खबरीलाल डेस्क रिपोर्ट: दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए, विशेषकर मेरठवासियों के लिए एक बहुत ही बड़ी और शानदार खुशखबरी सामने आई है। उत्तराखंड (Uttarakhand) की हसीन वादियों और देवभूमि के सफर को आसान बनाने वाला बहुप्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड एसेस कंट्रोल हाईवे (Delhi-Dehradun Greenfield Access Controlled Highway) आखिरकार आम जनता और वाहनों की आवाजाही के लिए पूरी तरह से खोल दिया गया है।READ ALSO:-मेरठ में सेहत के दुश्मनों पर सर्जिकल स्ट्राइक: 28 क्विंटल केमिकल वाला 'जहरीला' पनीर बरामद, जेसीबी से गड्ढा खोदकर दफनाया गया मौत का सामान
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) द्वारा मंगलवार को इस अत्याधुनिक हाईवे का विधिवत उद्घाटन किया गया था। उद्घाटन से पहले निर्माण कार्य और सुरक्षा के चलते कुछ स्थानों पर कट को मिट्टी डालकर बंद किया गया था, जिसे अब प्रशासन और एनएचएआई (NHAI) ने पूरी तरह से हटा दिया है। अब यात्री बिना किसी बाधा और रुकावट के इस फर्राटेदार हाईवे पर अपनी गाड़ियों दौड़ा सकते हैं। इस नए हाईवे के शुरू होने से सबसे बड़ा फायदा मेरठ और आसपास के जिलों के लोगों को हुआ है, जिनका देहरादून तक का सफर अब पहले के मुकाबले बेहद रोमांचक, सुरक्षित और बहुत ही कम समय का रह गया है।
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मेरठवासियों के लिए देहरादून जाने के अब दो प्रमुख विकल्प

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पहले मेरठ (Meerut) या दिल्ली से देहरादून जाने वाले यात्रियों के लिए सफर किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होता था। जाम, संकरी सड़कें और लंबी दूरी के कारण लोगों का काफी समय बर्बाद होता था। लेकिन अब मेरठवासियों के पास देहरादून जाने के लिए दो बेहद शानदार विकल्प मौजूद हैं।
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    पहला और पुराना मार्ग: मेरठ-रुड़की-हरिद्वार हाईवे (पुराना NH-58)। यह वह मार्ग है जिससे हम सब पिछले कई दशकों से यात्रा करते आ रहे हैं। इस मार्ग पर कई बार रुड़की और हरिद्वार के पास भारी जाम का सामना करना पड़ता था।
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    दूसरा और नया हाईटेक विकल्प: 'दिल्ली-देहरादून एसेस कंट्रोल ग्रीनफील्ड हाईवे'। यह नया हाईवे पूरी तरह से सिग्नल-फ्री (Signal Free) और एसेस कंट्रोल है, जहां कोई भी बीच से नहीं घुस सकता। इस मार्ग ने दिल्ली और देहरादून के बीच की दूरी को तो कम किया ही है, साथ ही यात्रा के समय को भी आधा कर दिया है।
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लोग अब दोनों मार्गों से यात्रा करके पुराने और नए सफर की तुलना कर सकते हैं और अपने नए अनुभव साझा कर सकते हैं।
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मेरठ से नए हाईवे तक कैसे पहुंचें? जानिए पूरा रूट प्लान

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अगर आप मेरठ में हैं और इस वीकेंड देहरादून जाने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके मन में यह सवाल जरूर आ रहा होगा कि इस नए ग्रीनफील्ड हाईवे (Greenfield Highway) पर कैसे चढ़ा जाए। आपको बता दें कि नए मार्ग के माध्यम से मेरठ से देहरादून केवल ढाई घंटे (2.5 Hours) में पहुंचा जा सकता है। इसके लिए आप इन रास्तों का उपयोग कर सकते हैं:
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विकल्प 1: शामली-करनाल हाईवे (सबसे सुगम और अनुशंसित मार्ग) यह मेरठ से नए हाईवे तक पहुंचने का सबसे बेहतरीन और सीधा रास्ता है। मेरठ से शामली-करनाल हाईवे (Shamli-Karnal Highway) पकड़ें। उस पर आगे बढ़ते हुए फुगाना (Fugana) से आगे 'खेड़ा मस्तान' (Kheda Mastan) के पास आपको दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे के लिए एक विशाल इंटरचेंज (Interchange) मिलेगा। जैसे ही आप इस इंटरचेंज से हाईवे पर चढ़ेंगे, वहां से देहरादून की दूरी मात्र 143 किलोमीटर रह जाती है। इस तरह मेरठ से देहरादून की कुल दूरी लगभग 196 किलोमीटर पड़ेगी। इस एसेस कंट्रोल हाईवे पर कारों के लिए 100 किमी/घंटे (100 kmph) की स्पीड लिमिट तय की गई है। सड़क पर कोई जाम या ब्रेकर नहीं मिलेगा, जिससे आप आराम से ढाई घंटे में देहरादून की वादियों में होंगे।
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विकल्प 2: बागपत हाईवे होते हुए टटीरी इंटरचेंज (फिलहाल बचें) वैसे तो आप मेरठ से बागपत हाईवे (Baghpat Highway) होते हुए अग्रवाल मंडी टटीरी (Tatiri) के इंटरचेंज से भी इस नए हाईवे पर सीधे चढ़ सकते हैं। लेकिन, आपको बता दें कि वर्तमान में टटीरी में रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण कार्य जोरों पर चल रहा है। इस कारण वहां जाम और असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में जब तक ओवरब्रिज पूरी तरह से बनकर तैयार नहीं हो जाता, तब तक इस मार्ग से जाने से बचना चाहिए और पहले विकल्प का ही चुनाव करना चाहिए।
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विकल्प 3: पुराना NH-58 से गागलहेड़ी कट यदि आप शामली-करनाल हाईवे से नहीं जाना चाहते हैं और अपने पुराने परिचित रास्ते से ही आगे बढ़ना चाहते हैं, तो आप पुराने NH-58 से आगे बढ़ते जाएं। देवबंद फ्लाईओवर पार करने के बाद नागल (Nagal) से आगे बढ़ने पर आपको गागलहेड़ी (Gagalheri) के पास एक कट मिलेगा। इस कट के जरिए आप सीधे नए ग्रीनफील्ड हाईवे पर चढ़ सकते हैं और अपनी आगे की यात्रा को सुगम बना सकते हैं।
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100 किमी/घंटे की रफ्तार, न कोई ब्रेकर, न कोई जाम

