मेरठ/बिजनौर (Uttar Pradesh): उत्तर प्रदेश का पश्चिमी हिस्सा (West UP) इस समय कुदरत की दोहरी मार झेल रहा है। एक तरफ पहाड़ों से आ रही बर्फीली पछुआ हवाओं ने 'गलन' (Bone-chilling cold) बढ़ा दी है, तो दूसरी तरफ घने कोहरे की सफेद चादर ने दिन में ही रात जैसा अंधेरा कर दिया है। हाड़ कंपा देने वाली इस सर्दी का सबसे बुरा असर नन्हे-मुन्नों स्कूली बच्चों पर पड़ रहा था, जो सुबह ठिठुरते हुए स्कूल जाने को मजबूर थे।READ ALSO:-मेरठ: सरधना में मां की हत्या कर बेटी का अपहरण, आरोपी कंपाउंडर फरार; भीम आर्मी और सपा विधायक पहुंचे
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
हालात की गंभीरता को समझते हुए और बच्चों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, मेरठ और बिजनौर जिला प्रशासन ने गुरुवार को एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। दोनों जिलों के जिलाधिकारियों (DM) ने तत्काल प्रभाव से नर्सरी से लेकर कक्षा 8 तक के सभी स्कूलों को अगले दो दिनों के लिए बंद करने का आदेश जारी कर दिया है।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
यह खबर उन लाखों अभिभावकों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है, जो पिछले कई दिनों से अपने बच्चों को ठंड में स्कूल भेजने से डर रहे थे। 'ख़बरीलाल' की इस विशेष और विस्तृत रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे छुट्टियों का पूरा गणित, मौसम विभाग की डरावनी भविष्यवाणी और ठंड से बचाव के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

प्रशासन का फरमान - कब तक बंद रहेंगे स्कूल?

\r\n\r\n
मेरठ और बिजनौर जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, स्कूलों में अवकाश की घोषणा कर दी गई है। यह आदेश सरकारी, सहायता प्राप्त (Aided) और सभी निजी (Private - CBSE/ICSE) स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

छुट्टियों का पूरा कैलेंडर (Holiday Calendar):

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    09 जनवरी 2026 (शुक्रवार): शीतकालीन अवकाश (स्कूल बंद रहेंगे)
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    10 जनवरी 2026 (शनिवार): शीतकालीन अवकाश (स्कूल बंद रहेंगे)
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    11 जनवरी 2026 (रविवार): साप्ताहिक अवकाश (पहले से ही छुट्टी)
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    स्कूल खुलने की तारीख: लगातार तीन दिनों की छुट्टी के बाद, अब बच्चों को सीधे 12 जनवरी 2026 (सोमवार) को स्कूल जाना होगा।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

आदेश का उल्लंघन करने पर कार्रवाई

\r\n\r\n
मेरठ के बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) और बिजनौर के बीएसए सचिन कसाना ने अपने-अपने जिलों में सख्त निर्देश जारी किए हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    चेतावनी: उन्होंने स्पष्ट कहा है कि अगर कोई भी स्कूल (चाहे वह कितना भी बड़ा कॉन्वेंट स्कूल क्यों न हो) इस आदेश की अनदेखी कर गुपचुप तरीके से कक्षाएं चलाता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ 'महामारी अधिनियम' और विभागीय नियमों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। स्कूल की मान्यता तक खतरे में पड़ सकती है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    अभिभावकों से अपील: अधिकारियों ने अभिभावकों से भी अपील की है कि यदि उनके बच्चे के स्कूल से कोई मैसेज आता है, तो वे प्रशासन के आदेश का हवाला दें और बच्चों को स्कूल न भेजें।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

बड़ी कक्षाओं (9वीं से 12वीं) के लिए 'राहत पैकेज'

\r\n\r\n
चूंकि कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों की बोर्ड परीक्षाएं (Board Exams) नजदीक हैं और प्रैक्टिकल्स का दौर शुरू होने वाला है, इसलिए प्रशासन ने इन कक्षाओं को पूरी तरह बंद नहीं किया है। लेकिन, ठंड को देखते हुए उनके समय और नियमों में बड़े बदलाव किए गए हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

नए दिशानिर्देश (Guidelines for Senior Classes):

