खबरीलाल डेस्क | 5 अगस्त 2026
\r\n\r\nलखनऊ / अलीगढ़: उत्तर प्रदेश में प्रयागराज (इलाहाबाद) और अयोध्या (फैजाबाद) के बाद अब ताला नगरी (Tala Nagari) के रूप में दुनिया भर में मशहूर 'अलीगढ़' (Aligarh) का नाम बदलने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। जिले का नाम बदलकर 'हरिगढ़' (Harigarh) किए जाने की मांग एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। शासन स्तर पर इस प्रस्ताव को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है, जिससे यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Adityanath Government) इस दिशा में कोई बड़ा फैसला ले सकती है।
\r\n\r\nराजस्व परिषद (Revenue Council) के आयुक्त एवं सचिव की ओर से अलीगढ़ जिला प्रशासन को पत्र भेजकर इस संबंध में विस्तृत, तथ्यात्मक और औचित्यपूर्ण रिपोर्ट (Justified Report) मांगी गई है। इस खबर के बाहर आते ही प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
\r\n\r\nक्या है पूरा मामला और क्यों मांगी गई है रिपोर्ट?
\r\n\r\nराजस्व परिषद के आयुक्त एवं सचिव सूरज कुमार यादव द्वारा अलीगढ़ जिला प्रशासन को हाल ही में एक आधिकारिक पत्र भेजा गया है। इस पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि जिला पंचायत अध्यक्ष विजय सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखकर अलीगढ़ का नाम बदलकर हरिगढ़ किए जाने का औपचारिक अनुरोध किया था।
\r\n\r\nशासन ने इसी प्रस्ताव का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन से पूरे मामले पर 'तथ्यात्मक और औचित्यपूर्ण आख्या' (Factual and Justified Report) जल्द से जल्द उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए हैं।
\r\n\r\nऔचित्यपूर्ण रिपोर्ट का क्या मतलब है?
\r\n\r\nप्रशासन को शासन को यह बताना होगा कि नाम बदलने का ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक आधार क्या है। क्या राजस्व रिकॉर्ड में नाम बदलने से कोई प्रशासनिक बाधा तो नहीं आएगी? साथ ही जनता और स्थानीय प्रतिनिधियों का इस पर क्या रुख है।
\r\n\r\n
\r\n\r\n2021 में ही पास हो गया था प्रस्ताव: क्या है इसका राजनीतिक सफर?
\r\n\r\nयह कोई पहला अवसर नहीं है जब अलीगढ़ का नाम बदलने की मांग उठी हो। दरअसल, इसकी औपचारिक नींव तीन साल पहले ही रख दी गई थी।
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n जिला पंचायत की ऐतिहासिक बैठक: वर्ष 2021 में जिला पंचायत के नव-निर्वाचित बोर्ड की पहली बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा अलीगढ़ का नाम बदलकर 'हरिगढ़' करने का था।\r\n \r\n
- \r\n सर्वसम्मति से हुआ था पारित: उस बोर्ड बैठक में जिले के सभी विधायकों, सांसदों और पंचायत सदस्यों ने एक सुर में इस प्रस्ताव का समर्थन किया था। प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित होने के बाद शासन को भेज दिया गया था।\r\n \r\n
- \r\n मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत मुलाकात: जिला पंचायत अध्यक्ष विजय सिंह ने इस मुद्दे को केवल पन्नों तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उन्हें इस संबंध में पत्र सौंपा था और नाम परिवर्तन के ऐतिहासिक कारणों से अवगत कराया था।\r\n \r\n
\r\n\r\nहाल ही में राजस्व परिषद द्वारा रिपोर्ट मांगे जाने पर खुशी जताते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष विजय सिंह ने कहा, "बोर्ड की बैठक में पारित प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। अब राजस्व परिषद द्वारा इस मामले में रिपोर्ट मांगा जाना एक बेहद सकारात्मक संकेत है। हमें पूरी उम्मीद है कि शासन जनभावनाओं का सम्मान करते हुए जल्द ही इस दिशा में अंतिम निर्णय लेगा।"
\r\n\r\n600 वर्षों में 5 बार बदला जा चुका है शहर का नाम (History of Aligarh)
\r\n\r\nअलीगढ़ का इतिहास बेहद दिलचस्प और विविधताओं से भरा रहा है। यह शहर हमेशा से एक ही नाम से नहीं जाना जाता था। ऐतिहासिक दस्तावेजों और गजेटियर (Gazetteer) के अनुसार, पिछले लगभग 600 वर्षों के लंबे कालखंड में इस शहर का नाम 5 बार परिवर्तित हुआ है। नाम परिवर्तन हमेशा उस दौर की राजनीतिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक परिस्थितियों का सीधा प्रतीक रहा है।
\r\n\r\nआइए जानते हैं अलीगढ़ के अब तक के सफर और उसके नामों का इतिहास:
