खबरीलाल डेस्क
भारत में इस वक्त मानसून (Monsoon) अपने चरम पर है, लेकिन अब यह राहत के साथ-साथ आफत भी लेकर आ रहा है। झुलसा देने वाली गर्मी और उमस के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक ऐसी चेतावनी जारी की है, जिसने प्रशासन से लेकर आम जनता तक को अलर्ट मोड पर ला दिया है। मौसम विभाग के ताजा उपग्रह चित्रों (Satellite Images) से एक बेहद खौफनाक तस्वीर सामने आई है। देश के ऊपर एक ऐसा वेदर सिस्टम बन गया है, जो अगले 7 दिनों तक भारत के बड़े हिस्से को पानी-पानी करने वाला है।
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​अगर आप आज घर से बाहर निकलने की सोच रहे हैं, ऑफिस जाने वाले हैं या फिर वीकेंड पर पहाड़ों की ट्रिप प्लान कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए जीवन रक्षक साबित हो सकती है। आइए, विस्तार से समझते हैं कि आखिर आसमान में ऐसा क्या पक रहा है जो 18 राज्यों के लिए खतरे की घंटी बन गया है।
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​क्यों बिगड़ा मौसम का मिजाज? जानिए 1500KM लंबे बादलों का विज्ञान

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​मौसम कोई अचानक से नहीं बदलता, इसके पीछे बड़े वायुमंडलीय बदलाव होते हैं। IMD के वैज्ञानिकों के अनुसार, इस वक्त देश में दो बड़े वेदर सिस्टम (Weather Systems) एक साथ काम कर रहे हैं:
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    बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन (Deep Depression): उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल व उत्तरी ओडिशा के तटों पर एक गहरा दबाव (Deep Depression) बन गया है। विज्ञान की भाषा में समझें तो यह समुद्र के ऊपर बनने वाला कम दबाव का एक बेहद शक्तिशाली सिस्टम है। इसमें आम डिप्रेशन के मुकाबले हवा की गति बहुत तेज होती है और यह अपने साथ भारी मात्रा में नमी (Moisture) खींचकर लाता है, जो भयानक बारिश में तब्दील होती है।
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    साइक्लोनिक सर्कुलेशन (Cyclonic Circulation): इसके साथ ही मध्य उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्सों और दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) भी पूरी तरह से एक्टिव है।
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नतीजा: इन दोनों मजबूत वेदर पैटर्न के आपस में टकराने से मानसून को एक एक्स्ट्रा बूस्ट मिल गया है। उपग्रह (Satellite) की तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि पश्चिम बंगाल से लेकर देवभूमि उत्तराखंड तक 1500 किलोमीटर लंबा और घना बादलों का एक बैंड (पट्टा) छा गया है। यही कारण है कि अगस्त के शुरुआती दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत और पूर्वी राजस्थान में मूसलाधार तूफानी बारिश होने जा रही है।
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​आज खतरे के निशान पर हैं ये 18 राज्य (High Alert Zones)

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​IMD ने आज (28 जुलाई) के लिए विशेष बुलेटिन जारी करते हुए देश के 18 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में सिर्फ बारिश ही नहीं, बल्कि 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ (तूफानी हवाएं) भी चलने की संभावना है।
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ये हैं वो 18 राज्य:

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उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना और केरल।
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विशेष चेतावनी: पहाड़ी राज्यों (हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर) में इस भयंकर बारिश के कारण अचानक बाढ़ (Flash Floods) और भूस्खलन (Landslides) का भारी खतरा मंडरा रहा है। नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है।
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​महानगरों और प्रमुख राज्यों का हाल (State-wise Weather Report)

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1.दिल्ली-NCR: आज से बदलेगी हवा, उमस से मिलेगी बड़ी राहत

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​दिल्ली और इसके आस-पास के इलाकों (नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद, फरीदाबाद) में पिछले कुछ दिनों से चिपचिपी गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा था। लेकिन IMD की रिपोर्ट दिल्लीवालों के लिए खुशखबरी लेकर आई है। आज से मौसम अचानक करवट लेने वाला है। पिछले 24 घंटों में कुछ इलाकों में जो हल्की बूंदाबांदी हुई है, वह अब तेज बारिश में बदलने वाली है।
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    ​अगले 6-7 दिनों तक दिल्ली-NCR में रुक-रुक कर अच्छी बारिश होगी।
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    ​70 से 75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज और ठंडी हवाएं चलेंगी।
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    ​अधिकतम तापमान गिरकर 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री के आस-पास आ जाएगा, जिससे एसी-कूलर की जरूरत कम हो जाएगी।
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2. पहाड़ों पर आफत: उत्तराखंड और हिमाचल में ऑरेंज अलर्ट

