मेरठ (उत्तर प्रदेश): अपने आशियाने और रोजी-रोटी (दुकानों) पर मंडरा रहे खतरे को लेकर मेरठ के शास्त्री नगर इलाके में महिलाओं का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। प्रशासन की संभावित कार्रवाई के विरोध में शास्त्री नगर के सेक्टर 2 और सेक्टर 4 में महिलाओं का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन लगातार जारी है। इस धरने में रोजाना नए-नए मोड़ सामने आ रहे हैं। कभी प्रशासन की सख्ती, कभी अपनों की बयानबाजी, तो कभी गुटबाजी के चलते यह धरना पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया है। ताजा मामला धरने वाले स्थान पर लगे टेंट से जुड़ा है, जिसे पुलिस द्वारा हटवाए जाने के बाद अब एक नए और 'स्मार्ट' तरीके से दोबारा लगा दिया गया है।READ ALSO:-मेरठ छावनी में अवैध कब्जों पर रक्षा संपदा कार्यालय का वज्रपात: गुरु तेग बहादुर स्कूल को एक सप्ताह में खाली करने का अल्टीमेटम, 2000 छात्रों का भविष्य अधर में
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टेंट पर तकरार: सीओ सिविल लाइन ने हटवाया था शामियाना शास्त्री नगर सेक्टर 2 में महिलाएं पिछले कई दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से टेंट लगाकर अपना विरोध दर्ज करा रही थीं। लेकिन तीन दिन पहले अचानक पुलिस प्रशासन हरकत में आया। क्षेत्राधिकारी (CO) सिविल लाइन शुचिता सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और प्रदर्शनकारी महिलाओं का टेंट हटवा दिया।
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पुलिस की इस कार्रवाई से महिलाएं आक्रोशित हो गईं। जब महिलाओं ने टेंट हटाने का कारण पूछा, तो सीओ शुचिता सिंह ने स्पष्ट किया कि बाजार के ही किसी व्यक्ति ने पुलिस से शिकायत की है कि सड़क के बीचों-बीच टेंट लगने से आवागमन बाधित हो रहा है और राहगीरों व दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 'अपनों' (बाजार के ही लोगों) द्वारा की गई इस शिकायत से धरना दे रही महिलाओं को गहरा धक्का लगा।
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धूप में बैठीं महिलाएं, फिर नए अध्यक्ष ने निकाला 'स्मार्ट समाधान' टेंट हटाए जाने के बाद भी महिलाओं का हौसला नहीं टूटा। उन्होंने हार मानने के बजाय तपती धूप में बिना टेंट के ही सड़क किनारे अपना धरना जारी रखा। महिलाओं का कहना था कि जब तक उन्हें लिखित आश्वासन नहीं मिलता, वे वहां से नहीं उठेंगी। मंगलवार शाम तक महिलाएं बिना टेंट के ही बैठी रहीं।
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देर रात जब महिलाएं अपने घर लौट गईं, तब सेक्टर 2 के नवनियुक्त अध्यक्ष अर्पित मोगा ने इस समस्या का एक व्यावहारिक समाधान निकाला। अर्पित मोगा के नेतृत्व में महिलाओं को धूप और गर्मी से बचाने के लिए रात में ही फिर से एक नया टेंट लगा दिया गया।
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सड़क पर नहीं, ग्रिल से हवा में लटकता टेंट इस बार टेंट लगाने में खास सावधानी बरती गई है ताकि कोई यातायात बाधित होने की शिकायत न कर सके। पिछली बार टेंट हटने का मुख्य कारण सड़क का घिरना था। इसलिए इस बार जो नया टेंट लगाया गया है, वह सड़क पर नहीं टिका है। टेंट की केवल छत (शामियाना) बांधी गई है, जिसे सड़क के दोनों ओर स्थित मकानों की ग्रिल से मजबूती से बांध दिया गया है।
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इस 'स्मार्ट' तरीके से नीचे की सड़क पूरी तरह से खुली हुई है और यातायात में कोई बाधा नहीं आ रही है। नीचे दोनों ओर से टेंट खुला है और महिलाएं सड़क के बिल्कुल किनारे बैठकर अपना विरोध जता रही हैं। बुधवार सुबह जब महिलाएं धरने पर लौटीं, तो नया टेंट देखकर उनके चेहरों पर राहत नजर आई और उन्होंने उसी के नीचे बैठकर फिर से नारेबाजी शुरू कर दी।
