाजिक बहिष्कार: रिश्तेदारों से संपर्क टूट गया है, और उन्हें किसी भी सामाजिक कार्यक्रम में बुलावा नहीं आ रहा है, जिसके चलते पूरा परिवार गहरे तनाव में है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    पिता की बिगड़ी तबीयत: पड़ोसियों के अनुसार, हाल ही में डिप्रेशन के कारण प्रमोद रस्तोगी की तबीयत बिगड़ गई। पड़ोसी संजय ने बताया कि वह कल सुबह भी चीखते-चिल्लाते फिर रहे थे और बुधवार को उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि उनकी वर्तमान तबीयत की जानकारी नहीं है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

मकान बेचने की मजबूरी

\r\n\r\n
पड़ोसियों ने इस बात की पुष्टि की कि प्रमोद रस्तोगी ने कुछ दिनों पहले अपने घर पर 'मकान बिकाऊ है' का पोस्टर लगाया था, जो बाद में हटा लिया गया। यह कदम परिवार के गहरे तनाव और सामाजिक बहिष्कार से उत्पन्न पलायन की इच्छा को दर्शाता है। यह स्थिति प्रमोद रस्तोगी के मानसिक स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डाल रही है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

मामले पर गहन चर्चा

\r\n\r\n
मुस्कान हत्याकांड की खबरें लगातार मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। लोग अपराध की निंदा करने के साथ ही इस बात पर भी चिंता व्यक्त कर रहे हैं कि एक सदस्य के अपराध का दंड पूरे परिवार को चुकाना पड़ रहा है, जिससे सामाजिक बहिष्कार के नकारात्मक प्रभाव सामने आए हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

परिवार के पुनर्वास की चुनौती

\r\n\r\n
मुस्कान के परिवार के सामने अब मेरठ छोड़ने और अपनी आजीविका फिर से शुरू करने की बड़ी चुनौती है। यह मामला न केवल कानूनी है, बल्कि सामाजिक बहिष्कार और मानसिक स्वास्थ्य संकट का भी उदाहरण है। मुस्कान फिलहाल मेरठ जेल में बंद है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन