उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज अब जानलेवा होता जा रहा है। पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं ने पूरे प्रदेश को 'फ्रीजर' में तब्दील कर दिया है। हाड़ कंपाने वाली ठंड और घने कोहरे की दोहरी मार ने जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। कुदरत के इस कहर को देखते हुए प्रशासन ने पूरे प्रदेश में 12वीं तक के सभी स्कूल-कॉलेजों को 1 जनवरी तक बंद रखने का सख्त आदेश जारी कर दिया है।Read also:-यूपी में 'कोल्ड इमरजेंसी': 20 जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित, कोहरे और गलन के बीच प्रशासन का सख्त एक्शन; देखें पूरी लिस्ट
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हालात यह हैं कि सुबह के समय घर से निकलना किसी चुनौती से कम नहीं है। आसमान से टपकती ओस की बूंदें रिमझिम बारिश का अहसास करा रही हैं, तो वहीं घने कोहरे (Dense Fog) ने दिन में ही रात जैसा मंजर पैदा कर दिया है। मौसम विभाग ने अगले 4 दिनों के लिए 'कोल्ड डे' और 'सीवियर कोल्ड डे' की चेतावनी जारी की है, जिसका मतलब है कि नए साल का जश्न भी इस बार रजाई और कंबलों के बीच ही मनेगा।
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30 जिलों में 'व्हाइट आउट', विजिबिलिटी शून्य तक पहुंची

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प्रदेश के मौसम का हाल बयां करें तो यह किसी हॉरर फिल्म के सीन जैसा हो गया है। सोमवार की सुबह वाराणसी, कानपुर, अलीगढ़, संभल, मेरठ और गाजियाबाद समेत करीब 30 जिले घने कोहरे की सफेद चादर में लिपटे नजर आए। कोहरा इतना घना था कि हाथ को हाथ नहीं सूझ रहा था।
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मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश के 8 से 10 प्रमुख शहरों में विजिबिलिटी (दृश्यता) शून्य मीटर तक गिर गई। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और जो इक्का-दुक्का वाहन निकले भी, वे अपनी हेडलाइट और फॉग लैंप जलाकर रेंगते हुए नजर आए। लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह ने स्पष्ट किया है कि पहाड़ों पर हो रही लगातार बर्फबारी का सीधा असर मैदानी इलाकों में दिख रहा है। उन्होंने बताया कि अगले तीन दिनों तक रात के तापमान में गिरावट के साथ-साथ दिन में भी ठिठुरन और बढ़ेगी। धूप निकलने के आसार बेहद कम हैं, और अगर धूप निकली भी तो वह बेअसर साबित होगी।
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सेहत पर सबसे बड़ा वार: 'हार्ट अटैक वेदर' बना जानलेवा

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ठंड का यह सितम सिर्फ रूह कंपाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अब जानलेवा साबित हो रहा है। अस्पतालों के आंकड़े डराने वाले हैं। इसे डॉक्टरों ने 'हार्ट अटैक वेदर' का नाम दिया है। लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) और लोहिया संस्थान की ओपीडी में पिछले कुछ दिनों में दिल के मरीजों की संख्या में 30 प्रतिशत तक का जबरदस्त इजाफा हुआ है।
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अस्पतालों की रिपोर्ट बताती है कि लारी कार्डियोलॉजी विभाग की ओपीडी में मरीजों का आंकड़ा रोज 400 के पार पहुंच रहा है, जबकि लोहिया संस्थान में यह संख्या 300 से अधिक है। मरीज सीने में भारीपन, घबराहट, अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ने और दर्द जैसी गंभीर शिकायतों के साथ इमरजेंसी में पहुंच रहे हैं।
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डॉक्टरों की सलाह: कार्डियोलॉजिस्ट्स का कहना है कि अत्यधिक ठंड में नसें सिकुड़ जाती हैं (Vasoconstriction), जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और हार्ट पर लोड पड़ता है। यह स्थिति हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ा देती है।
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    चेतावनी: बुजुर्गों और ब्लड प्रेशर के मरीजों को सुबह की सैर (Morning Walk) पूरी तरह बंद करने की सलाह दी गई है।
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    बचाव: शरीर को पूरी तरह गर्म कपड़ों से ढककर रखें और गुनगुना पानी पीते रहें।
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रफ्तार पर ब्रेक: 100 ट्रेनें लेट, हाईवे पर रेंगते पहिये