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गुटबाजी का साया: धरने में घट रही थी संख्या, अब फिर आई तेजी इस पूरे आंदोलन में स्थानीय गुटबाजी भी खुलकर सामने आ रही है। टेंट हटने से पहले सेक्टर 2 में धरने पर बैठी महिलाओं की संख्या धीरे-धीरे कम होने लगी थी। स्थानीय लोगों और सूत्रों का कहना है कि क्षेत्र में चल रही आपसी राजनीतिक गुटबाजी और मनमुटाव के कारण कई लोगों ने इस धरने से दूरी बना ली थी। कुछ लोग आंदोलन को समर्थन देने के बजाय पर्दे के पीछे से इसे कमजोर करने में लगे थे।
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लेकिन जैसे ही मंगलवार रात को नया टेंट लगा और महिलाओं के संघर्ष की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, बुधवार को अचानक फिर से धरना स्थल पर महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। संख्या बढ़ने से आंदोलन को एक नई ऊर्जा मिली है।
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सोशल मीडिया पर भी चल रहे हैं तंज के तीर शास्त्री नगर सेक्टर 2 का यह धरना अब जमीन से ज्यादा सोशल मीडिया पर भी लड़ा जा रहा है। पहले हुई पुलिस शिकायत और टेंट हटने के बाद स्थानीय व्हाट्सएप ग्रुप्स और फेसबुक पर तीखी राजनीतिक बयानबाजी चल रही है। लोग एक-दूसरे पर धरने को फेल करने और प्रशासन से मिलीभगत के आरोप लगा रहे हैं।
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धरने पर बैठी महिलाओं ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, "यह लड़ाई हम सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे बाजार, हर घर और हर व्यापारी के लिए सड़क पर बैठकर लड़ रहे हैं। दुख इस बात का है कि जिनके मकान और दुकानें इस कार्रवाई की जद में आ रहे हैं, वही लोग हमारे बीच रहकर हमारी शिकायतें कर रहे हैं।" महिलाओं का स्पष्ट कहना है कि गद्दारी अपनों के बीच से ही हो रही है।
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सेक्टर 4 में भक्ति की शक्ति: हनुमान चालीसा से हो रही धरने की शुरुआत एक तरफ जहां सेक्टर 2 में टेंट और सियासत को लेकर घमासान मचा है, वहीं दूसरी तरफ सेक्टर 4 की महिलाओं ने अपने आंदोलन को एक आध्यात्मिक और शांतिपूर्ण रूप दे दिया है। सेक्टर 4 में धरने पर बैठी महिलाएं रोजाना सुबह पूरे विधि-विधान से पूजा-पाठ करती हैं और सामूहिक रूप से 'हनुमान चालीसा' का पाठ कर अपने धरने की शुरुआत करती हैं।
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महिलाओं का मानना है कि जब इंसानी तंत्र और जनप्रतिनिधि उनकी नहीं सुन रहे हैं, तो अब केवल ईश्वर ही उनके आशियानों को उजड़ने से बचा सकता है। महिलाएं एक ओर जहां अधिकारियों और नेताओं से गुहार लगा रही हैं, वहीं दूसरी ओर भगवान से भी प्रार्थना कर रही हैं कि उनके घरों पर कोई बुलडोजर या सरकारी हथौड़ा न चले। यह दृश्य देखकर वहां से गुजरने वाले लोग भी भावुक हो रहे हैं।
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'आहत होकर की थी धरना खत्म करने की घोषणा, अब पीछे नहीं हटेंगे' गौरतलब है कि जब तीन दिन पहले पुलिस ने टेंट हटाया था और महिलाओं को पता चला था कि शिकायत उनके ही बाजार के किसी व्यक्ति ने की है, तो वे बुरी तरह निराश हो गई थीं। उसी दिन शाम को आहत होकर महिलाओं ने एक प्रेस वार्ता बुलाई थी और भावुक होकर धरना खत्म करने का ऐलान कर दिया था।
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लेकिन एक रात बाद ही महिलाओं ने अपना फैसला बदल लिया। बुधवार को धरने पर वापस लौटीं महिलाओं ने स्पष्ट किया, "हमने धरना खत्म करने की बात केवल उस विश्वासघात से आहत होकर कही थी। अपनों का धोखा बर्दाश्त नहीं हुआ था। लेकिन अब हम पीछे हटने वाले नहीं हैं।" महिलाओं ने प्रशासन को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि जब तक उन्हें अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों की तरफ से कोई ठोस 'लिखित आश्वासन' (Written Assurance) नहीं मिल जाता, तब तक यह धरना-प्रदर्शन अनवरत जारी रहेगा। चाहे टेंट रहे या न रहे, उनका संघर्ष सड़क पर इसी तरह चलता रहेगा। प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के लिए अब इस धरने को शांत कराना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
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