मेरठ (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक बेहद सनसनीखेज और दर्दनाक वारदात सामने आई है। यहां बेखौफ बदमाशों ने सरेआम एक 20 वर्षीय नौजवान की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी। यह वारदात तब हुई जब युवक रात को खाना खाने के बाद अपने घर के बाहर शांति से टहल रहा था।READ ALSO:-मेरठ में 'स्मार्ट मीटर' पर भारी बवाल: उखाड़कर फेंके गए 15 में से 12 मीटर लैब टेस्ट में निकले खराब, FIR के डर से सहमे उपभोक्ता, अब देना होगा हर्जाना
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अचानक बाइक पर सवार होकर आए हमलावरों ने पहले उसके साथ बुरी तरह मारपीट की और फिर विरोध करने पर पीछे से उसके सिर में सटाकर गोली मार दी। गोली लगने के बाद युवक खून से लथपथ होकर सड़क पर गिर पड़ा। इलाज के दौरान रविवार रात उसकी मौत हो गई। इस दुस्साहसिक वारदात ने मेरठ पुलिस की गश्त व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। आइए, इस पूरे खौफनाक घटनाक्रम और पुलिस की अब तक की कार्रवाई को विस्तार से समझते हैं।
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कौन था अमन? लालकुर्ती पैठ में कपड़े बेचकर चलाता था घर

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान 20 वर्षीय अमन के रूप में हुई है। अमन मेरठ के ही ऊंचा सद्दीकनगर इलाके का रहने वाला था और उसके पिता का नाम मुन्तियाज है। अमन कोई अपराधी या विवादित छवि का व्यक्ति नहीं था, बल्कि वह एक बेहद मेहनती और जिम्मेदार नौजवान था।
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अमन अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए दिन-रात मेहनत करता था। वह लालकुर्ती पैठ (स्थानीय बाजार) में ठेले पर कपड़े बेचने का काम करता था। उसकी इस छोटी सी कमाई से ही घर के कई जरूरी खर्चे चलते थे। एक युवा और कमाऊ बेटे की इस तरह अचानक हुई निर्मम हत्या ने मुन्तियाज के परिवार को पूरी तरह से तोड़ कर रख दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे समझ नहीं पा रहे हैं कि उनके सीधे-सादे बेटे की किसी से क्या दुश्मनी हो सकती थी।
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शनिवार की वह खौफनाक रात: मारपीट और फिर सिर में गोली

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पुलिस रिपोर्ट और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर, यह रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना शनिवार रात की है। रोजमर्रा की तरह अमन अपना काम खत्म करके घर लौटा था। रात का खाना खाने के बाद, वह थोड़ी ताजी हवा लेने के लिए अपने घर के बाहर गली में टहल रहा था। गली में उस समय ज्यादा हलचल नहीं थी।
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तभी अचानक एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल वहां आकर रुकी। बाइक पर दो बदमाश सवार थे। वे सीधे अमन के पास पहुंचे और बिना कोई बातचीत किए उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट करने लगे। जब अमन ने इस अचानक हुए हमले का डटकर विरोध किया और खुद को बचाने की कोशिश की, तो हमलावरों के सिर पर खून सवार हो गया। हाथापाई के बीच, एक हमलावर ने अपनी कमर से अवैध हथियार (तमंचा/पिस्टल) निकाला और अमन के पीछे जाकर सीधे उसके सिर (कनपटी के पिछले हिस्से) में गोली मार दी।
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अस्पताल की दौड़ और जिंदगी से जंग: मेडिकल कॉलेज ले जाते समय टूटा दम