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कोहरे की सबसे बड़ी मार यातायात व्यवस्था पर पड़ी है। भारतीय रेलवे का शेड्यूल पूरी तरह से पटरी से उतर गया है। घने कोहरे के कारण गोरखपुर, जालौन, वाराणसी, और लखनऊ समेत अन्य प्रमुख रेलवे स्टेशनों से गुजरने वाली 100 से ज्यादा ट्रेनें अपने निर्धारित समय से कई घंटे की देरी से चल रही हैं।
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    देरी का आलम: नई दिल्ली-लखनऊ शताब्दी, प्रयागराज एक्सप्रेस, जनशताब्दी एक्सप्रेस, बरेली-अलीगढ़ पैसेंजर, और सद्भावना एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें 4 से 10 घंटे तक की देरी से चल रही हैं। यात्रियों को स्टेशनों पर कड़कड़ाती ठंड में रात गुजारनी पड़ रही है।
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    हवाई यातायात: विमान सेवाओं पर भी कोहरे का असर साफ दिख रहा है। वाराणसी और लखनऊ एयरपोर्ट पर कम विजिबिलिटी के कारण कई फ्लाइट्स देरी से उड़ान भर रही हैं, जबकि कुछ को डायवर्ट करने की नौबत आ गई है।
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हाथरस में कोहरे का खूनी खेल: दो हादसों में 7 लोग घायल

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विजिबिलिटी कम होने का खामियाजा सड़क पर चलने वाले लोगों को भुगतना पड़ रहा है। हाथरस जिले में सोमवार की सुबह कोहरे के कारण दो भीषण सड़क हादसे हुए, जिन्होंने प्रशासन की नींद उड़ा दी है।
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    स्कूली बस और रोडवेज की टक्कर: हाथरस में आगरा-अलीगढ़ नेशनल हाईवे पर सासनी क्षेत्र में एक खाली स्कूली बस और रोडवेज बस की आमने-सामने जबरदस्त भिड़ंत हो गई। गनीमत रही कि स्कूली बस में बच्चे नहीं थे, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। इस दुर्घटना में बस का चालक और परिचालक गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि रोडवेज बस में बैठी एक महिला यात्री को भी चोटें आईं।
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    श्रद्धालुओं की वैन डंपर से भिड़ी: दूसरा हादसा सादाबाद-जलेसर मार्ग पर नगला ब्राह्मण और मढ़ाका के बीच हुआ। सुबह करीब 5 से 5:30 बजे के बीच घने कोहरे के कारण एक तेज रफ्तार डंपर ने ईको वैन को टक्कर मार दी। वैन में सवार पांच लोग, जो वृंदावन में बांके बिहारी के दर्शन करने जा रहे थे, गंभीर रूप से घायल हो गए। चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीणों और पुलिस ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया।
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सीएम योगी का 'एक्शन प्लान': अफसरों को AC कमरों से निकलने का आदेश

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प्रदेश में ठंड की भयावह स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद कमान संभाल ली है। सीएम योगी ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों को सख्त निर्देश दिया है कि वे अपने AC कमरों और दफ्तरों से बाहर निकलें और फील्ड में उतरें।
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सीएम के प्रमुख निर्देश:

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    रैन बसेरे: कोई भी गरीब या बेसहारा खुले आसमान के नीचे न सोए। रैन बसेरों में बिस्तर, रजाई और साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त की जाए।
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    अलाव: सार्वजनिक स्थानों, चौराहों और बस अड्डों पर अलाव (Bonfire) की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और लकड़ी की कमी न होने पाए।
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    राहत वितरण: जरूरतमंदों को कंबल और गर्म कपड़े वितरित किए जाएं। सीएम ने साफ कहा है कि अगर ठंड से किसी की जान गई, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
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जिलावार मौसम का 'ब्लैक बॉक्स': कहाँ कितना टॉर्चर?

