गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से एक बेहद संवेदनशील, दर्दनाक और पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है। शहर के संजयनगर सेक्टर-23 स्थित गाजियाबाद पिंक बूथ के ठीक बाहर एक 25 वर्षीय युवक की खून बहने से तड़प-तड़पकर मौत हो गई। बताया जा रहा है कि एक अन्य ऑटो चालक के साथ विवाद और मारपीट के बाद युवक मदद की आस में इस पुलिस बूथ तक पहुंचा था। लेकिन जब उसे अंदर जाने नहीं दिया गया, तो हताशा और गुस्से में उसने बूथ के शीशे वाले गेट पर जोर से हाथ मार दिया। कांच हाथ की नसों में गहराई तक घुस गया और अत्यधिक खून बहने के कारण उसकी जान चली गई।READ ALSO:-मेरठ का 'होटल' बना जिस्मफरोशी का अड्डा: व्हाट्सएप पर कैटलॉग, दिल्ली-NCR की युवतियां और 1500 में कमरा; पढ़ें पुलिस रेड की पूरी इनसाइड स्टोरी
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इस पूरी घटना का एक खौफनाक वीडियो भी मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि कैसे एक इंसान जिंदगी और मौत के बीच झूलता रहा, और सिस्टम मूकदर्शक बना रहा। मृतक की पहचान बिहार के सीवान जिले के रहने वाले राजकुमार (25 वर्ष) के रूप में हुई है। परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर घोर लापरवाही और असंवेदनशीलता का आरोप लगाया है।
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विवाद की जड़: सवारी बैठाने और पैसों के लेनदेन को लेकर झड़प
\r\n\r\nमिली जानकारी के अनुसार, मूल रूप से बिहार के सीवान का रहने वाला 25 वर्षीय राजकुमार गाजियाबाद के नंदग्राम थाना क्षेत्र स्थित गुलधर इलाके में अपने परिवार के साथ रहता था। वह ऑटो चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि रविवार (12 जुलाई 2026) दोपहर करीब 3:30 बजे मेरठ रोड पर राजकुमार और एक अन्य ऑटो चालक (या सवारी) के बीच सवारी बैठाने और पैसों के लेनदेन को लेकर तीखी बहस हो गई।
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स्थानीय पुलिस का कहना है कि उस वक्त दोनों ही युवक शराब के नशे में धुत थे। नशे की हालत में यह कहासुनी जल्द ही हिंसक रूप ले बैठी और दोनों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस मारपीट में राजकुमार घायल हो गया और खुद को बचाने या शिकायत करने के मकसद से वह वहां से भागा।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n\r\nदिनांक 12/7/2026 को समय दोपहर में 3:30 बजे, थाना मधुबन बापूधाम अंतर्गत एक ऑटो चालक द्वारा एक ऑटो सवारी को बिठाया गया । दोनों ही नशे की हालत में थे । पैसे के लेनदेन को लेकर दोनों में आपस में वाद-विवाद हुआ, जिसके बाद दोनों ही पिंक बूथ पर पहुँचे और शराब के नशे की हालत में ऑटो सवारी… pic.twitter.com/pAKA1j79dd
\r\n— POLICE COMMISSIONERATE GHAZIABAD (@ghaziabadpolice) July 14, 2026
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गाजियाबाद पिंक बूथ पर क्या हुआ? बंद दरवाजों ने ली जान
\r\n\r\nमारपीट के बाद राजकुमार और दूसरा युवक संजयनगर सेक्टर-23 स्थित गाजियाबाद पिंक बूथ पर पहुंचे। पिंक बूथ विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा और त्वरित पुलिस सहायता के लिए बनाए गए हैं, लेकिन यह किसी भी नागरिक के लिए आपातकालीन मदद का पहला केंद्र होना चाहिए। आरोप है कि जब राजकुमार वहां पहुंचा, तो बूथ का मुख्य गेट अंदर से बंद था।
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खून से लथपथ और बदहवास राजकुमार ने दूसरे गेट से अंदर जाने की कोशिश की, लेकिन बताया जा रहा है कि अंदर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने गेट नहीं खोला। नशे की हालत, मारपीट की चोट और अंदर प्रवेश न मिलने की हताशा में राजकुमार ने बूथ के शीशे वाले गेट पर पूरी ताकत से हाथ मार दिया। शीशा चकनाचूर हो गया और कांच के बड़े टुकड़े राजकुमार के हाथ की नसों में बुरी तरह धंस गए। कांच लगते ही उसके हाथ से खून की धार फूट पड़ी। इसी अफरा-तफरी के बीच मौका पाकर दूसरा युवक वहां से फरार हो गया।
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30 मिनट तक सड़क पर तड़पता रहा युवक, तमाशबीन बने रहे लोग
\r\n\r\nइस घटना का सबसे अमानवीय पहलू यह है कि कांच लगने के बाद राजकुमार बूथ के बाहर सड़क पर गिर पड़ा। उसके हाथ से लगातार खून बह रहा था और वह दर्द से कराहते हुए मदद की गुहार लगा रहा था। परिजनों और चश्मदीदों का आरोप है कि घायल होने के बाद वह करीब 30 मिनट तक सड़क पर तड़पता रहा, लेकिन बूथ के अंदर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत कोई प्राथमिक उपचार (First Aid) या इमरजेंसी सेवा मुहैया नहीं कराई।
