मेरठ (एजुकेशन डेस्क/क्राइम रिपोर्टर): शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले और हाल ही में NAAC से A++ ग्रेड हासिल कर देश भर में अपना परचम लहराने वाले चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) के दामन पर एक बदनुमा दाग लगा है। विश्वविद्यालय परिसर (Campus) में ही सुरक्षित महसूस न कर पाने वाली एक छात्रा ने अपने ही शिक्षक पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं।Read also:-मेरठ सेंट्रल मार्केट: बुलडोजर के खौफ के बीच 'ईश्वरीय अदालत' की शरण में व्यापारी; महापंचायत फेल, अब सुंदरकांड का सहारा
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आरोप है कि शारीरिक शिक्षा विभाग (Physical Education Department) के एक शिक्षक ने 'गुरु-शिष्य' की पवित्र परंपरा को तार-तार करते हुए अपनी ही छात्रा को अनैतिक संबंधों का प्रस्ताव (Indecent Proposal) दिया। मामला 12 फरवरी की शाम का है, जब विश्वविद्यालय के जिम में व्यायाम करने गई छात्रा को शिक्षक ने रोक लिया और उसे भविष्य संवारने और खर्चा उठाने का लालच दिया।
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इस घटना ने न केवल विश्वविद्यालय प्रशासन की नींद उड़ा दी है, बल्कि परिसर में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रा ने साहस दिखाते हुए कुलपति (Vice-Chancellor) को लिखित शिकायत सौंपी है और न्याय की गुहार लगाई है।
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घटनाक्रम: 12 फरवरी की शाम, विवि का जिम और वह 'गंदा प्रस्ताव'
\r\n\r\nपीड़िता विश्वविद्यालय परिसर में संचालित बीकॉम ऑनर्स (B.Com Honors) की छात्रा है। अपनी शिकायत में उसने घटना का ब्यौरा देते हुए बताया है कि वह अपनी फिटनेस को लेकर सजग रहती है और अक्सर विश्वविद्यालय के जिम में व्यायाम करने जाती है।
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क्या हुआ उस शाम? शिकायत के अनुसार, 12 फरवरी 2026 की शाम को वह जिम में एक्सरसाइज कर रही थी। जब वह व्यायाम खत्म करके जिम से बाहर निकल रही थी, तभी वहां मौजूद शारीरिक शिक्षा विभाग के शिक्षक संदीप रंधावा ने उसे रोक लिया।
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छात्रा का आरोप है कि शिक्षक ने पहले सामान्य बातचीत शुरू की, लेकिन जल्द ही उनकी भाषा बदल गई। उन्होंने छात्रा की निजी जिंदगी और करियर को लेकर टिप्पणियां करनी शुरू कर दीं।
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शिक्षक के कथित शब्द: पीड़िता ने अपनी शिकायत में दावा किया है कि शिक्षक ने उसे लालच देते हुए कहा:
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\r\n\r\n\r\n"तुम क्यों इतनी मेहनत कर रही हो? मेरे साथ रहोगे तो तुम्हें न तो नौकरी करने की जरूरत पड़ेगी और न ही पैसों की चिंता करनी होगी। तुम्हारा सारा खर्चा मैं उठा लूंगा।"\r\n
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इतना ही नहीं, आरोप है कि शिक्षक ने छात्रा पर उनके साथ घूमने-फिरने (Dating/Hangout) का भी दबाव बनाया और भविष्य में 'फायदा' पहुंचाने की बात कही।
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मानसिक आघात और न्याय की गुहार
\r\n\r\nइस घटना से छात्रा गहरे मानसिक सदमे (Trauma) में है। एक शिक्षक, जिसे पिता तुल्य और मार्गदर्शक माना जाता है, की ओर से ऐसा प्रस्ताव मिलने पर छात्रा घबरा गई।
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शुरुआत में वह डर गई थी, लेकिन बाद में उसने साहस जुटाया और तय किया कि वह चुप नहीं बैठेगी। उसने सीधे विश्वविद्यालय के कुलपति (Vice-Chancellor) के कार्यालय का दरवाजा खटखटाया।
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छात्रा की मांग: अपने प्रार्थना पत्र में छात्रा ने स्पष्ट लिखा है कि:
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- \r\n मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।\r\n \r\n
- \r\n दोषी शिक्षक के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो।\r\n \r\n
- \r\n विश्वविद्यालय में ऐसा माहौल बनाया जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य बेटी के साथ ऐसी हरकत करने की कोई हिम्मत न कर सके।\r\n \r\n
