मेरठ (Khabreelal News Desk): पूरी दुनिया में 'स्पोर्ट्स सिटी' (Sports City) के नाम से मशहूर उत्तर प्रदेश का मेरठ शहर अपनी बेहतरीन खेल सामग्री के लिए जाना जाता है। लेकिन इसी ख्याति की आड़ में कुछ मुनाफ़ाखोर और जालसाज़ शहर की साख को बट्टा लगाने का काम कर रहे हैं। मेरठ के नौचंदी थाना क्षेत्र में एक ऐसा ही हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां देश की जानी-मानी और प्रतिष्ठित खेल ब्रांड्स (निविया और कॉस्को) की नकली फुटबॉल और वॉलीबॉल बनाने वाली एक बड़ी फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस और 'ब्रांड प्रोटेक्टर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' की संयुक्त कार्रवाई में इस अवैध फैक्ट्री से करीब 10 लाख रुपये का भारी-भरकम नकली माल और हजारों की संख्या में ब्रांडेड कंपनियों के फर्जी होलोग्राम बरामद किए गए हैं। पुलिस ने मौके से फैक्ट्री संचालक को हिरासत में ले लिया है और इस पूरे अंतरराष्ट्रीय स्तर के गिरोह की जड़ों को खोदने का काम शुरू कर दिया है।READ ALSO:-मुज़फ़्फ़रनगर में यूपी पुलिस का बड़ा एक्शन: बुढ़ाना में अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह से मुठभेड़, 'PRESS' लिखी गाड़ियों से म्यांमार तक करते थे हथकंडे
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शिकायत, जांच और फिर संयुक्त छापेमारी

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इस पूरे गोरखधंधे का खुलासा तब हुआ जब गुरुग्राम स्थित 'ब्रांड प्रोटेक्टर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' को लगातार यह शिकायतें मिल रही थीं कि बाजार में निविया (Nivia) और कॉस्को (Cosco) ब्रांड के नाम से बड़े पैमाने पर नकली उत्पाद खपाए जा रहे हैं। कंपनी के अधिकारी धीरेंद्र सिंह ने बताया कि जब इन शिकायतों की गहराई से जांच की गई, तो नकली माल के उत्पादन का मुख्य केंद्र मेरठ निकला।
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 मशीन के द्वारा काटी गई शीट।

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पुख्ता सुराग मिलने के बाद, धीरेंद्र सिंह अपनी विशेष टीम के साथ मेरठ पहुंचे और स्थानीय पुलिस प्रशासन के उच्चाधिकारियों से संपर्क किया। पूरी छानबीन और पुख्ता सबूतों के आधार पर गुरुवार को नौचंदी पुलिस को साथ लेकर एक बड़ी संयुक्त टीम का गठन किया गया। पुलिस फोर्स के साथ इस टीम ने नौचंदी थाना क्षेत्र की घनी आबादी वाली फूलबाग कॉलोनी में चल रही 'बिशन एंटरप्राइजेज' नाम की फैक्ट्री पर अचानक धावा बोल दिया।
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फैक्ट्री के अंदर का नजारा देख अधिकारी भी रह गए दंग

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जैसे ही पुलिस और ब्रांड प्रोटेक्टर्स की टीम ने फैक्ट्री के अंदर प्रवेश किया, वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। बाहर से एक आम मकान या छोटी वर्कशॉप दिखने वाली यह जगह अंदर से एक पूरी तरह सुसज्जित अवैध फैक्ट्री थी। वहां बड़े पैमाने पर शीट कटिंग की कई भारी मशीनें लगी हुई थीं और उन पर धड़ल्ले से काम चल रहा था।
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 फैक्ट्री के अंदर से मिली निविया कंपनी की तैयार वॉलीबॉल।

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छापेमारी के वक्त मशीनों पर निविया और कॉस्को कंपनी के डिजाइन वाली रेक्सीन और लेदर शीट्स से पैनल (फुटबॉल के टुकड़े) काटने का काम जोरों पर था। टीम ने तुरंत मशीनों को बंद करवाया और काम रुकवा दिया। जांच में पता चला कि यह एक बहुत बड़ा और सुनियोजित नेटवर्क था।
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कैसे काम करता था यह सिंडिकेट? (Modus Operandi)