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आसपास खड़े लोग भी तमाशबीन बने रहे और किसी ने उसे अपनी गाड़ी से अस्पताल ले जाने की जहमत नहीं उठाई। करीब आधे घंटे बाद, चौकी पर तैनात एक दरोगा मौके पर पहुंचे और उन्होंने एंबुलेंस बुलाकर राजकुमार को जिला अस्पताल भिजवाया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। शरीर से अत्यधिक खून बह जाने (Excessive blood loss) के कारण अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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वायरल वीडियो में दिखा रोंगटे खड़े कर देने वाला मंजर
\r\n\r\nमंगलवार को इस घटना का जो वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, वह विचलित करने वाला है। वीडियो में राजकुमार गाजियाबाद पिंक बूथ के बाहर सड़क पर पड़ा दिखाई दे रहा है। उसके हाथ से खून का फव्वारा निकल रहा है और सड़क का एक बड़ा हिस्सा खून से लाल हो चुका है। वह दर्द से तड़प रहा है, लेकिन आसपास खड़े लोग केवल वीडियो बनाने या मूकदर्शक बनकर देखने में व्यस्त हैं। कुछ देर बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंचती है और उसे स्ट्रेचर पर डालकर ले जाती है। यह वीडियो समाज की संवेदनहीनता और 'बाइस्टैंडर इफेक्ट' (Bystander Effect) का एक जीता-जागता और शर्मनाक उदाहरण है।
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पुलिस की कार्यप्रणाली और डायल-112 पर उठ रहे गंभीर सवाल
\r\n\r\nइस दुखद घटना के बाद गाजियाबाद पुलिस की कार्यप्रणाली कटघरे में है। कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं:
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- \r\n जब युवक घायल अवस्था में बूथ के बाहर पहुंचा था, तो ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने दरवाजा क्यों नहीं खोला?\r\n \r\n
- \r\n शीशा टूटने और युवक के घायल होने के तुरंत बाद स्थानीय थाना पुलिस या डायल-112 को सूचना देकर उसे अस्पताल क्यों नहीं पहुंचाया गया?\r\n \r\n
- \r\n पुलिस बूथ में क्या कोई 'फर्स्ट एड किट' (First Aid Kit) मौजूद नहीं थी जिससे अत्यधिक रक्तस्राव को रोका जा सकता?\r\n \r\n
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अगर समय रहते राजकुमार के हाथ पर पट्टी बांध दी जाती या उसे तुरंत अस्पताल पहुंचा दिया जाता, तो शायद आज एक 25 साल के युवक की जान बच जाती और एक परिवार उजड़ने से बच जाता।
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पुलिस का पक्ष: एएसपी उपासना पाण्डेय का आधिकारिक बयान
\r\n\r\nइस पूरे मामले के तूल पकड़ने और वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस के आला अधिकारियों ने मोर्चा संभाला है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कविनगर की कार्यवाहक सहायक पुलिस आयुक्त (ACP/ASP) श्रीमती उपासना पाण्डेय ने आधिकारिक बयान जारी किया है।
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बाइट- श्रीमती उपासना पाण्डेय, सहायक पुलिस आयुक्त कविनगर (कार्यवाहक):
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n"दिनांक 12/7/2026 को समय दोपहर में 3:30 बजे, थाना मधुबन बापूधाम अंतर्गत एक ऑटो चालक द्वारा एक ऑटो सवारी को बिठाया गया। दोनों ही नशे की हालत में थे। पैसे के लेनदेन को लेकर दोनों में आपस में वाद-विवाद हुआ, जिसके बाद दोनों ही पिंक बूथ पर पहुंचे और शराब के नशे की हालत में ऑटो सवारी ने तेजी से पिंक बूथ के गेट पर हाथ मारा, जिससे उसके हाथ में कांच गड़ गया। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। सभी तथ्यों की जानकारी पुलिस द्वारा की जा रही है, आवश्यक वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मौके पर शांति एवं कानून व्यवस्था कायम है।"\r\n
गाजियाबाद के संजयनगर सेक्टर-23 स्थित पिंक बूथ के बाहर 25 वर्षीय राजकुमार की अत्यधिक खून बहने से मौत हो गई। ऑटो चालक से मारपीट के बाद वह मदद के लिए बूथ पहुंचा था, लेकिन एंट्री न मिलने पर उसने शीशे के गेट पर हाथ मार दिया। कांच हाथ में धंसने से वह 30 मिनट तक सड़क पर तड़पता रहा, लेकिन पुलिस ने कथित तौर पर तुरंत कोई मदद नहीं की। बाद में अस्पताल ले जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। घटना का वीडियो वायरल है और एएसपी उपासना पाण्डेय के अनुसार पुलिस मामले के सभी तथ्यों की गहनता से जांच कर रही है।
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Sabse pehle comment karne wale banein.