मुंबई के घाटकोपर पूर्व से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक पराग शाह का एक अनोखा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह विधायक या किसी बड़े कारोबारी के रूप में नहीं, बल्कि एक भिखारी के वेश में घाटकोपर की सड़कों पर घूमते और लोगों से मदद मांगते नजर आ रहे हैं। अरबों की संपत्ति के मालिक पराग शाह ने यह कदम किसी राजनीतिक प्रचार या स्टंट के लिए नहीं, बल्कि एक खास मकसद से उठाया है।
3383 करोड़ के मालिक ने क्यों बदला भेष? साल 2024 के विधानसभा चुनाव के हलफनामे के मुताबिक, पराग शाह के पास 3,383 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है और वह एक बड़े रियल एस्टेट कारोबारी हैं। इतनी विशाल संपत्ति के मालिक होने के बावजूद भिखारी बनने के पीछे की वजह जैन धर्मगुरु राष्ट्रसंत श्री नम्रमुनि महाराज साहेब की एक सीख है। विधायक पराग शाह ने बताया कि उन्होंने गुरु की शिक्षाओं से प्रेरित होकर कुछ समय के लिए अपनी पहचान छिपाई। इसका मुख्य उद्देश्य संपत्ति और वैभव से दूरी बनाकर एक जरूरतमंद और गरीब व्यक्ति के जीवन की वास्तविकता को करीब से अनुभव करना था।

जैन मुनि ने तोड़ा था पहचान का भ्रम राष्ट्रसंत श्री नम्रमुनि महाराज साहेब ने अपने एक कार्यक्रम में इस घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया, "किसी को यह भ्रम हो गया था कि वह जहां भी जाएगा, लोग उसकी आवाज और चेहरे से उसे पहचान लेंगे। घाटकोपर के लोग तो उसे तुरंत पहचान लेंगे। तभी हमारे मन में यह विचार आया कि उन्हें दुनिया की वास्तविकता का अहसास कराया जाए।" जैन मुनि ने कहा कि इंसान की पहचान उसके वैभव और कपड़ों से होती है। अगर यह वैभव न हो, तो व्यक्ति अपने ही अपार्टमेंट में जाए तो वॉचमैन भी उसे बाहर निकाल देगा। इसी भ्रम को तोड़ने के लिए विधायक ने यह प्रयोग किया।


सड़क पर लोगों का कैसा रहा बर्ताव? पराग शाह ने इस सोशल एक्सपेरिमेंट का वीडियो भी साझा किया है। उन्होंने अपना मेकअप और वेशभूषा बिल्कुल एक भिखारी की तरह बदल ली थी। इसके बाद वह घाटकोपर रेलवे स्टेशन के आसपास आम लोगों के बीच गए और सड़क किनारे बैठ गए। वीडियो में दिख रहा है कि लोग उनके पास से गुजर रहे हैं, लेकिन कोई उन्हें पहचान नहीं पाया। कुछ राहगीरों ने तरस खाकर उनकी आर्थिक मदद की, जबकि कई लोगों ने उन्हें पूरी तरह से अनदेखा कर दिया। इस अनुभव से शाह ने समाज में गरीबों के प्रति लोगों के उपेक्षापूर्ण रवैये को गहराई से समझा।
सोनू निगम ने भी किया था ऐसा प्रयोग पराग शाह का यह प्रयोग मशहूर बॉलीवुड सिंगर सोनू निगम की याद दिलाता है। मई 2016 में सोनू निगम ने भी मुंबई के जुहू इलाके में एक भिखारी का भेष बनाकर सड़क किनारे बैठकर गिटार बजाते हुए गाने गाए थे। उनका चेहरा और कपड़े ऐसे थे कि लोग उन्हें पहचान नहीं पाए। सोनू निगम के उस सोशल एक्सपेरिमेंट का उद्देश्य भी यही दिखाना था कि समाज किसी व्यक्ति की प्रतिभा को उसके बाहरी रंग-रूप, कपड़ों और सामाजिक स्थिति के चश्मे से कैसे आंकता है।
Sabse pehle comment karne wale banein.