मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक पति-पत्नी और 'वो' के बीच का विवाद अब पुलिस की चौखट से निकलकर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। बुधवार को इंचौली थाने में सिसक-सिसक कर अपनी जान की भीख मांगने वाले खुर्शीद उर्फ सोनू का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
\r\n\r\n\r\n1. थाने में बहाए थे आंसू: "मेरी पत्नी मेरी हत्या करना चाहती है"
\r\nदो दिन पहले, खुर्शीद उर्फ सोनू ने इंचौली थाने में जमकर हंगामा किया था। खुर्शीद ने पुलिस के सामने रोते हुए आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी इरम उसकी हत्या की साजिश रच रही है। उसने शादाब जकाती नाम के व्यक्ति पर आरोप लगाया था कि वह उसकी पत्नी को बहला-फुसलाकर ले जाता है और वीडियो बनवाता है, जिससे उसका हंसता-खेलता परिवार तबाह हो रहा है। खुर्शीद ने पुलिस से अपने और अपने बच्चों के लिए सुरक्षा की गुहार लगाई थी।
\r\n\r\n\r\n\r\n@khabreelal_news मेरठ में 'पति-पत्नी और वो' का मामला गहराया। सबसे बड़ा 'रहस्यमयी' ड्रामा: कल थाने की चौखट पर सिसक-सिसक कर मांग रहा था जान की भीख, आज 'शादाब जकाती' के बगल में बैठकर बोला- "मैं इरम को अपनी मर्जी से भेज रहा हूं। इनकी खुशी में मेरी खुशी" pic.twitter.com/bexUc8KBG4
\r\n— MK Vashisth (@vadhisth) January 2, 2026
\r\n2. शुक्रवार रात का वीडियो: "इनकी खुशी में ही मेरी खुशी है"
\r\nशुक्रवार रात इस मामले में तब नया मोड़ आया जब एक वीडियो वायरल हुआ। इस वीडियो में खुर्शीद, उसकी पत्नी इरम और आरोपी शादाब जकाती एक साथ बैठे नजर आ रहे हैं। वीडियो में शादाब जकाती के निर्देश पर खुर्शीद यह कहता हुआ दिख रहा है:
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- "मैं इरम को अपनी मर्जी से भेज रहा हूं। इनकी खुशी में मेरी खुशी है।" \r\n
जब खुर्शीद यह बयान देता है, तो शादाब उससे यह पूछता हुआ भी सुनाई देता है कि "जब यही बात है, तो रोना किस बात का?"
\r\n\r\n\r\n3. दबाव या समझौता? जनता में आक्रोश
\r\nवीडियो सामने आते ही लोगों ने इसे 'स्क्रिप्टेड' और 'फर्जी' बताना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया यूजर्स का दावा है कि खुर्शीद ने यह बयान स्वेच्छा से नहीं, बल्कि भारी दबाव और डर के कारण दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि जो व्यक्ति दो दिन पहले अपनी हत्या की आशंका जता रहा था, वह अचानक इतना 'उदार' कैसे हो गया?
\r\nमुख्य बिंदु और अनसुलझे सवाल:
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- दबाव की राजनीति: क्या शादाब जकाती ने खुर्शीद को डरा-धमकाकर या किसी लालच में यह वीडियो बनवाया है? \r\n
- पुलिस की भूमिका: थाने में शिकायत के बावजूद पुलिस ने इस मामले में ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की, जिससे पीड़ित को इस तरह का वीडियो बनाना पड़ा? \r\n
- कानूनी पेच: क्या एक वीडियो बयान पुलिस में दर्ज कराई गई 'हत्या की साजिश' वाली शिकायत को खत्म कर सकता है? \r\n
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यह मामला अब केवल एक पारिवारिक विवाद नहीं रह गया है, बल्कि कानूनी और सामाजिक जांच का विषय बन चुका है। मेरठ पुलिस के लिए यह वीडियो एक बड़ी चुनौती है—क्या इस वायरल वीडियो की सत्यता की जांच की जाएगी, या पीड़ित की मूल शिकायत को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?
Sabse pehle comment karne wale banein.