मेरठ। दीपावली के त्योहार से ठीक पहले, मेरठ क्राइम ब्रांच और सर्विलांस टीम ने शहर के लोगों को एक अनमोल तोहफा दिया है। पुलिस ने गहन कार्रवाई करते हुए ₹40 लाख से अधिक कीमत के 217 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिन्हें मंगलवार को उनके असली मालिकों को वापस सौंपा गया। मोबाइल पाकर लोगों के चेहरों पर जो खुशी दिखी, वह पुलिस की इस बड़ी सफलता को बयाँ करती है।Read also:-'अब चरखा नहीं, भारत में बना आई-फोन है स्वदेशी की पहचान', बोले मेरठ सांसद अरुण गोविल, 3 महीने के अभियान का किया ऐलान
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मोबाइल लेने के लिए पुलिस लाइन में लगी लोगों की भीड़।

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मिशन 'गुमशुदा मोबाइल': तीन साल पुरानी उम्मीद भी लौटी
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क्राइम ब्रांच की सर्विलांस टीम पिछले कई वर्षों से गुम हुए मोबाइल फोनों को ट्रैक करने का काम कर रही है। मंगलवार को एसएसपी डॉ. विपिन ताडा की मौजूदगी में जब ये 217 मोबाइल लोगों को सौंपे गए, तो कई हैरान कर देने वाली कहानियाँ सामने आईं।
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    पुरानी उम्मीदों की वापसी: बरामद किए गए फोनों में काफी मोबाइल ऐसे हैं, जो दो से तीन साल पहले गुम हुए थे। फोन के मालिक FIR दर्ज कराने के बाद उम्मीद खो चुके थे, लेकिन मंगलवार को पुलिस का फोन आया तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
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70% फोन महिलाओं के, मिशन शक्ति को मिली मजबूती
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एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि यह कार्रवाई मिशन शक्ति 5.0 के तहत की गई है। इस बरामदगी का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि बरामद हुए मोबाइल फोनों में से 70 प्रतिशत फोन महिलाओं के थे।
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एसएसपी ने कहा कि निश्चित तौर पर गुम हुए मोबाइल वापस मिलने के बाद इन महिलाओं के चेहरे पर ख़ुशी जरूर लौटी होगी। उन्होंने महिलाओं को सुरक्षा और डिजिटल जागरूकता से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी वाले पम्पलेट भी वितरित किए।
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बरामद किए गए फोनों में तीन से चार साल पुराने फोन भी शामिल रहे।
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"खुशी का ठिकाना नहीं रहा...": जब लोगों ने सुनाई अपनी कहानी
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    4 साल बाद मिला फोन: मेरठ निवासी मोहम्मद आरिफ ने भावुक होकर बताया, "चार साल पहले बाइक पर मेरा फोन छीन लिया गया था। रिपोर्ट तो कराई, पर समय के साथ उम्मीद खत्म हो गई थी। अब जब थाने से फोन आया तो यकीन ही नहीं हुआ। खुशी का ठिकाना नहीं है।"
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    बलिया से आया छात्र: शुभम ओझा खास तौर पर बलिया से अपना फोन लेने मेरठ आए थे। उन्होंने कहा, "मैं 2022 में यहां परीक्षा देने आया था, तभी फोन गुम हो गया। मैंने एक-एक पैसा जोड़कर वो फोन लिया था। पुलिस को बहुत-बहुत धन्यवाद।"
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    ₹70 हजार का आई-फोन मिला: बबलू सूद ने कहा, "दो साल पहले पिलखुवा में एक शादी में किसी ने जेब से मेरा 70 हजार का आई-फोन निकाल लिया था। मैं तो भूल ही चुका था। पुलिस का फोन आया तो मैं हैरान रह गया। खोई हुई कीमती चीज वापस मिल जाए, इससे बड़ी खुशी क्या होगी।"
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    किश्तें पूरी हुईं, फोन भी मिल गया: अंकित मांगलिक ने बताया, "छह महीने पहले मेरा फोन चोरी हो गया था, जिसे मैंने फाइनेंस पर लिया था। हाल ही में उसकी किश्तें पूरी हुई थीं। मन में बहुत दुख था, लेकिन अब नौचंदी थाने से फोन आया तो दिल खुश हो गया।"
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इनके अलावा, कविता, अनामिका और तरन्नुम जैसी कई महिलाओं और छात्राओं ने भी अपनी खुशी जाहिर की और मेरठ पुलिस के इस प्रयास की जमकर सराहना की।
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