मेरठ, उत्तर प्रदेश: मेरठ के खरखौदा थाना क्षेत्र के उलधन गांव में एक किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके में तनाव पैदा कर दिया है। शुक्रवार शाम को ग्राम प्रधान के मकान की बैठक में किशोरी का शव दुपट्टे से लटका मिला था, जिसे पुलिस ने प्रारंभिक जांच में आत्महत्या का मामला बताया था। हालांकि, शनिवार को पोस्टमार्टम होने के बाद घटना ने नया मोड़ ले लिया, जब परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से साफ इनकार कर दिया।READ ALSO:-मेरठ-NCR वालों के लिए अलर्ट: 1 जनवरी से नहीं चलेंगी पेट्रोल-डीजल वाली कैब और टैक्सी, ओला-उबर और डिलीवरी बॉयज पर बड़ा संकट!
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परिजनों का आरोप: आत्महत्या नहीं, हत्या है
\r\n\r\nकिशोरी के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना है कि किशोरी ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसकी हत्या कर शव को लटकाया गया है। परिजनों ने सीधे तौर पर ग्राम प्रधान और किशोरी के कथित प्रेमी दीपांशु उर्फ लाला पुत्र मंगू सहित सात लोगों पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है।
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परिजनों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की और न्याय मिलने तक शव को दफनाने से मना कर दिया। विरोध में उन्होंने पंचायतघर के सामने बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे गांव में तनाव की स्थिति पैदा हो गई।
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तीन थानों की फोर्स तैनात, पुलिस का आश्वासन
\r\n\r\nस्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए, पुलिस प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। खरखौदा, किठौर और मुंडाली समेत तीन थानों की भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। सीओ किठौर प्रमोद कुमार, थाना प्रभारी खरखौदा राजपाल सिंह और एसएसआई सतीश सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी परिजनों को समझाने का प्रयास किया।
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करीब तीन घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन और हंगामे के बाद, पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को यह सुनिश्चित किया कि नामजद किए गए सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और पूरे मामले की निष्पक्ष व गहन जांच की जाएगी। पुलिस के इस ठोस आश्वासन के बाद ही परिजन शांत हुए। इसके उपरांत, भारी पुलिस बल की मौजूदगी में किशोरी के शव को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
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सात नामजद आरोपियों पर मुकदमा दर्ज
\r\n\r\nथाना प्रभारी राजपाल सिंह ने मीडिया को जानकारी दी कि परिजनों द्वारा दी गई तहरीर (शिकायत) के आधार पर ग्राम प्रधान, दीपांशु उर्फ लाला और पांच अन्य लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। मेरठ किशोरी की संदिग्ध मौत के मामले में नामजद आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
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प्रारंभिक जांच और परिजनों के आरोपों के बीच अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट निर्णायक साबित होगी। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मिले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह रिपोर्ट इस बात का खुलासा करेगी कि किशोरी की मौत फांसी लगने से हुई है या उससे पहले उसकी हत्या की गई थी।
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फिलहाल, गांव में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस का जोर जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ने और निष्पक्ष जांच के जरिए मेरठ किशोरी की संदिग्ध मौत के पीछे की सच्चाई सामने लाने पर है।
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मेरठ के उलधन गांव में एक किशोरी की ग्राम प्रधान के घर में संदिग्ध मौत हो गई। प्रारंभिक तौर पर इसे आत्महत्या बताया गया, लेकिन परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए ग्राम प्रधान और कथित प्रेमी सहित सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। करीब तीन घंटे तक चले हंगामे के बाद, पुलिस के त्वरित गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच के आश्वासन पर ही शव को दफनाया जा सका। पुलिस टीमें अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आरोपियों की तलाश पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।
Sabse pehle comment karne wale banein.