मेरठ: भीषण गर्मी और कड़ी धूप में भी मेरठ के किसान अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मेडा की वेदव्यास पुरी योजना से प्रभावित ये किसान अपनी जमीन के उचित प्रतिकर (मुआवजा) या उसके बदले प्लॉट की मांग को लेकर 25 अगस्त से लगातार अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं।
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लगातार 20 दिनों के बाद भी प्रशासन या मेडा की ओर से कोई सुनवाई न होने के कारण किसानों का गुस्सा चरम पर है।
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अब आर-पार की लड़ाई
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गुस्से से भरे किसानों ने अब प्रशासन को साफ संदेश दे दिया है कि वे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने ऐलान किया है कि:
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    कल होगी अहम बैठक: किसान कल एक मीटिंग करेंगे, जिसमें आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा और कोई कठोर निर्णय लिया जाएगा।
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    जमीन पर करेंगे बुआई: किसानों ने चेतावनी दी है कि वे अपनी खाली पड़ी जमीन पर सरसों की बुआई करेंगे, यह जताने के लिए कि वे अब अपनी जमीन पर वापस नियंत्रण चाहते हैं।
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किसानों का कहना है कि यह धरना तब तक चलता रहेगा जब तक उन्हें उनकी मेहनत की कमाई का उचित मुआवजा नहीं मिल जाता। इस आंदोलन ने मेडा और जिला प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
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