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प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आ रही खबरें बता रही हैं कि ठंड का प्रकोप किस कदर बढ़ गया है:
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    बिजनौर (सबसे ठंडा): बिजनौर जिले में ठंड ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यहाँ न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है, जो प्रदेश में सबसे कम है। पिछले दो सप्ताह से यहाँ कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। नगीना कृषि अनुसंधान केंद्र के अनुसार, सुबह और रात के समय आर्द्रता (Humidity) 90% से ऊपर रह रही है।
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    मेरठ: क्रांतिधरा मेरठ में ठंड नैनीताल से भी ज्यादा महसूस की जा रही है। यहाँ न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान भी सामान्य से काफी नीचे है।
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    गाजियाबाद: दिल्ली से सटे गाजियाबाद में ठंड के साथ-साथ प्रदूषण की मार भी है। यहाँ का AQI (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 400 के खतरनाक स्तर को पार कर गया है। न्यूनतम तापमान 7 डिग्री है, लेकिन बर्फीली हवाओं (6 किमी प्रति घंटा) ने इसे और जानलेवा बना दिया है।
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    हापुड़: यहाँ पिछले 5 दिनों से सूरज देवता के दर्शन दुर्लभ हो गए हैं। गलन और शीतलहर ने लोगों को घरों में कैद कर दिया है।
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    आगरा: ताजनगरी में कोहरे का कहर जारी है। आगरा-भोपाल शताब्दी समेत कई ट्रेनें घंटों लेट हैं। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि दिन में हल्की धूप निकल सकती है, लेकिन शाम होते ही कोहरा फिर डेरा जमा लेगा।
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    संभल: यहाँ चार दिनों बाद कोहरे से थोड़ी राहत मिली थी, लेकिन सर्द हवाओं ने गलन बढ़ा दी है। जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने यहाँ भी नर्सरी से इंटरमीडिएट तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है।
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किसानों पर 'सफेद आफत': आलू और सरसों की फसल खतरे में

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इंसानों के साथ-साथ फसलों पर भी इस मौसम का बुरा असर पड़ रहा है। लगातार गिरते तापमान और कोहरे के कारण किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। कृषि विशेषज्ञों ने इसे 'सफेद आफत' करार दिया है।
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    खतरा: आलू की फसल में 'झुलसा रोग' (Late Blight) और सरसों की फसल में माहू कीट (Aphids) लगने का खतरा बढ़ गया है। पाला पड़ने से सब्जियों की ग्रोथ रुक सकती है।
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    विशेषज्ञ सलाह: कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में नमी बनाए रखने के लिए हल्की सिंचाई करें। कोहरे के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए फसलों पर जिंक और क्लोरोपाइरीफॉस जैसी दवाओं का छिड़काव करें और नियमित निगरानी रखें।
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मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि नए साल का स्वागत कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच ही होगा। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की सक्रियता के कारण पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में अभी लंबा खिंचेगा। ऐसे में 'खबरीलाल' अपने पाठकों से अपील करता है कि मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लें।
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    अपील: बेवजह यात्रा करने से बचें। अगर गाड़ी चलानी पड़े तो फॉग लाइट्स का इस्तेमाल करें और रफ्तार धीमी रखें। अपने घर के बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ख्याल रखें। ठंड को हल्के में न लें, क्योंकि यह मौसम लापरवाही पर भारी पड़ सकता है।
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