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इस दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे की सबसे बड़ी खासियत इसकी इंजीनियरिंग और डिजाइन है। 'एसेस कंट्रोल' (Access Controlled) होने का मतलब है कि इस हाईवे पर कोई भी स्थानीय वाहन, ट्रैक्टर, या जानवर बीच से अचानक नहीं आ सकता। इसके दोनों तरफ फेंसिंग की गई है और प्रवेश तथा निकास के लिए विशेष इंटरचेंज बनाए गए हैं। यात्री अपनी कारों को 100 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से दौड़ा सकते हैं। इस गति और बिना किसी लाल बत्ती या जाम के, यह सफर ड्राइविंग का एक बेहतरीन अनुभव प्रदान कर रहा है।
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ऑनलाइन मैप्स पर क्यों नहीं दिख रहा नया हाईवे? जानिए कब से दिखेगा

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कई यात्री जो इस नए हाईवे पर सफर करना चाहते हैं, वे गूगल मैप्स (Google Maps), एप्पल सफारी (Safari) या मैपल्स इंडिया (MapmyIndia) जैसे ऑनलाइन नेविगेशन प्लेटफॉर्म पर इसे सर्च कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल यह हाईवे ऑनलाइन मैप पर दिखाई नहीं दे रहा है। इसे लेकर यात्रियों में थोड़ी उलझन है।
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इसके पीछे एक ठोस कारण है। दरअसल, जब यह हाईवे आधा-अधूरा ही बन पाया था और इसका निर्माण कार्य चल ही रहा था, तभी सैटेलाइट और डेटा के आधार पर यह ऑनलाइन मैप पर दिखाई देने लगा था। इसे देखकर कुछ लोग अनजाने में इस निर्माणाधीन हाईवे का उपयोग करने लगे थे। निर्माण कार्य और मशीनों की आवाजाही के बीच कुछ गंभीर दुर्घटनाएं (Accidents) भी हो गई थीं। सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इसे सभी मैप प्लेटफॉर्म्स से अस्थायी रूप से हटवा दिया था।
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अगले 2-3 दिन में मिलेगी ऑनलाइन मैप की सुविधा: अब चूंकि प्रधानमंत्री ने इसका उद्घाटन कर दिया है और यह पूरी तरह से सुरक्षित व चालू हो चुका है, तो इसे फिर से डिजिटल मैप्स पर लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस संबंध में एनएचएआई (NHAI) के बागपत क्षेत्र के परियोजना निदेशक (Project Director) नरेंद्र कुमार ने स्पष्ट करते हुए बताया कि तकनीकी टीम इस पर काम कर रही है और महज दो-तीन दिन के भीतर यह नया हाईवे पूरी तरह से ऑनलाइन मैप (Online Maps) पर लाइव दिखाई देने लगेगा। इसके बाद यात्री अपने मोबाइल फोन के नेविगेशन की सहायता से अपने पसंदीदा मार्ग का चयन कर सकेंगे और बिना भटके सीधे देहरादून पहुंच सकेंगे।
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पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा बूस्ट

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इस ग्रीनफील्ड हाईवे के शुरू होने से न केवल आम यात्रियों को फायदा होगा, बल्कि उत्तराखंड के पर्यटन (Uttarakhand Tourism) को भी नए पंख लगेंगे। वीकेंड पर दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ के लोग भारी संख्या में मसूरी, ऋषिकेश और देहरादून का रुख करते हैं। सफर आसान होने से पर्यटकों की संख्या में भारी इजाफा होगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जैसे जिलों के व्यापारिक नेटवर्क में भी इस हाईवे के जरिए तेजी आएगी।
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अगर आप भी इस वीकेंड कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो अपनी गाड़ी उठाइए और इस शानदार दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे का नया अनुभव जरूर लीजिए।
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