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    समय परिवर्तन (New Timing): अब कक्षा 9 से 12 तक के स्कूल सुबह जल्दी नहीं खुलेंगे। नया समय सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक निर्धारित किया गया है। इससे छात्रों को सुबह के घने कोहरे और जानलेवा ठंड से बचने का समय मिलेगा।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    यूनिफॉर्म में छूट: कई स्कूल संगठनों और प्रशासन ने मौखिक निर्देश दिए हैं कि छात्रों को स्कूल यूनिफॉर्म (स्वेटर/कोट) के अलावा अतिरिक्त गर्म कपड़े (जैसे- जैकेट, कैप, मफलर) पहनने की छूट दी जाए। कोई भी स्कूल फैन्सी यूनिफॉर्म के नाम पर बच्चों को गर्म कपड़े पहनने से नहीं रोकेगा।
    \r\n
  4. \r\n
  5. \r\n
    हीटर और अलाव: जिन स्कूलों में संभव हो, वहां कक्षाओं में हीटर (Blowers) का इंतजाम करने को कहा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में सुरक्षित स्थानों पर अलाव जलाने की भी अनुमति दी गई है।
    \r\n
  6. \r\n
  7. \r\n
    ऑनलाइन क्लास का विकल्प: प्रशासन ने स्कूलों को सुझाव दिया है कि यदि मौसम बहुत ज्यादा खराब होता है, तो वे बड़ी कक्षाओं के लिए भी ऑनलाइन मोड (Online Classes) का विकल्प अपना सकते हैं, जैसा कि कोरोना काल में किया गया था।
    \r\n
  8. \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

मौसम का 'रेड अलर्ट' - क्यों लिया गया फैसला?

\r\n\r\n
यह फैसला अचानक नहीं लिया गया है। इसके पीछे मौसम विभाग (IMD) के डराने वाले आंकड़े और पूर्वानुमान हैं। पश्चिमी यूपी इस समय 'कोल्ड डे' (Cold Day) और 'शीतलहर' (Cold Wave) की दोहरी चपेट में है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

अगले 48 घंटे भारी (Weather Forecast):

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    पारा लुढ़केगा: मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मेरठ और बिजनौर में अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान 3°C से 5°C के बीच रहने की संभावना है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    बर्फीली हवाएं: पहाड़ों (हिमालय) पर हो रही भारी बर्फबारी के बाद वहां से मैदानी इलाकों की तरफ चल रही उत्तर-पश्चिमी हवाओं (North-Westerly Winds) ने वातावरण में गलन पैदा कर दी है। धूप निकलने के बावजूद हवा में चुभन महसूस हो रही है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    घना कोहरा (Dense Fog): सुबह और रात के समय 'जीरो विजिबिलिटी' (Zero Visibility) की स्थिति बन रही है। कोहरे के कारण सड़कों पर 10 मीटर दूर देखना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में स्कूल बसों और वैन का चलना किसी खतरे से खाली नहीं था।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

मेरठ और बिजनौर का हाल:

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    मेरठ: यहां रात का तापमान लगातार 4-5 डिग्री के आसपास बना हुआ है। दिन में धूप न निकलने से 'मैक्सिमम टेम्परेचर' भी सामान्य से 6-7 डिग्री नीचे चल रहा है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    बिजनौर: तराई क्षेत्र होने के कारण बिजनौर में हालात और भी खराब हैं। यहां कोहरे की चादर इतनी मोटी है कि दिन के 12 बजे तक भी सूरज के दर्शन नहीं हो रहे हैं। ओस की बूंदें बारिश की तरह गिर रही हैं।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

स्वास्थ्य खतरा - बच्चों के लिए क्यों है रिस्क?

