खबरीलाल डेस्क
नई दिल्ली/मेरठ: देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून अब पूरी तरह से अपनी पकड़ बना चुका है। भीषण गर्मी और जानलेवा लू के बाद, अब मौसम ने एक भयानक करवट ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 जुलाई के लिए देशव्यापी मौसम का एक बड़ा और चिंताजनक अपडेट जारी किया है। मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अगले 17 घंटों के भीतर देश के 15 से अधिक राज्यों में मौसम का रौद्र रूप देखने को मिलेगा। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, भयानक गरज-चमक और तेज आंधी का खौफनाक अलर्ट जारी किया गया है।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
इस दौरान सबसे ज्यादा चिंता का विषय हवाओं की गति है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि कई इलाकों में 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इतनी तेज गति की हवाओं के कारण कच्चे मकानों के गिरने, होर्डिंग्स उड़ने, बड़े पेड़ों के उखड़ने और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचने की भारी आशंका है।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

दिल्ली-NCR: उमस भरी गर्मी से मिलेगी राहत, लेकिन मंडरा रहा है जलभराव का संकट

\r\n\r\n
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद) के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से उमस ने लोगों का हाल बेहाल कर रखा है। लेकिन मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 3 जुलाई को पूरे दिन आसमान में काले घने बादल छाए रहेंगे। दिन के अलग-अलग समय पर हल्की से लेकर मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
गरज और चमक के साथ चलने वाली तेज हवाएं तापमान में भारी गिरावट लाएंगी, जिससे दिल्लीवासियों को चिपचिपी गर्मी से एक बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, इस राहत के साथ ही आफत भी आने वाली है। तेज बारिश के कारण दिल्ली की सड़कों पर भारी जलभराव, लंबे ट्रैफिक जाम और निचले इलाकों में पानी भरने जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। दफ्तर जाने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने और घर से अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान का कहर: पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वांचल तक हाई अलर्ट

\r\n\r\n
उत्तर प्रदेश के मौसम में सबसे ज्यादा उथल-पुथल देखने को मिलने वाली है। खबरीलाल की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, यूपी के कई जिलों में तेज बारिश के साथ भयानक आंधी की चेतावनी जारी की गई है। खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में इसका असर सबसे ज्यादा दिखेगा।
\r\n\r\n
मौसम विभाग ने सहारनपुर, मेरठ, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा), आगरा, मथुरा, बुलंदशहर जैसे प्रमुख जिलों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा, मध्य और पूर्वी यूपी के इटावा, फिरोजाबाद, बांदा, मिर्जापुर, सोनभद्र, प्रयागराज, वाराणसी, महराजगंज, कानपुर और शाहजहांपुर में भी मूसलाधार बारिश और भयंकर आंधी आने की पूरी संभावना है।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि कुछ जगहों पर हवा की रफ्तार 85 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इस स्थिति में किसानों को अपने खेतों और कटी हुई फसलों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। बिजली गिरने (वज्रपात) की घटनाओं में भी इजाफा हो सकता है, इसलिए खुले आसमान के नीचे जाने से बचने की सख्त हिदायत दी गई है।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

बिहार और झारखंड: भारी बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात का 'येलो अलर्ट'

\r\n\r\n
बिहार और झारखंड में मानसून अपनी पूरी आक्रामकता पर है। बिहार के कई हिस्सों में भारी बारिश के साथ-साथ ओले गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने बिहार के भोजपुर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, बक्सर, जमुई, भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, बांका, अररिया, किशनगंज, खगड़िया और मुंगेर जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। यहां नदियों के जलस्तर में भी तेजी से वृद्धि होने की संभावना है।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
वहीं पड़ोसी राज्य झारखंड की बात करें, तो यहां भी 3 से 5 जुलाई तक लगातार तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। झारखंड के रांची, साहेबगंज, पाकुड़, जामताड़ा, दुमका, बोकारो, हजारीबाग, गिरिडीह, जमशेदपुर, रामगढ़, खूंटी, पश्चिमी सिंहभूम, लोहरदगा, चतरा, गुमला, सिमडेगा और सरायकेला में भारी बारिश के साथ तूफानी हवाओं का अलर्ट है। स्थानीय प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा है।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

