अक्सर कहा जाता है कि खुशियों को मातम में बदलते देर नहीं लगती, लेकिन मेरठ (Meerut) के लिसाड़ी गेट इलाके में रविवार की रात जो हुआ, उसने इस कहावत को एक खौफनाक हकीकत में बदल दिया। एक घर में 6 साल की मासूम बच्ची का जन्मदिन मनाया जा रहा था। केक काटा जा चुका था, मेहमान तालियां बजा रहे थे, और डीजे की धुन पर परिवार थिरक रहा था। लेकिन इसी शोर-शराबे के बीच एक पिता का 'अहंकार' और 'गुस्सा' इस कदर हावी हुआ कि उसने खून की होली खेल डाली।READ ALSO:-UP Weather: यूपी में कुदरत का 'बर्फीला टॉर्चर', 30 जिलों में रेड अलर्ट; 1 जनवरी तक स्कूल बंद, हार्ट मरीजों की संख्या में डरावना इजाफा
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बेटियों के डीजे पर डांस करने से नाराज एक पिता ने आव देखा न ताव, पार्टी के बीच में ही अपने साले (Brother-in-law) के सीने में चाकू घोंपकर उसकी हत्या कर दी। हत्यारा कोई और नहीं, बल्कि 60 साल का बुजुर्ग सलीम है, जिसने अपने 37 साल के जवान साले यूनुस को मौत के घाट उतार दिया। इस वारदात ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है।
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वारदात की पूरी टाइमलाइन: खुशियों से चीख-पुकार तक
\r\n\r\nयह दिल दहला देने वाली घटना मेरठ के संवेदनशील इलाके लिसाड़ी गेट (Lisari Gate) थाना क्षेत्र की है। पुलिस और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर, रविवार की रात की यह घटना किसी फिल्म की पटकथा जैसी लगती है, जिसका अंत बेहद दुखद हुआ।
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1. रात 8:00 बजे: जश्न का आगाज
\r\n\r\nलिसाड़ी गेट के गुर्जर चौक निवासी नईम के घर जश्न का माहौल था। नईम की 6 साल की बेटी अतीबा का जन्मदिन था। घर को गुब्बारों और झालरों से सजाया गया था। इस खुशी के मौके पर नईम ने अपने करीबी रिश्तेदारों को दावत दी थी। इनमें उनके मौसा सलीम (60) भी अपने पूरे परिवार के साथ शामिल हुए थे। सलीम अपनी पत्नी नरगिस और जवान बेटियों के साथ पार्टी में पहुंचा था। वहीं, सलीम का साला यूनुस (37) भी इस महफिल की रौनक बढ़ाने आया था।
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2. रात 9:30 बजे: केक और डीजे
\r\n\r\nकेक काटने की रस्म पूरी हुई। बच्चों ने तालियां बजाईं और एक-दूसरे को केक खिलाया। इसके बाद जैसा कि हर पार्टी में होता है, डीजे का वॉल्यूम बढ़ा दिया गया। परिवार के लोग और बच्चे डीजे की धुन पर डांस करने लगे। माहौल पूरी तरह से खुशनुमा था। इसी दौरान सलीम की बेटियां भी उत्साह में डीजे फ्लोर पर आ गईं और डांस करने लगीं।
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3. रात 10:00 बजे: पिता का भड़कना
\r\n\r\nयहीं से कहानी ने एक खतरनाक मोड़ लिया। अपनी बेटियों को सरेआम डीजे पर नाचते देख 60 वर्षीय सलीम का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। शायद उसे अपनी पुरानी रूढ़िवादी सोच या 'इज्जत' का ख्याल आया। उसने गुस्से में आकर बेटियों को डांटना शुरू कर दिया। बात सिर्फ डांटने तक नहीं रुकी, वह जबरदस्ती बेटियों का हाथ खींचकर उन्हें घसीटते हुए घर ले जाने लगा।
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सलीम की पत्नी नरगिस ने उसे रोकने की कोशिश की। उसने कहा, "आज खुशी का मौका है, बच्चे हैं, नाच लेने दो।" लेकिन सलीम के सिर पर खून सवार था। वह किसी की सुनने को तैयार नहीं था और बेटियों को खींचते हुए घर के बाहर ले आया।
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4. रात 10:15 बजे: मौत की दस्तक
\r\n\r\nघर के बाहर तमाशा होता देख, सलीम का साला यूनुस (मृतक) और भांजा नौशाद बीच-बचाव करने पहुंचे। यूनुस ने अपने जीजा सलीम को समझाने की कोशिश की। उसने कहा, "भाईजान, क्यों तमाशा बना रहे हो? बच्चियां ही तो हैं, घर चलिए, शांति से बात करते हैं।"
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रिश्तेदार के मुंह से निकली यह सलाह सलीम को नागवार गुजरी। उसे लगा कि साला उसके 'पारिवारिक मामले' और 'अनुशासन' में दखल दे रहा है। दोनों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। गाली-गलौज के बीच सलीम ने धमकी दी और वहां से भाग गया।
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5. रात 10:30 बजे: खूनी प्रतिशोध
\r\n\r\nसलीम का घर घटना स्थल से महज 100 मीटर की दूरी पर था। वह दौड़कर अपने घर गया। किसी को लगा कि वह शायद नाराज होकर चला गया है, लेकिन किसी ने सोचा भी नहीं था कि वह मौत का सामान लेने गया है।
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चंद मिनटों में सलीम हाथ में एक धारदार चाकू लेकर लौटा। उसकी आंखों में खून उतर आया था। उसने सीधे अपने साले यूनुस को निशाना बनाया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, सलीम ने पूरी ताकत से चाकू यूनुस के सीने (Chest) में घोंप दिया।
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वार इतना गहरा और सटीक था कि यूनुस मौके पर ही लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। वहां मौजूद भांजे नौशाद ने जब अपने मामा को बचाने की कोशिश की, तो पागल हो चुके सलीम ने उसे भी घायल कर दिया।
