मेरठ: पश्चिम उत्तर प्रदेश (West UP) में हाईकोर्ट बेंच (High Court Bench) की दशकों पुरानी मांग ने अब एक निर्णायक मोड़ ले लिया है। केंद्रीय संघर्ष समिति ने आगामी 17 दिसंबर को पश्चिम उत्तर प्रदेश में 'पूर्ण बंद' (Complete Shutdown) की घोषणा की है। इस आंदोलन का केंद्र मेरठ (Meerut News) बना हुआ है, जहां वकीलों की इस मांग को अब राजनीतिक दलों, व्यापारी संगठनों और विभिन्न सामाजिक समाजों का व्यापक समर्थन मिल गया है।READ ALSO:-बिजली उपभोक्ताओं के लिए 'गुड न्यूज' और 'बैड न्यूज': अब 'नेवर पेड' वाले 1000 और लोगों को मिलेगा बिल छूट का लाभ; उधर सहारनपुर में टीम को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा
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शुक्रवार को मेरठ में गहमागहमी का माहौल रहा। सपा, बसपा और कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने आपसी मतभेद भुलाकर हाईकोर्ट बेंच की मांग का समर्थन किया है। वहीं, जिला प्रशासन भी कानून व्यवस्था को लेकर अलर्ट मोड पर आ गया है।
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सपा-बसपा एक मंच पर, मायावती की भी मिली हरी झंडी

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शुक्रवार को मेरठ बार एसोसिएशन के कार्यालय में राजनीतिक एकजुटता देखने को मिली।
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    समाजवादी पार्टी: सपा जिलाध्यक्ष कर्मवीर सिंह गूमी अपने कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे और पार्टी की ओर से 17 दिसंबर के बंद को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की।
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    बहुजन समाज पार्टी: बसपा जिलाध्यक्ष डॉ. सुभाष प्रधान ने भी बार कार्यालय पहुंचकर समर्थन पत्र सौंपा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पार्टी सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की अनुमति लेकर यहां आए हैं, जो इस मांग की गंभीरता को दर्शाता है।
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    कांग्रेस: केंद्रीय संघर्ष समिति के चेयरमैन संजय शर्मा ने बताया कि कांग्रेस महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा ने भी फोन पर पार्टी का समर्थन व्यक्त किया है।
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इसके अलावा, भारतीय वाल्मीकि आदि धर्म समाज, पंजाबी समाज और युवा ब्राह्मण समाज संगठन ने भी लिखित में अपना समर्थन दिया है।
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बाजार भी रहेंगे बंद, व्यापारियों ने मिलाया हाथ

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किसी भी बंद की सफलता व्यापारियों पर निर्भर करती है और इस बार मेरठ के व्यापारी वकीलों के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। शारदा रोड व्यापार संघ के कार्यक्रम में संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता, मनीष शर्मा और अमित अग्रवाल ने High Court Bench की मांग को जायज ठहराते हुए समर्थन पत्र सौंपा।
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इसके अलावा, शाहघासा बाजार और किला रोड व्यापार संघ (जेल चुंगी) के अध्यक्ष आशीष अग्रवाल ने भी अपनी कार्यकारिणी के साथ 17 दिसंबर को बाजार बंद रखने की घोषणा की है।
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DM-SSP के साथ बैठक: आम जनता को नहीं होगी परेशानी
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बंद के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए शुक्रवार शाम को जिलाधिकारी (DM) डॉ. वी.के. सिंह और एसएसपी (SSP) डॉ. विपिन ताडा ने संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। चेयरमैन संजय शर्मा और संयोजक राजेंद्र सिंह राणा ने अधिकारियों को आश्वासन दिया कि:
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    शांतिपूर्ण प्रदर्शन: बंद पूरी तरह से शांतिपूर्ण होगा।
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    आवश्यक सेवाएं: आम जनता की सुविधा के लिए दूध, ब्रेड, अखबार, सब्जी और मेडिकल जैसी आवश्यक सेवाओं को बंद से मुक्त रखा जाएगा।
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    प्रशासन ने भी अपील की है कि जबरन किसी दुकान को बंद न कराया जाए।
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ई-रिक्शा से प्रचार, तहसीलों में भी असर

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आंदोलन को धार देने के लिए वकीलों ने कचहरी परिसर में जनसंपर्क अभियान चलाया। साथ ही, पूरे शहर में ई-रिक्शा पर लाउडस्पीकर लगाकर 17 दिसंबर के बंद को सफल बनाने की अपील की जा रही है। संघर्ष समिति ने सरधना और मवाना तहसील बार एसोसिएशन को भी पत्र भेजकर अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभावशाली बंद कराने का निर्देश दिया है।
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पश्चिम उत्तर प्रदेश की जनता को सस्ता और सुलभ न्याय दिलाने के लिए High Court Bench की मांग अब एक जन-आंदोलन का रूप ले चुकी है। 17 दिसंबर का बंद यह तय करेगा कि सरकार इस मांग को कितनी गंभीरता से लेती है। फिलहाल, सभी की निगाहें इस महाबंद के असर पर टिकी हैं।
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