महाराष्ट्र और तटीय इलाकों में मानसून का तांडव

\r\n\r\n
आर्थिक राजधानी मुंबई और पूरे महाराष्ट्र में मानसून का कहर जारी है। मौसम विभाग ने महाराष्ट्र के रायगढ़, पुणे, ठाणे, मुंबई, पालघर, रत्नागिरी, बुलढ़ाना, अमरावती, गढ़चिरौली और गोंदिया में भारी से बहुत भारी बारिश और आंधी की सख्त चेतावनी जारी की है। तटीय इलाकों में ऊंची लहरें उठने की संभावना है, जिसके चलते मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। लोकल ट्रेन सेवाओं और सड़क यातायात पर भी इस भारी बारिश का व्यापक असर देखने को मिल सकता है।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

पहाड़ी राज्यों में मंडराया खतरा: उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में लैंडस्लाइड की आशंका

\r\n\r\n
पहाड़ी राज्यों के लिए मानसून हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
उत्तराखंड: पिथौरागढ़, बागेश्वर, चमोली, उधम सिंह नगर, नैनीताल, हरिद्वार और ऋषिकेश में भारी बारिश के कारण भूस्खलन (Landslide) और फ्लैश फ्लड का खतरा बढ़ गया है। चार धाम यात्रा पर गए श्रद्धालुओं को मौसम के अपडेट्स पर नजर रखने को कहा गया है।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
हिमाचल प्रदेश: कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, ऊना, बिलासपुर, सिरमौर और किन्नौर में तेज बारिश का अलर्ट है। नदियां और नाले उफान पर आ सकते हैं।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
जम्मू-कश्मीर: उधमपुर, कठुआ, जम्मू, रियासी, रामबन, राजौरी, कुलगाम, पुंछ, कुपवाड़ा, पुलवामा और बारामूला में भी भारी बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है।
\r\n\r\n
पश्चिम बंगाल के भी कई जिलों में मौसम विभाग ने भारी वर्षा और तूफानी हवाओं की भविष्यवाणी की है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

मौसम विभाग (IMD) और प्रशासन की आम जनता से अपील

\r\n\r\n
इस खतरनाक मौसमी बदलाव को देखते हुए भारतीय मौसम विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों (SDMA) ने नागरिकों के लिए कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश और सुरक्षा सलाह जारी की है:
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
गैर-जरूरी यात्रा से बचें: जब तक बहुत आवश्यक न हो, भारी बारिश और आंधी के दौरान घर से बाहर निकलने से बचें।
\r\n\r\n
पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी: 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं बड़े पेड़ों और बिजली के खंभों को गिरा सकती हैं। आंधी के समय इनके नीचे बिल्कुल न खड़े हों।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
वज्रपात (Lightning) से बचाव: आसमान में बिजली चमकने पर तुरंत किसी पक्के मकान या सुरक्षित आश्रय में चले जाएं। खुले मैदान, खेत या पानी के पास बिल्कुल न रहें।
\r\n\r\n
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग: भारी बिजली चमकने के दौरान घर के प्लग से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को निकाल दें और मोबाइल फोन का इस्तेमाल सावधानी से करें।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
अपडेटेड रहें: मौसम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट, सोशल मीडिया हैंडल और विश्वसनीय समाचार माध्यमों से लगातार ताजा अपडेट लेते रहें।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
देशभर में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज अगले कुछ दिनों तक ऐसा ही बना रहने की उम्मीद है। मानसून की यह बारिश खेती के लिए जहां वरदान है, वहीं तूफानी हवाएं और वज्रपात एक बड़ा संकट भी ला सकते हैं। सतर्कता और सावधानी ही इस प्राकृतिक आपदा से बचने का एकमात्र सुरक्षित उपाय है।