खबरीलाल डेस्क | विशेष रिपोर्ट
\r\n\r\nमेरठ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहर मेरठ में अवैध निर्माण के खिलाफ चल रहे अभियान में जिला पंचायत प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और अभूतपूर्व कार्रवाई की तैयारी कर ली है। शहर की सीमा से लगे जिला पंचायत क्षेत्रों में लंबे समय से अवैध कॉलोनियों, फार्म हाउस, विवाह मंडपों और अन्य प्रकार के अवैध निर्माण का खेल चल रहा था, जिस पर अब प्रशासन ने बुलडोजर चलाने की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है। यह पहली बार है जब जिला पंचायत प्रशासन ने केवल नोटिस देने तक सीमित रहने के बजाय, अवैध निर्माण को जमींदोज करने के लिए इतनी गंभीरता और हिम्मत दिखाई है।READ ALSO:-मेरठ में खनन माफियाओं का आतंक: मवाना में अवैध खनन का विरोध करने पर BJP नेता राजकुमार सैनी को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, कनपटी पर तमंचा सटाकर दी जान से मारने की धमकी
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मवाना और मेरठ सदर तहसील क्षेत्रों में फैले इन अवैध निर्माणों को चिह्नित कर उनकी विस्तृत सूची तैयार कर ली गई है। जिला पंचायत प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अमली जामा पहनाने के लिए जिलाधिकारी को भी सूचित कर दिया है, जिसके बाद जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रेट नामित कर ध्वस्तीकरण की तारीख और पुलिस बल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए हैं।
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मवाना तहसील में 14 और सदर तहसील में 8 अवैध कॉलोनियां चिह्नित
\r\n\r\nजिला पंचायत प्रशासन द्वारा लंबे समय तक चले गहन सर्वे के बाद तैयार की गई सूची के अनुसार, मवाना तहसील में अवैध निर्माण का सबसे बड़ा जाल फैला हुआ है। मवाना तहसील में 14 अवैध कॉलोनियां और एक विवाह मंडप सूचीबद्ध किए गए हैं। वहीं, मेरठ सदर तहसील क्षेत्र में भी आठ अवैध कॉलोनियां जिला पंचायत की ध्वस्तीकरण सूची में शामिल हैं।
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इन कॉलोनियों, फार्म हाउस और विवाह मंडपों को बार-बार नोटिस दिए गए, लेकिन संबंधित बिल्डरों और भू-माफियाओं ने अवैध निर्माण को हटाने और उसका मानचित्र स्वीकृत कराने में कोई रुचि नहीं दिखाई। इसी कारण जिला पंचायत ने अब इनके ध्वस्तीकरण का आदेश जारी कर दिया है। सूची काफी लंबी है और जिला पंचायत क्षेत्र में अवैध निर्माण की कमी नहीं है, लेकिन पहली बार इतने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की तैयारी की गई है।
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पहली बार अवैध निर्माण पर कार्रवाई की गंभीरता: जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रेट किए नामित
\r\n\r\nजिला पंचायत क्षेत्र में अवैध निर्माण को नोटिस देने का काम तो हमेशा से होता रहा है, लेकिन जिला पंचायत प्रशासन कभी भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा पाया था। पिछली निष्क्रियता को पीछे छोड़ते हुए, इस बार जिला पंचायत ने मवाना और मेरठ सदर तहसील क्षेत्रों में अवैध निर्माण को चिह्नित कर इनके ध्वस्तीकरण की घोषणा की है।
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जिला पंचायत की गंभीरता इसी बात से देखी जा सकती है कि इस पूरी सूची को जिलाधिकारी को भेजकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए मजिस्ट्रेट नियुक्त करने की मांग की गई है। जिलाधिकारी ने तुरंत इस पर संज्ञान लिया है और दोनों तहसीलों के एसडीएम को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए मजिस्ट्रेट नामित कर दिया है। मजिस्ट्रेट नामित किए जाने के बाद अब कार्रवाई की तिथि निर्धारित करने और पुलिस बल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दोनों तहसीलों के एसडीएम की होगी।
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मजिस्ट्रेट से मांगी ध्वस्तीकरण की तिथि और पुलिस बल