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अधिकारी बोले- 'शिकायत मिली तो बख्शेंगे नहीं'
\r\n\r\nमामले की गंभीरता को देखते हुए जब मीडिया ने विश्वविद्यालय प्रशासन से संपर्क किया, तो अधिकारियों ने सधी हुई प्रतिक्रिया दी।
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रजिस्ट्रार का बयान: CCSU के कुलसचिव (Registrar) अनिल कुमार यादव ने इस मामले पर कहा:
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\r\n\r\n\r\n"अभी तक मेरे संज्ञान में आधिकारिक रूप से ऐसा कोई मामला या शिकायत नहीं आई है। विश्वविद्यालय प्रशासन छात्राओं की सुरक्षा और गरिमा को लेकर बेहद गंभीर है। यदि कुलपति कार्यालय या हमारे पास ऐसी कोई शिकायत आती है, तो विशाखा गाइडलाइंस (Vishakha Guidelines) और विश्वविद्यालय के नियमों के तहत तत्काल जांच कमेटी गठित की जाएगी। जाँच में दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। विवि की छवि और माहौल खराब नहीं होने दिया जाएगा।"\r\n
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हालांकि, सूत्रों का कहना है कि शिकायत कुलपति कार्यालय में रिसीव हो चुकी है और जल्द ही इसे इंटरनल कंप्लेंट कमेटी (ICC) को सौंपा जा सकता है।
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विश्वविद्यालय की साख और सुरक्षा पर सवाल
\r\n\r\nचौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय को हाल ही में NAAC द्वारा A++ ग्रेड दिया गया है, जो शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रमाण है। लेकिन इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि 'ग्रेड' सुधरने से 'मानसिकता' नहीं सुधरती।
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छात्र संगठनों में आक्रोश: घटना की खबर फैलते ही छात्र संगठनों में सुगबुगाहट तेज हो गई है। उनका कहना है कि अगर कैंपस के अंदर जिम जैसी सार्वजनिक जगहों पर शिक्षक ही भक्षक बन जाएंगे, तो छात्राएं सुरक्षित कैसे रहेंगी?
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- \r\n सवाल 1: जिम में सीसीटीवी कैमरे लगे थे या नहीं? अगर लगे थे, तो फुटेज की जांच क्यों नहीं हो रही?\r\n \r\n
- \r\n सवाल 2: क्या आरोपी शिक्षक पर पहले भी ऐसे आरोप लगे हैं?\r\n \r\n
- \r\n सवाल 3: 12 फरवरी की घटना पर 17 फरवरी तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?\r\n \r\n
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विशाखा गाइडलाइंस और कानून क्या कहता है?
\r\n\r\nसुप्रीम कोर्ट की विशाखा गाइडलाइंस और POSH Act (Prevention of Sexual Harassment at Workplace) के तहत, विश्वविद्यालय में एक आंतरिक शिकायत समिति (ICC) का होना अनिवार्य है।
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- \r\n यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) किया जा सकता है।\r\n \r\n
- \r\n मामला पुलिस तक जाने पर छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न की धाराओं में FIR भी दर्ज हो सकती है।\r\n \r\n
- \r\n 'नौकरी का झांसा' और 'खर्चा उठाने का प्रस्ताव' सीधे तौर पर Sexual Harassment (Quid Pro Quo harassment) की श्रेणी में आता है, जिसका मतलब है—"कुछ पाने के बदले कुछ देने का दबाव।"\r\n \r\n
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कार्रवाई का इंतजार
\r\n\r\nमेरठ का यह प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय अब एक परीक्षा की घड़ी से गुजर रहा है। यह परीक्षा किसी डिग्री के लिए नहीं, बल्कि न्याय के लिए है। बीकॉम ऑनर्स की छात्रा ने अपनी आवाज उठाकर सिस्टम को चुनौती दी है। अब देखना यह होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन अपने A++ ग्रेड की गरिमा को बचाने के लिए उस शिक्षक पर क्या कार्रवाई करता है, जिसने शिक्षा के पवित्र पेशे को कलंकित करने का प्रयास किया है।
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फिलहाल, पूरा कैंपस इस मामले में निष्पक्ष जांच और आरोपी शिक्षक पर गाज गिरने का इंतजार कर रहा है।
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(नोट: यह रिपोर्ट प्राप्त जानकारी और आरोपों पर आधारित है। आरोपी पक्ष का बयान अभी सामने नहीं आया है और जांच जारी है।)
Sabse pehle comment karne wale banein.