मेरठ: दादरी में बिना अनुमति 'गुर्जर पंचायत' आयोजित करने के मामले में मेरठ जेल में बंद गुर्जर नेताओं को बड़ी राहत मिली है। आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रविंद्र भाटी समेत अन्य गुर्जर नेताओं को शुक्रवार को कोर्ट ने जमानत दे दी है। इस मामले में गिरफ्तार कुल 22 लोगों में से, जमानती प्रक्रिया पूरी होने के बाद पहले चरण में 11 लोगों को रिहा कर दिया गया, जबकि शेष की रिहाई पर्याप्त जमानती न होने के कारण बाद में होगी।READ ALSO:-अब दिल्ली का चक्कर खत्म! नोएडा से सीधे देहरादून, हरिद्वार और आगरा के लिए दौड़ीं हाईटेक AC इलेक्ट्रिक बसें
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जमानत के बाद का माहौल और रिहाई का घटनाक्रम
\r\n\r\nजमानत मिलने की खबर सुनते ही मेरठ जिला जेल के बाहर गुर्जर बिरादरी के लोगों की भीड़ जुटने लगी। किसी भी तरह के हंगामे को रोकने के लिए शाम छह बजे से ही जेल परिसर और आसपास के रास्तों पर ट्रैफिक पुलिस, आरएएफ और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था।
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- \r\n जेल से रिहाई: रात करीब 8 बजे पहले तीन लोगों को रिहा किया गया, जिसके 20 मिनट बाद बाकी आठ लोग बाहर आए। सभी को भाजपा जिला पंचायत सदस्य विपिन भडाना की गाड़ियों में बैठाकर भेजा गया।\r\n \r\n
- \r\n वकील का दावा: जमानत कराने वाले वकील ओमपाल सिंह ने बताया कि जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज था, उनमें थाना स्तर से भी जमानत मिल सकती थी, लेकिन पुलिस की मंशा इन लोगों को जेल भेजने की थी। उन्होंने कोर्ट में तर्क दिया कि आरोपियों पर पहले ऐसी किसी धारा में कोई मुकदमा नहीं था और वे सभी सम्मानित परिवार से हैं। साथ ही, पत्थरबाजी में कोई गंभीर चोट नहीं थी और आरोपियों के खिलाफ कोई चश्मदीद गवाह भी नहीं है।\r\n \r\n
- \r\n भव्य स्वागत: जेल चुंगी चौराहे पर पहले से मौजूद लोगों ने फूल-माला पहनाकर नेताओं का जोरदार स्वागत किया। इस दौरान "गुर्जर सेना जिंदाबाद" के नारे भी लगे।\r\n \r\n
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सियासी हस्तक्षेप और नेताओं की सक्रियता
\r\n\r\nपिछले चार दिनों से चल रहे इस हंगामे के दौरान कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों ने जेल में बंद नेताओं से मुलाकात की थी:
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- \r\n सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मामले में मेरठ पुलिस और प्रशासन से बात की थी।\r\n \r\n
- \r\n भाजपा सांसद नंदकिशोर गुर्जर और राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर ने भी मुलाकात की थी।\r\n \r\n
- \r\n सपा विधायक अतुल प्रधान और रालोद के बिजनौर सांसद चंदन चौहान भी जेल में बंद नेताओं से मिलने पहुँचे थे।\r\n \r\n
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सभी नेताओं की जमानत का आदेश आने के बाद, जेल के बाहर सुरक्षा और बढ़ा दी गई थी। इस रिहाई को गुर्जर समाज एक बड़ी जीत के रूप में देख रहा है।
Sabse pehle comment karne wale banein.