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n कोल (Kol): यह अलीगढ़ का सबसे प्राचीन और मूल नाम है। ऐतिहासिक और पौराणिक ग्रंथों में इस क्षेत्र को 'कोल' के नाम से ही जाना जाता था। आज भी अलीगढ़ शहर की एक प्रमुख तहसील का नाम 'कोल' (Koil/Kol) है।\r\n \r\n
- \r\n मुहम्मदगढ़ (Muhammadgarh): मध्यकाल में जब भारत पर इस्लामी शासकों का प्रभाव बढ़ा, तब एक शासक के काल में इसका नाम बदलकर 'मुहम्मदगढ़' कर दिया गया था।\r\n \r\n
- \r\n साबितगढ़ (Sabitgarh): अठारहवीं सदी की शुरुआत में (लगभग 1717 ई. में) यहाँ के गवर्नर साबित खान ने इस शहर का नाम अपने नाम पर 'साबितगढ़' रख दिया था। उन्होंने यहाँ की पुरानी इमारतों का जीर्णोद्धार भी कराया था।\r\n \r\n
- \r\n रामगढ़ (Ramgarh): जब इस क्षेत्र पर मराठों और जाट शासकों (विशेषकर भरतपुर के महाराजा सूरजमल के प्रभाव में) का वर्चस्व स्थापित हुआ, तब इसका नाम बदलकर 'रामगढ़' रखा गया।\r\n \r\n
- \r\n अलीगढ़ (Aligarh): इसके बाद 18वीं सदी के अंत (लगभग 1775) में, जब नजफ खान ने रामगढ़ किले पर कब्जा किया, तो उसने इस किले और शहर का नाम बदलकर 'अलीगढ़' रख दिया। तब से लेकर आज तक यह शहर दुनिया भर में इसी नाम से जाना जाता है।\r\n \r\n
\r\n\r\nकैसे बदलता है किसी शहर का नाम? (The Renaming Process)
\r\n\r\nकिसी भी शहर या जिले का नाम बदलना केवल एक घोषणा से नहीं होता, इसके लिए एक लंबी प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है:
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n स्थानीय स्तर पर प्रस्ताव: सबसे पहले नगर निगम या जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में नाम बदलने का प्रस्ताव पास किया जाता है।\r\n \r\n
- \r\n राज्य सरकार को प्रेषण: प्रस्ताव पास होने के बाद इसे राज्य सरकार (कैबिनेट) को भेजा जाता है।\r\n \r\n
- \r\n गृह मंत्रालय (MHA) की मंजूरी: राज्य कैबिनेट की मुहर लगने के बाद, अंतिम मंजूरी के लिए प्रस्ताव भारत सरकार के गृह मंत्रालय को भेजा जाता है।\r\n \r\n
- \r\n अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC): गृह मंत्रालय रेलवे, डाक विभाग और सर्वे ऑफ इंडिया से NOC (No Objection Certificate) मांगता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि नए नाम का देश में कोई अन्य शहर या स्टेशन तो नहीं है।\r\n \r\n
- \r\n राजपत्र (Gazette) में प्रकाशन: NOC मिलने के बाद राज्य सरकार आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी करती है और राजस्व रिकॉर्ड में नाम बदल दिया जाता है।\r\n \r\n
\r\n\r\nआगे क्या? क्या कहते हैं जानकार?
\r\n\r\nअब जब राजस्व परिषद ने रिपोर्ट तलब कर ली है, तो यह देखना बेहद महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन अपनी रिपोर्ट में क्या-क्या तथ्य पेश करता है। अलीगढ़ न केवल अपने तालों (Lock Industry) के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यहाँ स्थित अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के कारण इसकी एक अंतरराष्ट्रीय पहचान भी है।
\r\n\r\nराजनीतिक जानकारों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को पुनर्जीवित करने के योगी सरकार के एजेंडे में अलीगढ़ का नाम हरिगढ़ करना पूरी तरह से फिट बैठता है। हालांकि, यह मामला आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति, मीडिया और प्रशासनिक हलकों में एक बड़ी बहस और चर्चा का विषय बना रह सकता है।
\r\n\r\nअब सबकी निगाहें अलीगढ़ के जिलाधिकारी (DM) कार्यालय से जाने वाली उस विस्तृत रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस शहर के भविष्य का नया नाम तय करेगी।
\r\n\r\n\r\nमहत्वपूर्ण डिस्क्लेमर (Disclaimer):
\r\n\r\nKhabreelal.com पर प्रकाशित यह न्यूज़ रिपोर्ट उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद के आधिकारिक पत्र और जिला पंचायत की कार्यवाहियों पर आधारित है। अलीगढ़ का नाम बदलने को लेकर अभी तक राज्य सरकार या गृह मंत्रालय (भारत सरकार) द्वारा कोई अंतिम राजपत्र (Gazette Notification) या आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है। शहर का नाम बदलने की प्रक्रिया शासन के विचाराधीन है। किसी भी आधिकारिक बदलाव के लिए सरकारी सूचना का इंतजार करें।\r\n
Sabse pehle comment karne wale banein.