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एक घंटे तक तड़पता रहा यूनुस, फिर थम गईं सांसें
\r\n\r\nचाकू लगने के बाद पार्टी में भगदड़ मच गई। संगीत का शोर चीख-पुकार में बदल गया। जमीन पर खून से लथपथ यूनुस तड़प रहा था। परिजन बदहवास हालत में उसे उठाने की कोशिश कर रहे थे। अफरा-तफरी के बीच उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई।
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यूनुस करीब एक घंटे तक जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ता रहा। खून ज्यादा बह जाने के कारण उसकी हालत बिगड़ती गई। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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पुलिस की कार्रवाई: आरोपी जीजा सलाखों के पीछे
\r\n\r\nहत्या की सूचना मिलते ही लिसाड़ी गेट थाना प्रभारी अशोक कुमार पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी सलीम को मौके से ही दबोच लिया। उसके पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया गया है।
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पुलिस का बयान:
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n"आरोपी सलीम और मृतक यूनुस दोनों मजदूरी का काम करते थे। विवाद बेटियों के डांस को लेकर शुरू हुआ था, जो हत्या तक पहुंच गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आरोपी के खिलाफ हत्या (Murder) की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा जा रहा है।" - अशोक कुमार, थाना प्रभारी, लिसाड़ी गेट\r\n
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सामाजिक पहलू: 'इज्जत' के नाम पर अपनों का कत्ल?
\r\n\r\nयह घटना समाज के लिए एक बड़ा सवाल छोड़ गई है। क्या बेटियों का डांस करना इतना बड़ा गुनाह था कि उसके लिए किसी की जान ले ली जाए? 60 साल की उम्र में सलीम ने न सिर्फ एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि अपनी बेटियों के मन में भी जीवन भर के लिए एक खौफ पैदा कर दिया।
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- \r\n रिश्तों का कत्ल: सलीम ने जिस यूनुस को मारा, वह उसकी पत्नी का भाई था। अब सलीम जेल में सड़ेगा, लेकिन उसकी पत्नी और बच्चों का क्या होगा, जिन्होंने एक ही रात में अपने पिता को 'हत्यारा' और मामा को 'लाश' बनते देखा?\r\n \r\n
- \r\n सहनशीलता की कमी: यह घटना साबित करती है कि समाज में सहनशीलता (Tolerance) किस कदर खत्म हो चुकी है। छोटी सी बात पर आपा खो देना अब आम बात होती जा रही है।\r\n \r\n
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परिवार में मातम, गांव में सन्नाटा
\r\n\r\nमृतक यूनुस अपने पीछे रोता-बिलखता परिवार छोड़ गया है। उसकी पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस घर में बर्थडे पार्टी थी, वहां अब मातम का सन्नाटा पसरा हुआ है। मोहल्ले के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं। कोई यकीन नहीं कर पा रहा कि जो सलीम अभी कुछ देर पहले साथ बैठकर खाना खा रहा था, वही कातिल बन जाएगा।
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घायल भांजे नौशाद का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इलाके में गश्त बढ़ा दी है।
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मेरठ के लिसाड़ी गेट की तंग गलियों में हुई इस वारदात ने लोगों को सन्न कर दिया है। एक बर्थडे पार्टी, जो यादों में खुशियों के लिए दर्ज होनी चाहिए थी, अब एक खौफनाक तारीख बन गई है। पुलिस ने अपनी कार्रवाई पूरी कर ली है, लेकिन इस घटना ने पीछे कई सवाल और कभी न भरने वाले जख्म छोड़ दिए हैं। यूनुस अब कभी नहीं लौटेगा, लेकिन उसकी मौत समाज को यह सोचने पर मजबूर कर गई है कि आखिर झूठी शान और गुस्से की कीमत और कितनी जानों को चुकानी पड़ेगी।
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Frequently Asked Questions (FAQs) for This News
\r\n\r\nQ1: मेरठ में बर्थडे पार्टी में हत्या क्यों हुई?
\r\n\r\nAns: मेरठ के लिसाड़ी गेट में एक बर्थडे पार्टी के दौरान बेटियों के डांस करने से नाराज पिता सलीम ने अपने साले यूनुस की चाकू मारकर हत्या कर दी।
\r\n\r\nQ2: आरोपी सलीम ने अपने साले को क्यों मारा?
\r\n\r\nAns: आरोपी सलीम को अपनी बेटियों का डीजे पर डांस करना पसंद नहीं आया। जब वह उन्हें जबरदस्ती ले जाने लगा, तो साले यूनुस ने बीच-बचाव किया, जिससे नाराज होकर सलीम ने उसे चाकू मार दिया।
\r\n\r\nQ3: आरोपी सलीम क्या काम करता है?
\r\n\r\nAns: पुलिस के मुताबिक, आरोपी सलीम और मृतक यूनुस दोनों मजदूरी का काम करते थे।
\r\n\r\nQ4: घटना किस थाना क्षेत्र की है?
\r\n\r\nAns: यह घटना मेरठ के लिसाड़ी गेट (Lisari Gate) थाना क्षेत्र की है।
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अगर आप भी अपने आस-पास ऐसी कोई घटना देखते हैं, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। अपराध को रोकना हम सबकी जिम्मेदारी है।
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