\r\n\r\nजिलाधिकारी द्वारा मजिस्ट्रेट नामित किए जाने के बाद जिला पंचायत प्रशासन ने दोनों तहसीलों के एसडीएम (नामित ध्वस्तीकरण मजिस्ट्रेट) को चिह्नित निर्माण की सूची उपलब्ध करा दी है। अब एसडीएम से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए उपयुक्त तिथि निर्धारित करने की मांग की गई है। साथ ही, कार्रवाई के लिए आवश्यक पुलिस बल की उपलब्धता के लिए भी उनके स्तर से आदेश जारी करने का अनुरोध किया गया है।
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जिला पंचायत अपर मुख्य अधिकारी वीएस कुशवाहा ने बताया कि जिला पंचायत क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों, विवाह मंडप, फार्म हाउस को बार-बार नोटिस दिए गए, लेकिन उन्होंने अवैध निर्माण को नहीं हटाया और न ही उसका मानचित्र स्वीकृत कराया। ऐसे सभी निर्माण के ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया गया है। अपर मुख्य अधिकारी ने कहा कि दोनों तहसीलों के नामित मजिस्ट्रेट से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए तिथि की मांग की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्रवाई के लिए पुलिस बल उपलब्ध कराने का आदेश भी उनके स्तर से ही जारी किया जाएगा।
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आगे की कार्रवाई: ध्वस्तीकरण की तारीख और पुलिस बल पर निर्भर
\r\n\r\nजिला पंचायत की इस बड़ी कार्रवाई की तारीख पूरी तरह से नामित मजिस्ट्रेट (एसडीएम) के निर्णय और पुलिस बल की उपलब्धता पर निर्भर करती है। जिला पंचायत प्रशासन ने अपना काम पूरा कर लिया है—अवैध निर्माण चिह्नित किए गए हैं, नोटिस दिए गए हैं, ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किए गए हैं और जिलाधिकारी से मजिस्ट्रेट नामित करने की मांग की गई है।
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अब मवाना और मेरठ सदर तहसीलों के एसडीएम को चिह्नित निर्माणों की सूची सौंप दी गई है। एसडीएम को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए एक उपयुक्त तारीख तय करनी होगी। इसके साथ ही, ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को सुरक्षित रूप से अंजाम देने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल की आवश्यकता होगी। पुलिस बल की उपलब्धता के लिए एसडीएम पुलिस प्रशासन से समन्वय करेंगे और आदेश जारी करेंगे।
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जैसे ही एसडीएम तिथि निर्धारित कर पुलिस बल उपलब्ध कराने का आदेश जारी कर देंगे, जिला पंचायत की टीम बुलडोजर और पूरी तैयारी के साथ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर देगी। अपर मुख्य अधिकारी वीएस कुशवाहा ने विश्वास व्यक्त किया है कि मवाना और सदर दोनों तहसीलों के एसडीएम से जल्द ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए तिथि और पुलिस बल मिल जाएगा, जिसके बाद अवैध निर्माणों पर गाज गिरना तय है।
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मेरठ जिला पंचायत द्वारा अवैध कॉलोनियों, फार्म हाउस और विवाह मंडपों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की तैयारी एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण कदम है। शहर के आसपास के क्षेत्रों में अवैध निर्माण का बढ़ता जाल न केवल राजस्व की हानि करता है, बल्कि अनियोजित विकास, सुरक्षा समस्याओं और बुनियादी सुविधाओं की कमी का कारण भी बनता है। पहली बार जिला पंचायत ने ध्वस्तीकरण की हिम्मत दिखाई है, जिससे यह संदेश जाएगा कि अवैध निर्माण को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी द्वारा मजिस्ट्रेट नामित किए जाने के बाद अब पूरी नजर मवाना और मेरठ सदर तहसीलों के एसडीएम पर टिकी है। ध्वस्तीकरण की तारीख और पुलिस बल मिलने के बाद ही इस महा-बुलडोजर कार्रवाई की शुरुआत होगी, जिसके बाद उम्मीद की जा सकती है कि मेरठ में अवैध निर्माण के खिलाफ यह एक निर्णायक जंग साबित होगी। सभी अवैध निर्माणकर्ताओं के लिए यह एक कड़ा सबक होगा।
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Sabse pehle comment karne wale banein.