उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। मेरठ मर्डर केस (Meerut Murder Case) ने रिश्तों की मर्यादा और भरोसे को तार-तार कर दिया है। लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र में एक ननद ने अपनी ही भाभी की चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या की वजह अवैध संबंधों का शक बताया जा रहा है। वारदात को अंजाम देने के बाद ससुराल वालों ने इसे एक हादसा साबित करने की पूरी कोशिश की, लेकिन आरोपी ननद का जमीर जाग गया। रातभर नींद नहीं आने और पछतावे के कारण वह खुद पुलिस थाने पहुंच गई और अपना जुर्म कबूल कर लिया। इस मेरठ मर्डर केस ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।READ ALSO:-UP Monsoon Update: अयोध्या-लखनऊ में भारी जलभराव, मथुरा में उफान पर यमुना, जानें यूपी ईस्ट और वेस्ट के मौसम का हाल
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कैसे शुरू हुआ विवाद: 4 साल से थे संबंध

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यह पूरा मामला लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के अहमदनगर गली नंबर-2 का है। यहां रहने वाले हाजी जाहिद पिछले 40 सालों से शहर में एम्पायर टेलर्स के नाम से अपना कपड़ों का कारोबार चला रहे हैं। उनके परिवार में दो बेटे शाहवेज और शाजेब हैं, और एक बेटी रिम्शा (25 वर्ष) है। बड़े बेटे शाहवेज की शादी करीब छह साल पहले किदवई नगर निवासी 28 वर्षीय निदा उर्फ सोनी से हुई थी। दोनों के दो बच्चे भी हैं। वहीं, बेटी रिम्शा की शादी करीब आठ महीने पहले अहमदनगर से तीन किलोमीटर दूर करीमनगर निवासी ओवेश से हुई थी, जो ऑनलाइन कपड़ों का कारोबार करता है।
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पड़ोसियों और पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, कपड़ों के कारोबार के कारण ओवेश का शाहवेज के घर अक्सर आना-जाना लगा रहता था। इसी दौरान उसकी निदा (शाहवेज की पत्नी) से नजदीकियां बढ़ने लगीं। यह सिलसिला करीब चार साल से चल रहा था। आठ महीने पहले जब रिम्शा की शादी ओवेश से हुई, तब भी ओवेश और निदा के बीच बातचीत बंद नहीं हुई। रिम्शा ने कई बार इस पर कड़ी आपत्ति जताई थी, लेकिन दोनों ने उसकी बात को अनसुना कर दिया। यह लगातार बढ़ता तनाव ही इस मेरठ मर्डर केस की मुख्य वजह बना। 
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खौफनाक वारदात का दिन: "अपने पति को संभालो"

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12 जुलाई की दोपहर करीब 3:30 बजे अहमदनगर स्थित घर में हालात बेकाबू हो गए। रिम्शा ने घटना वाले दिन यानी रविवार को एक बार फिर अपनी भाभी निदा को अपने पति ओवेश से फोन पर बात करते या संपर्क में देख लिया। इससे रिम्शा का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
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रिम्शा ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि उसने किचन में जाकर भाभी निदा से साफ शब्दों में कहा कि वह उसके पति का पीछा छोड़ दे। इस पर निदा ने अपनी गलती मानने के बजाय उल्टा जवाब दिया, "अपने पति को संभालो, दूसरे पर आरोप बाद में लगाना।"
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भाभी का यह जवाब रिम्शा को इस कदर चुभा कि उसके सिर पर खून सवार हो गया। गुस्से में अंधी हो चुकी रिम्शा ने वहीं रसोई में रखा तेज धार वाला चाकू उठाया और निदा के सीने पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। निदा लहूलुहान होकर वहीं फर्श पर गिर पड़ी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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हादसे की कहानी और मायके वालों की एंट्री

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चीख-पुकार सुनकर जब परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने खून से लथपथ निदा को देखा। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद ससुराल वालों ने पुलिस और समाज की नजरों से बचने के लिए एक झूठी कहानी गढ़ ली। उन्होंने तय किया कि वे सबको बताएंगे कि निदा का पैर फिसल गया था और वह फर्श पर गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गई थी।
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लेकिन सच्चाई छुप नहीं सकी। 12 जुलाई की दोपहर ही मृतका निदा के मायके वालों को किसी पड़ोसी ने फोन कर दिया। पड़ोसी ने बताया कि उनकी बेटी के साथ ससुराल में कोई बड़ी अनहोनी हो गई है। यह सुनते ही निदा की मां, दोनों भाई और अन्य रिश्तेदार बदहवास हालत में मौके पर पहुंच गए।
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घर के अंदर का नजारा खौफनाक था। निदा का शव फर्श पर पड़ा था और वहां काफी खून बिखरा हुआ था। उसके शरीर पर हाथ, पैर और गले के पास चोट और कटने के स्पष्ट निशान थे। यह देखते ही मायके वालों ने तुरंत हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दे दी। 
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पश्चाताप और सरेंडर: "मुझे रातभर नींद नहीं आई"

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घटना की सूचना मिलते ही सीओ कोतवाली संग्राम सिंह और लिसाड़ी गेट थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। मायके पक्ष की लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस ने मेरठ मर्डर केस की गहन जांच शुरू की। शुरुआत में पुलिस पूछताछ के दौरान रिम्शा और अन्य ससुराल वालों ने उसी झूठी कहानी को दोहराया कि निदा फर्श पर गिर गई थी।
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लेकिन, हत्या जैसी संगीन वारदात को अंजाम देने के बाद रिम्शा का मन शांत नहीं था। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार को रिम्शा खुद लिसाड़ी गेट थाने पहुंच गई। उसने पुलिस के सामने रोते हुए अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ननद ने पुलिस को बताया, "मैंने ही अपनी भाभी की हत्या की है। मुझे वारदात के बाद से रातभर नींद नहीं आई। मेरे दिमाग में वही खौफनाक मंजर घूम रहा था। मेरे पति और भाभी के बीच चार साल से संबंध थे, जो मुझसे बर्दाश्त नहीं हुए।"
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रिम्शा के इस इकबालिया जुर्म के बाद पुलिस ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया और उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया। 
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पुलिस की कार्रवाई और फरार ससुराल वाले

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सीओ कोतवाली संग्राम सिंह ने इस मेरठ मर्डर केस का खुलासा करते हुए बताया कि तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स की जांच से यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि मृतका निदा की अपने ननदोई ओवेश से काफी नजदीकियां थीं। रिम्शा इसी बात को लेकर मानसिक तनाव में थी और नाराज थी। घटना वाले दिन इसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।
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पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी रिम्शा को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन इस मामले के खुलासे के बाद से मृतका का पति शाहवेज और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्य घर से फरार हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। मामले में ससुराल के अन्य लोगों की भूमिका की भी बारीकी से जांच की जा रही है कि क्या उन्होंने सबूत मिटाने और गुमराह करने में जानबूझकर मदद की थी। 
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मेरठ मर्डर केस समाज में बढ़ रहे घरेलू विवादों और अवैध संबंधों के खतरनाक अंजाम का एक जीता-जागता उदाहरण है। एक तरफ जहां रिश्तों में धोखे ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया, वहीं दूसरी तरफ गुस्से में उठाए गए एक कदम ने दो महिलाओं की जिंदगी खत्म कर दी—एक की मौत हो गई और दूसरी सलाखों के पीछे है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी जांच से मामले का पर्दाफाश तो हो गया है, लेकिन इस घटना ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले में और भी कई परतें खुलने की उम्मीद है।
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