नई दिल्ली (National Weather Desk):
\r\n\r\nदेशभर में मानसून के बादल जमकर बरस रहे हैं। एक तरफ जहां कई इलाकों में बारिश के चलते लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग (IMD) ने 16 अगस्त को दिल्ली-NCR समेत देश के 16 से अधिक राज्यों में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है।
\r\n\r\nमौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह मानसूनी स्पेल अगले 5 दिनों यानी 21 अगस्त तक जारी रहने का अनुमान है। इस दौरान 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। खासकर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के चलते भूस्खलन (Landslides) और बादल फटने का खतरा मंडरा रहा है।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n\r\nRealised rainfall during past 24 hours at 0830 hrs IST of today 16 August 2026 #realisedrainfall #Monsoon2026 pic.twitter.com/dBUZg4OqeF
\r\n— India Meteorological Department (@Indiametdept) August 16, 2026
क्यों बदल रहा है मौसम? साइक्लोनिक सर्कुलेशन और लो प्रेशर एरिया एक्टिव
\r\n\r\nमौसम विभाग के अनुसार, इस समय देश के ऊपर कई मजबूत मौसमी प्रणालियां (Weather Systems) एक साथ सक्रिय हैं, जिसके कारण मानसूनी हवाओं को भारी नमी मिल रही है:
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- \r\n मानसून ट्रफ की स्थिति: मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर है, जबकि पूर्वी सिरा दक्षिण की तरफ झुका हुआ है।\r\n \r\n
- \r\n कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area): झारखंड और उससे सटे गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल पर बना डिप्रेशन अब कमजोर होकर लो प्रेशर एरिया में तब्दील हो चुका है।\r\n \r\n
- \r\n साइक्लोनिक सर्कुलेशन: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक अपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन (Upper Air Cyclonic Circulation) बना हुआ है। इसके प्रभाव से अगले 48 घंटों में उत्तरी बंगाल की खाड़ी पर एक नया 'लो प्रेशर एरिया' बनने की पूरी संभावना है।\r\n \r\n
- \r\n राजस्थान और असम में हलचल: मध्य असम और दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान के ऊपर भी अपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है।\r\n \r\n
इन मौसमी परिस्थितियों के कारण उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों में इस पूरे हफ्ते (शुक्रवार तक) भारी बारिश और तूफानी हवाओं का दौर बना रहेगा।
\r\n\r\n16 से 21 अगस्त तक का राज्यवार मौसम रिपोर्ट कार्ड
\r\n\r\nनीचे दी गई तालिका से समझिए कि 21 अगस्त तक आपके क्षेत्र में मौसम का क्या रुख रहने वाला है:
\r\n\r\n| \r\n क्षेत्र / राज्य \r\n | \r\n \r\n बारिश और आंधी का अनुमान \r\n | \r\n \r\n मुख्य चेतावनी / अलर्ट \r\n | \r\n
|---|---|---|
| \r\n उत्तराखंड, हिमाचल, J&K \r\n | \r\n \r\n 16 से 21 अगस्त लगातार भारी बारिश \r\n | \r\n \r\n भूस्खलन और नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा \r\n | \r\n
| \r\n दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ \r\n | \r\n \r\n 18 अगस्त को व्यापक बारिश का अनुमान \r\n | \r\n \r\n तेज हवाएं (60-80 km/h) और आकाशीय बिजली \r\n | \r\n
| \r\n उत्तर प्रदेश (पश्चिम व पूर्व) \r\n | \r\n \r\n पश्चिमी UP (16-17 अगस्त), पूर्वी UP (16-21 अगस्त) \r\n | \r\n \r\n गरज-चमक और वज्रपात की आशंका \r\n | \r\n
| \r\n मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ \r\n | \r\n \r\n 16 से 21 अगस्त तक लगातार बारिश \r\n | \r\n \r\n निचले इलाकों में जलभराव \r\n | \r\n
| \r\n बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल \r\n | \r\n \r\n 16 से 21 अगस्त तक हल्की से मध्यम बारिश \r\n | \r\n \r\n बिहार और झारखंड में बिजली गिरने का अलर्ट \r\n | \r\n
| \r\n पूर्वोत्तर भारत (7 बहनें) \r\n | \r\n \r\n 16 से 21 अगस्त तक अत्यधिक भारी बारिश \r\n | \r\n \r\n असम, मेघालय, अरुणाचल में रेड/ऑरेंज अलर्ट \r\n | \r\n
| \r\n दक्षिण भारत (केरल, कर्नाटक, AP) \r\n | \r\n \r\n 16 से 21 अगस्त तक तटीय इलाकों में बारिश \r\n | \r\n \r\n तूफानी हवाएं और समुद्री लहरों का अलर्ट \r\n | \r\n
उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत का हाल
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- \r\n दिल्ली-NCR और मैदानी इलाके: दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 18 अगस्त को मानसून विशेष रूप से मेहरबान रहेगा। इन इलाकों में बादलों की गड़गड़ाहट के साथ मध्यम से भारी बौछारें गिर सकती हैं।\r\n \r\n
- \r\n उत्तर प्रदेश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 16 और 17 अगस्त को बारिश की तीव्रता अधिक रहेगी, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 21 अगस्त तक लगातार रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला चलता रहेगा।\r\n \r\n
- \r\n मध्य और पश्चिम भारत: छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में आज से 21 अगस्त तक झमाझम बारिश होगी। इसके अलावा महाराष्ट्र के कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और गुजरात के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान आने की संभावना है।\r\n \r\n
पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में तूफानी हवाओं का अलर्ट
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n\r\nAll India Weather warning for next 7 days
\r\n— India Meteorological Department (@Indiametdept) August 15, 2026
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\r\n(i) Under the influence of Low Pressure Area over southeast Jharkhand & neighbourhood, isolated heavy to very heavy rainfall likely over Gangetic West Bengal, north Odisha and Jharkhand during next 4 days with isolated extremely heavy… pic.twitter.com/AFgdMKtKwQ
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- \r\n पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 21 अगस्त तक भारी से अति भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rainfall) का अलर्ट जारी किया गया है। पहाड़ी ढलानों पर रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।\r\n \r\n
- \r\n दक्षिण भारत: तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, तेलंगाना, रायलसीमा, कर्नाटक (उत्तरी और दक्षिणी आंतरिक), तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और लक्षद्वीप में 21 अगस्त तक रुक-रुक कर तूफानी हवाओं के साथ बारिश होगी। तटीय इलाकों में मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है।\r\n \r\n
\r\n\r\n\r\nमौसम विभाग की विशेष चेतावनी:\r\n\r\n"पहाड़ी क्षेत्रों (हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर) की यात्रा करने वाले पर्यटक मौसम का पूर्वानुमान देखकर ही सफर की योजना बनाएं। बारिश के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें और आकाशीय बिजली चमकने के समय खुले मैदान या लोहे के खंभों से दूर रहें।"\r\n
सुरक्षा के लिए ध्यान रखें ये 3 जरूरी बातें
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- \r\n बिजली चमकने पर सावधानी: आंधी-तूफान के समय इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को प्लग-आउट कर दें और खुले में जाने से बचें।\r\n \r\n
- \r\n जलभराव और यात्रा: भारी बारिश के दौरान शहर के निचले इलाकों और अंडरपास में जाने से बचें, जहाँ पानी भरने की आशंका अधिक होती है।\r\n \r\n
- \r\n पहाड़ी रास्तों पर सावधानी: उत्तराखंड और हिमाचल में यात्रा करते समय लैंडस्लाइड प्रोन जोन (Landslide Prone Zones) पर विशेष ध्यान दें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।\r\n \r\n