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पूछताछ और जांच में फैक्ट्री के काम करने के तरीके (Modus Operandi) का भी बड़ा खुलासा हुआ। यह शातिर गिरोह फैक्ट्री के अंदर केवल शीट कटिंग और होलोग्राम चिपकाने का काम करता था। यहां मशीनों के जरिए ब्रांडेड कंपनियों के डिजाइन वाले पैनल काटे जाते थे। इसके बाद, इन कटे हुए टुकड़ों (पैनल्स) को मेरठ शहर के अलग-अलग ग्रामीण और मलिन बस्तियों में भेज दिया जाता था, जहां दिहाड़ी मजदूर और महिलाएं हाथ से इन फुटबॉल और वॉलीबॉल की सिलाई का काम करते थे।
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सिलाई पूरी होने के बाद, तैयार कच्चा माल वापस बिशन एंटरप्राइजेज फैक्ट्री में लाया जाता था। यहां इन पर निविया और कॉस्को के हुबहू दिखने वाले जाली होलोग्राम चिपकाए जाते थे, शानदार पैकिंग की जाती थी, और फिर इन्हें असली बताकर बाजार में उतार दिया जाता था। इस पूरे प्रोसेस से ये माल बिल्कुल असली जैसा दिखता था, जिससे आम ग्राहक आसानी से धोखा खा जाता था।
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 Meerut Fake Sports Goods Factory Busted | Nivia Cosco Football Seized

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बरामदगी का चौंकाने वाला आंकड़ा

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मौके से पुलिस ने जो माल बरामद किया है, उसकी फेहरिस्त बहुत लंबी है और यह दिखाती है कि यह कारोबार कितने बड़े पैमाने पर चल रहा था। अधिकारी धीरेंद्र सिंह के अनुसार, फैक्ट्री से निम्नलिखित नकली सामान जब्त किया गया है:
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    निविया (Nivia) ब्रांड: 450 पूरी तरह तैयार नकली वॉलीबॉल, 9,600 निविया के जाली होलोग्राम और 660 वॉलीबॉल की कटी हुई शीट्स (पैनल)।
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    कॉस्को (Cosco) ब्रांड: 315 पूरी तरह तैयार नकली फुटबॉल, 35,000 कॉस्को के जाली होलोग्राम और 1,550 फुटबॉल की कटी हुई शीट्स (पैनल)।
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मौके से पकड़े गए कुल माल और मशीनों की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये आंकी गई है।
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छोटे कारोबारियों की कमर तोड़ रहा था यह गोरखधंधा

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इस नकली व्यापार का सबसे बड़ा नुकसान असली माल बेचने वाले छोटे और ईमानदार दुकानदारों को हो रहा था। कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि डुप्लीकेसी के इस काले धंधे ने बाजार के समीकरण बिगाड़ दिए थे।
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मुनाफे का गणित कुछ यूं था कि जो असली ब्रांडेड फुटबॉल बाजार में 1500 रुपये की कीमत रखती है, वही दिखने वाली नकली फुटबॉल यह गिरोह मात्र 550 रुपये में थोक विक्रेताओं और ग्राहकों को उपलब्ध करा रहा था। आम जनता और युवा खिलाड़ी सस्ता माल समझकर इसे असली मानकर खरीद रहे थे, जिससे न केवल असली कंपनियों को करोड़ों का चूना लग रहा था, बल्कि ईमानदारी से व्यापार करने वाले छोटे कारोबारी भी बर्बादी की कगार पर पहुंच गए थे।
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कई राज्यों में फैला था सप्लाई का काला नेटवर्क

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यह गोरखधंधा केवल मेरठ या उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं था। मौके से बरामद 35 हजार होलोग्राम इस बात की गवाही दे रहे थे कि फैक्ट्री में किसी बहुत बड़े ऑर्डर की खेप तैयार की जा रही थी। ब्रांड प्रोटेक्टर्स टीम को जांच में पता चला है कि बिशन एंटरप्राइजेज से तैयार होने वाला यह नकली माल उत्तर प्रदेश के अलावा देश की राजधानी दिल्ली, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों की बड़ी खेल मंडियों में धड़ल्ले से सप्लाई किया जा रहा था। अब जांच एजेंसियां इस चेन से जुड़े ट्रांसपोर्टरों और थोक खरीदारों की तलाश कर रही हैं।
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पुलिस की सख्त कार्रवाई: कॉपीराइट एक्ट में मुकदमा दर्ज

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इस बड़ी बरामदगी के बाद पुलिस ने तत्काल प्रभाव से फैक्ट्री संचालक बिशन लाल को हिरासत में ले लिया है और उसे थाने लाकर कड़ी पूछताछ की जा रही है।
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नौचंदी थाना के इंस्पेक्टर (प्रभारी निरीक्षक) अनूप कुमार सिंह ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि, "गुरुग्राम की कंपनी (ब्रांड प्रोटेक्टर्स इंडिया) के अधिकारियों की तरफ से थाने में लिखित तहरीर दी गई है। उनकी शिकायत के आधार पर फैक्ट्री संचालक के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट (Copyright Act) और धोखाधड़ी की सुसंगत और गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। फैक्ट्री से बरामद भारी मात्रा के माल को पुलिस कस्टडी में सील कर जब्त कर लिया गया है।"
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पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस धंधे में फैक्ट्री संचालक बिशन लाल के साथ और कौन-कौन से सफेदपोश लोग या बड़े व्यापारी शामिल हैं। इस भंडाफोड़ से मेरठ के खेल कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है और पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों को भी गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
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