\r\n\r\n
डॉक्टरों और बाल रोग विशेषज्ञों (Pediatricians) ने भी प्रशासन के इस फैसले का स्वागत किया है। कड़ाके की ठंड बच्चों की सेहत के लिए कई गंभीर खतरे पैदा कर रही थी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
कोल्ड स्ट्रोक और निमोनिया का डर: मेरठ मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आर.के. सिंह बताते हैं:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
\r\n
"5 साल से 14 साल तक के बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बड़ों के मुकाबले कम होती है। सुबह की अत्यधिक ठंड में बच्चों को 'कोल्ड डायरिया' (Cold Diarrhea), निमोनिया और वायरल फीवर का खतरा सबसे ज्यादा होता है। इसके अलावा, अस्थमा (Asthma) से पीड़ित बच्चों के लिए यह मौसम जानलेवा हो सकता है। ऐसे में स्कूल बंद करने का फैसला बेहद वैज्ञानिक और जरूरी था।"
\r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

माता-पिता के लिए सलाह (Health Tips):

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    लेयरिंग करें: बच्चों को एक मोटे जैकेट की जगह 3-4 पतले गर्म कपड़े (Layers) पहनाएं। इससे शरीर की गर्मी बाहर नहीं निकलती।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    कान और सिर ढंकें: ठंड सबसे पहले सिर और कान के जरिए असर करती है। बच्चों को कैप जरूर पहनाएं।
    \r\n
  4. \r\n
  5. \r\n
    गुनगुना पानी: बच्चों को पीने के लिए केवल गुनगुना पानी दें। ठंडे पानी से गला खराब होने का डर रहता है।
    \r\n
  6. \r\n
  7. \r\n
    डाइट: खाने में गुड़, मूंगफली, खजूर, अंडे और सूप शामिल करें जो शरीर को अंदर से गर्म रखते हैं।
    \r\n
  8. \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

यातायात पर कोहरे का 'ब्रेक'

\r\n\r\n
स्कूल बंद करने का एक बड़ा कारण यातायात सुरक्षा (Transport Safety) भी है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    बस हादसे का डर: पिछले कुछ दिनों में यूपी के अलग-अलग जिलों से कोहरे के कारण सड़क हादसों की खबरें आ रही थीं। स्कूल बसें और वैन सुबह 7-8 बजे बच्चों को लेने निकलती हैं, जब कोहरा सबसे घना होता है। ऐसे में किसी बड़े हादसे का जोखिम नहीं लिया जा सकता था।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    अभिभावकों की चिंता: कई अभिभावक शिकायत कर रहे थे कि कोहरे के कारण बसें घंटों लेट हो रही थीं, जिससे बच्चे बस स्टॉप पर ठंड में ठिठुरते हुए इंतजार करने को मजबूर थे।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

अभिभावकों और छात्रों की प्रतिक्रिया

\r\n\r\n
प्रशासन के इस आदेश के बाद सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर अभिभावकों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, लेकिन अधिकतर लोग खुश हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
राहत की सांस: मेरठ के शास्त्री नगर निवासी एक अभिभावक सुमित शर्मा कहते हैं, "हम बहुत परेशान थे। सुबह इतनी ठंड होती है कि बच्चे बिस्तर से निकलने को तैयार नहीं होते। स्कूल भेजने में डर लगता था कि कहीं बीमार न पड़ जाएं। प्रशासन का यह फैसला बहुत अच्छा है।"
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
बच्चों की खुशी: बिजनौर के एक निजी स्कूल की कक्षा 5 की छात्रा आराध्या कहती है, "अब हमें सुबह जल्दी नहीं उठना पड़ेगा। हम घर पर रहकर रजाई में पढ़ाई करेंगे और गर्म-गर्म पकौड़े खाएंगे।"
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

सुरक्षा सर्वोपरि

\r\n\r\n
शिक्षा महत्वपूर्ण है, लेकिन जीवन और स्वास्थ्य उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण है। मेरठ और बिजनौर प्रशासन ने सही समय पर सही कदम उठाया है। अगले कुछ दिन मौसम के लिहाज से बहुत चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं। ऐसे में 'ख़बरीलाल' अपने सभी पाठकों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों से अपील करता है कि वे बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मौसम विभाग के अनुसार, 12 जनवरी के बाद स्थिति में थोड़ा सुधार हो सकता है। तब तक घर पर रहें, सुरक्षित रहें और गर्म रहें।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
अपडेट के लिए बने रहें: क्या स्कूल की छुट्टियां और बढ़ेंगी? क्या 12 जनवरी को स्कूल खुलेंगे? इन सभी सवालों के जवाब और ताजा अपडेट के लिए आप हमारी वेबसाइट Khabreelal.com और हमारे व्हाट्सएप चैनल को फॉलो करते रहें।
विज्ञापन
विज्ञापन