रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) का यह पवित्र त्योहार केवल भाई-बहन के निजी स्नेह का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह समाज के हर उस शख्स के प्रति विश्वास का धागा है जो हमारी रक्षा और सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर रहता है। जब देश के रक्षक यानी पुलिस अधिकारी खुद आम जनता के बीच पहुंचकर इस पर्व को मनाते हैं, तो यह रिश्ता और अधिक मजबूत हो जाता है।READ ALSO:-Meerut Police Action: SSP के निर्देश पर मेरठ में अपराधियों के खिलाफ बड़ा अभियान, संवेदनशील इलाकों और बाजारों में सघन चेकिंग
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दिनांक 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) जिले में एक ऐसा ही दिल को छू लेने वाला और आत्मीय नजारा देखने को मिला। मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और पुलिस अधीक्षक ग्रामीण (SP Rural) ने थाना सरधना क्षेत्र के ऐतिहासिक श्री विद्या सागर निलय जैन मंदिर में पहुंचकर क्षेत्र की महिलाओं और बालिकाओं के साथ बेहद हर्षोल्लास के साथ रक्षाबंधन का यह पर्व मनाया।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n\r\nआज दिनांक 28.08.2026 को रक्षाबंधन पर्व के पावन अवसर पर थाना सरधना क्षेत्रान्तर्गत श्री विद्या सागर निलय जैन मंदिर, मेरठ में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मेरठ एवं पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, मेरठ द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं के साथ हर्षोल्लासपूर्वक रक्षाबंधन पर्व मनाया गया। इस दौरान मिष्ठान… pic.twitter.com/3uyCU9StaW
\r\n— MEERUT POLICE (@meerutpolice) August 28, 2026
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कार्यक्रम के मुख्य बिंदु (Key Highlights)
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- \r\n प्रमुख उपस्थिति: मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और पुलिस अधीक्षक ग्रामीण (SP Rural)।\r\n \r\n
- \r\n आयोजन स्थल: थाना सरधना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला प्रसिद्ध श्री विद्या सागर निलय जैन मंदिर, मेरठ।\r\n \r\n
- \r\n विशेष गतिविधि: अधिकारियों द्वारा महिलाओं और बच्चियों के साथ संवाद, मिष्ठान वितरण और पर्व की शुभकामनाएं।\r\n \r\n
- \r\n सुरक्षा का संदेश: महिलाओं को यह विश्वास दिलाया गया कि उत्तर प्रदेश पुलिस उनकी सुरक्षा और सम्मान के लिए हर पल प्रतिबद्ध है।\r\n \r\n
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सरधना के जैन मंदिर में सजा खुशियों का माहौल
\r\n\r\nशुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन के इस विशेष दिन पर सरधना स्थित श्री विद्या सागर निलय जैन मंदिर परिसर का वातावरण बेहद उत्साहपूर्ण था। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और शहर से आईं तमाम महिलाएं और बालिकाएं इस पावन अवसर पर मौजूद थीं।
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जब मेरठ पुलिस के शीर्ष अधिकारी— SSP और SP ग्रामीण— अचानक मंदिर परिसर पहुंचे, तो वहां मौजूद लोगों का उत्साह और अधिक बढ़ गया। एक तरफ जहां खाकी वर्दी को देखकर अपराधियों के मन में खौफ रहता है, वहीं आज इसी खाकी को अपने बीच पाकर महिलाएं और बच्चियां बेहद गौरवान्वित महसूस कर रही थीं।
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मिष्ठान वितरण और आत्मीय बातचीत
\r\n\r\nत्योहार की मिठास को और बढ़ाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और एसपी ग्रामीण ने अपने हाथों से मंदिर में उपस्थित सभी महिलाओं और बालिकाओं को मिष्ठान (मिटाइयां) वितरित किए।
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- \r\n अधिकारियों ने बहुत ही आत्मीयता के साथ बच्चियों से उनकी पढ़ाई और भविष्य के सपनों के बारे में बातचीत की।\r\n \r\n
- \r\n महिलाओं को रक्षाबंधन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए अधिकारियों ने कहा कि समाज में महिलाओं और बेटियों का सम्मान और सुरक्षा ही पुलिस प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।\r\n \r\n
- \r\n उपस्थित महिलाओं ने भी पुलिस अधिकारियों के इस सहयोगात्मक और मानवीय व्यवहार की भूरी-भूरी प्रशंसा की और उन्हें पर्व की बधाइयां दीं।\r\n \r\n
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कम्युनिटी पुलिसिंग (Community Policing) की बेहतरीन मिसाल
\r\n\r\nइस तरह के आयोजन समाज में 'कम्युनिटी पुलिसिंग' को एक नई दिशा देते हैं। जब पुलिस अधिकारी अपने व्यस्त शेड्यूल से समय निकालकर आम जनता के बीच त्योहार मनाने पहुंचते हैं, तो इसके दूरगामी और सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलते हैं:
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- \r\n विश्वास की बहाली: जनता और पुलिस के बीच जो एक औपचारिक दूरी या डर का माहौल रहता है, वह ऐसे आयोजनों से पूरी तरह खत्म हो जाता है।\r\n \r\n
- \r\n महिला सुरक्षा को मजबूती: बालिकाओं और महिलाओं का पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत होता है, जिससे वे बिना किसी संकोच के अपनी समस्याएं पुलिस के सामने रख सकती हैं।\r\n \r\n
- \r\n सकारात्मक सामाजिक संदेश: यह पहल समाज में यह संदेश देती है कि पुलिस केवल कानून का पालन कराने वाली एजेंसी नहीं, बल्कि समाज के हर नागरिक के सुख-दुख की साथी है।\r\n \r\n
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एक ऐसा बंधन जो सुरक्षा की गारंटी बने
\r\n\r\nमेरठ SSP और SP ग्रामीण द्वारा सरधना के जैन मंदिर में मनाया गया यह रक्षाबंधन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह पुलिस विभाग की संवेदनशीलता का प्रमाण था। रक्षाबंधन का यह पावन पर्व मेरठ पुलिस और यहां की जनता के बीच भाईचारे, सुरक्षा और अटूट विश्वास के एक नए अध्याय के रूप में हमेशा याद रखा जाएगा।