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सिर में बेहद करीब से गोली लगने के कारण एक जोरदार धमाका हुआ और अमन लहूलुहान होकर वहीं सड़क पर गिर पड़ा। गोली की तेज आवाज सुनकर अमन के परिजन और गली-मोहल्ले के अन्य लोग तुरंत घरों से बाहर निकल आए। लोगों को अपनी तरफ दौड़ते देख, दोनों हमलावर अपनी बाइक स्टार्ट कर मौके से हथियार लहराते हुए फरार हो गए।
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जमीन पर खून से लथपथ पड़े अमन को देखकर परिजनों के होश उड़ गए। उन्होंने बिना कोई समय गंवाए, चीख-पुकार के बीच अमन को उठाया और तुरंत मेरठ के गढ़ रोड स्थित 'आनंद अस्पताल' (Anand Hospital) की इमरजेंसी में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने तुरंत उसका इलाज शुरू किया।
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शनिवार रात से लेकर रविवार पूरे दिन डॉक्टर अमन की जान बचाने की जद्दोजहद करते रहे। लेकिन सिर में गहरा घाव होने और अत्यधिक खून बह जाने के कारण उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। रविवार रात को जब स्थिति बेहद नाजुक हो गई, तो आनंद अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे बेहतर और एडवांस्ड इलाज के लिए 'मेडिकल कॉलेज' (LLRM Medical College) रेफर कर दिया।
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परिजन आनन-फानन में अमन को एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज ले जा रहे थे, लेकिन शायद किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। अस्पताल पहुंचने से पहले, रास्ते में ही अमन ने जिंदगी की जंग हारते हुए अपनी आखिरी सांस ली। मौत की खबर सुनते ही एंबुलेंस में परिजनों की चीखें गूंज उठीं।
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मरने से पहले अमन का बयान: तीन आरोपियों के लिए नाम

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इस पूरे हत्याकांड में पुलिस के हाथ एक सबसे बड़ा सुराग खुद अमन ने ही दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जब अमन को अस्पताल लाया गया था और वह कुछ देर के लिए होश में था, तब पुलिस ने उसके प्रारंभिक बयान दर्ज किए थे।
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अपनी घायल अवस्था में दर्द से कराहते हुए अमन ने पुलिस को बताया कि उस पर यह कातिलाना हमला फैजान (Faizan), अनस उर्फ मोनी (Anas alias Moni) और शंभू (Shambhu) ने किया है। अमन ने स्पष्ट रूप से इन तीनों के नाम लिए और आरोप लगाया कि इन्हीं लोगों ने उसे जान से मारने की नीयत से गोली मारी है। इसी 'डाइंग डिक्लेरेशन' (मृत्युकालिक कथन) को आधार बनाकर पुलिस ने अपनी जांच की दिशा तय कर ली है।
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पुलिस महकमे में हड़कंप: SP सिटी का सख्त बयान और ताबड़तोड़ दबिश

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बीच शहर में हुई इस हत्या की सूचना मिलते ही मेरठ पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। स्थानीय थाने की पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच की टीमें भी सक्रिय हो गई हैं। पुलिस ने तुरंत शव को अपने कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई की और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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मेरठ के एसपी सिटी (SP City) विनायक गोपाल भोसले ने इस घटना पर मीडिया को आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस मामले की बहुत ही गंभीरता से जांच कर रही है। उन्होंने कहा:
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"घायल युवक की अस्पताल में मौत हो गई है। मृतक ने जिन लोगों (फैजान, अनस उर्फ मोनी और शंभू) पर हमले का आरोप लगाया था, उन्हें नामजद करते हुए पुलिस टीमों का गठन कर दिया गया है। आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें शहर और उसके बाहरी इलाकों में लगातार दबिश दे रही हैं। इसके साथ ही, घटनास्थल के आसपास लगे सभी सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि भागते हुए बदमाशों के रूट का पता लगाया जा सके। हमने कुछ संदिग्धों को हिरासत में भी लिया है जिनसे पूछताछ की जा रही है। हम आश्वस्त करते हैं कि पुलिस जल्द ही इस पूरी घटना का पर्दाफाश करेगी और सभी दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।"
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सुरक्षा पर उठते सवाल और इंसाफ की गुहार

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लालकुर्ती पैठ में मेहनत-मजदूरी करने वाले एक युवा की इस तरह निर्मम हत्या ने मेरठ के आम नागरिकों के बीच दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। गली-मोहल्ले में घर के बाहर टहलना भी अगर इतना असुरक्षित हो जाए, तो आम आदमी खुद को कहां महफूज समझेगा? मुन्तियाज के परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि हत्यारों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा (फांसी) दी जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके। अब पुलिस की मुस्तैदी और जांच पर सबकी नजरें टिकी हैं कि आखिर फैजान, मोनी और शंभू जैसे बेखौफ अपराधी कब तक पुलिस की गिरफ्त में आते हैं।
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