मेरठ। बुधवार को मेरठ नगर निगम की बोर्ड बैठक शुरू होने से पहले ही 'जंग का मैदान' बन गई। बैठक के बाहर सफाई कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया, तो वहीं अंदर पार्षदों ने खाने-पीने के मुद्दे पर हंगामा कर दिया। यह बैठक, जो शहर के विकास पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी, शुरू से अंत तक गहमागहमी और आरोप-प्रत्यारोप में डूबी रही।READ ALSO:-मेरठ में चला बुलडोजर: अल्पसंख्यक समुदाय को ही प्लॉट देने के आरोप वाली अब्दुल्लाह रेजीडेंसी पर बड़ी कार्रवाई
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गेट पर कर्मचारियों का विरोध, अंदर पार्षदों का 'बदला'
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बैठक के लिए जब महापौर हरिकांत अहलूवालिया और नगर आयुक्त सौरभ गंगवार सीसीएसयू के बृहस्पति भवन पहुंचे, तो सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष दिनेश मनोठिया ने अपने समर्थकों के साथ उनका रास्ता रोक लिया। कर्मचारी अपनी पुरानी मांगों की अनदेखी और अपमान किए जाने से नाराज थे।
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इस बीच, अंदर बैठे पार्षदों ने भी एक अनोखे तरीके से विरोध जताया। वे इस बार अपने साथ अपना खाना, पानी और चाय लेकर पहुंचे थे। पार्षद पवन चौधरी ने आरोप लगाया कि पिछली बैठक में नगर निगम के कर्मचारियों ने खाने को लेकर पार्षदों को अपमानित किया था। उन्होंने कहा, "आज हम अपमान से बचने और विरोध जताने के लिए अपना खाना खुद लेकर आए हैं।"
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महापुरुषों के नाम पर सहमति, पर विकास पर छिड़ी जंग
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हंगामे के बीच भी कुछ मुद्दों पर चर्चा हुई। भाजपा पार्षद उत्तम सैनी ने रैपिड और मेट्रो स्टेशनों का नाम महापुरुषों के नाम पर रखने का प्रस्ताव दिया, जिसका सभी ने समर्थन किया। पार्षद प्रदीप ने खास तौर पर एक स्टेशन का नाम डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर रखने की मांग की।
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'जितना टैक्स, उतना विकास' पर गरमाई बहस
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बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन दो मुद्दों ने सबसे ज्यादा हंगामा खड़ा किया।
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    स्टेशनों के नाम पर राजनीति: भाजपा पार्षद उत्तम सैनी ने रैपिड और मेट्रो स्टेशनों का नाम महापुरुषों के नाम पर रखने का प्रस्ताव दिया, जिसे सर्वसम्मति से समर्थन मिला। पार्षद प्रदीप ने एक स्टेशन का नाम डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर रखने की मांग की।
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    टैक्स और विकास पर बवाल: मुस्लिम पार्षदों ने अपने क्षेत्रों में विकास की कमी का मुद्दा उठाया। इस पर भाजपा पार्षदों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने कहा कि जिन क्षेत्रों से टैक्स मिलता है, विकास भी उसी के अनुसार होता है। उन्होंने कहा कि जो लोग विकास चाहते हैं, उन्हें अपने क्षेत्र की टैक्स व्यवस्था को भी देखना चाहिए। इस बात पर सदन में जोरदार हंगामा हुआ, जिससे बैठक का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया।
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लेकिन, असली हंगामा तब शुरू हुआ जब मुस्लिम पार्षदों ने अपने क्षेत्रों में जानबूझकर विकास की अनदेखी का आरोप लगाया। इस बात पर भाजपा पार्षद भड़क गए। महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने भी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "जो लोग विकास मांग रहे हैं, उन्हें अपने क्षेत्र से आने वाले टैक्स की व्यवस्था भी देखनी चाहिए।" इस बयान के बाद सदन में 'जितना टैक्स, उतना विकास' का मुद्दा गरमा गया, और दोनों पक्षों के बीच खूब तनातनी देखने को मिली।
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