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​पहाड़ों पर बारिश का मतलब है सीधे तौर पर प्राकृतिक आपदाओं का रिस्क।
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    उत्तराखंड: देवभूमि में आज उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, ऊधम सिंह नगर, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल के लिए ऑरेंज अलर्ट (भारी बारिश की चेतावनी) जारी किया गया है। चार धाम यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
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    हिमाचल प्रदेश: यहां अगले 6 दिनों तक भारी बारिश का तांडव देखने को मिल सकता है। आज सिरमौर और बिलासपुर जिलों में ऑरेंज अलर्ट है, जबकि राजधानी शिमला, मंडी और सोलन में येलो अलर्ट रखा गया है।
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3. मध्य भारत का हाल: मध्य प्रदेश में दो वेदर सिस्टम एक्टिव

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​मध्य प्रदेश में मानसूनी ट्रफ लाइन और चक्रवाती घेरे के कारण मौसम बेहद उग्र हो गया है। आज एमपी के कई जिलों—सतना, कटनी, उमरिया, मंडला, डिंडौरी, सिवनी, रायसेन और बैतूल में भारी बारिश की प्रबल संभावना है। यहां चमकती बिजली और गरज के साथ 70-80 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से तूफानी हवाएं पेड़ों और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
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​4. पूर्वी और पश्चिमी छोर: बिहार से लेकर राजस्थान तक बरसेगा पानी

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    बिहार: बिहार में इस साल मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी रही है और उमस ने लोगों को परेशान किया है। लेकिन आज मौसम विभाग ने राहत दी है। आज राज्य के 23 जिलों में आंधी-तूफान और तेज गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश होने की उम्मीद है।
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    राजस्थान: रेगिस्तानी राज्य राजस्थान में बंगाल की खाड़ी के सिस्टम का सीधा असर पहुंच रहा है। आज राजस्थान के करीब 25 जिलों में तेज मानसूनी बारिश हो सकती है, जो किसानों के लिए अमृत का काम करेगी।
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    हरियाणा: पड़ोसी राज्य हरियाणा में भी अगले 2 दिनों तक मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा।
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क्या है अगले 48 घंटों (29 और 30 जुलाई) का पूर्वानुमान?

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​बारिश का यह सिलसिला आज ही नहीं रुकने वाला है। IMD के अनुसार आने वाले दो दिनों का मौसम कैलेंडर कुछ इस तरह रहेगा:
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    कल (29 जुलाई) का पूर्वानुमान: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल, पंजाब, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, बंगाल के साथ-साथ पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, नागालैंड), झारखंड, गुजरात, पश्चिम राजस्थान, तमिलनाडु और पुडुचेरी में अच्छी बारिश दर्ज की जाएगी।
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    परसों (30 जुलाई) का पूर्वानुमान: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पूर्वोत्तर राज्य, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, केरल, गोवा और आंध्र प्रदेश के बड़े हिस्से में बारिश का दौर लगातार जारी रहेगा।
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मौसम विभाग की आम जनता से अपील (Safety Guidelines)

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​तूफानी हवाओं और भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की है:
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    पहाड़ी यात्रा टालें: भूस्खलन के खतरे को देखते हुए अगले कुछ दिनों तक अनावश्यक पहाड़ी यात्राओं से बचें।
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    नदियों से दूर रहें: मैदानी और पहाड़ी इलाकों में नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, इसलिए घाटों पर जाने से बचें।
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    पेड़ों के नीचे न छिपें: तेज हवाओं और आकाशीय बिजली (Lightning) से बचने के लिए बारिश के दौरान बड़े पेड़ों या जर्जर इमारतों के नीचे आश्रय बिल्कुल न लें।
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    ट्रैफिक अपडेट चेक करें: जलभराव (Waterlogging) के कारण महानगरों में भारी जाम लग सकता है। घर से निकलने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी और मौसम का लाइव अपडेट जरूर जांच लें।
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