मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में शनिवार तड़के एक ऐसा दर्दनाक ग्वालियर सड़क हादसा हुआ, जिसने दो राज्यों—मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश—के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। एक परिवार जो कुछ घंटे पहले तक अपने छह साल के बच्चे का जन्मदिन मना रहा था, देवी मां के दर्शन कर लौट रहा था, वह अचानक मौत के साये में समा गया। एक तेज रफ्तार और बेलगाम स्कॉर्पियो कार ने ऑटो रिक्शा को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि ऑटो में सवार एक ही परिवार के 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में उत्तर प्रदेश के मेरठ से आई एक महिला, उनकी बेटी, दामाद और परिवार के दो अन्य बुजुर्ग शामिल हैं।READ ALSO:-बिजनौर कारागार में प्रशासनिक अमले का 'सुपर एक्शन': जिला न्यायाधीश के नेतृत्व में DM जसजीत कौर और SP अभिषेक झा ने परखी जेल की नब्ज, चप्पे-चप्पे की हुई तलाशी
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यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं है, बल्कि शराब पीकर गाड़ी चलाने (Drunk Driving) और यातायात नियमों की घोर अनदेखी का एक खौफनाक नतीजा है। इस लेख में हम इस हृदयविदारक घटना की पूरी क्रोनोलॉजी (घटनाक्रम), पुलिस की त्वरित कार्रवाई, परिवार के उजड़ने की दर्दनाक दास्तां और इस हादसे से जुड़े हर छोटे-बड़े पहलू का विस्तार से विश्लेषण करेंगे, ताकि सड़क सुरक्षा को लेकर एक कड़ा संदेश समाज तक पहुंच सके।
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मेरठ से नाती के जन्मदिन में शामिल होने आई थीं प्रीति
\r\n\r\nइस दर्दनाक कहानी की शुरुआत उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से होती है। मेरठ के थाना मुंडाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव मऊखास की रहने वाली 50 वर्षीय प्रीति कश्यप पेशे से एक आंगनवाड़ी कार्यकत्री थीं। उनका नाती आरव, जो ग्वालियर में रहता था, 23 मार्च (गुरुवार) को अपना छठा जन्मदिन मनाने वाला था। अपने नाती के इस खास दिन को यादगार बनाने के लिए नानी प्रीति कश्यप कुछ दिन पहले ही मेरठ से ग्वालियर आई थीं।
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परिवार के सदस्यों के अनुसार, प्रीति कश्यप अपनी बेटी शगुन (25 वर्ष) और दामाद शुभम (30 वर्ष) के घर पहुंचकर बेहद खुश थीं। गुरुवार को आरव का जन्मदिन बहुत ही धूमधाम से मनाया गया। घर में खुशी का माहौल था, केक काटा गया और नानी प्रीति कश्यप जन्मदिन के इस मौके पर खुशी से झूमती और नाचती नजर आई थीं। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि यह खुशी उनके जीवन की आखिरी खुशी साबित होने वाली है।
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दर्शन का प्लान: कैला देवी से लेकर शीतला माता मंदिर तक का सफर
\r\n\r\nजन्मदिन के सफल आयोजन के बाद, परिवार में चर्चा हुई कि चूंकि सास (प्रीति कश्यप) इतनी दूर मेरठ से आई हैं और इस समय अष्टमी का पवित्र पर्व भी चल रहा है, तो क्यों न सभी मिलकर देवी दर्शन के लिए जाएं। धार्मिक प्रवृत्ति के इस परिवार ने तुरंत दर्शनों की तैयारी कर ली।
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चूंकि परिवार के सदस्य ज्यादा थे, इसलिए शुभम के ताऊ इंद्रजीत उर्फ पप्पू (55 वर्ष) और ताई लीला शाक्य (52 वर्ष) भी इस धार्मिक यात्रा में साथ चलने को तैयार हो गए। परिवार ने आवागमन के लिए ग्वालियर के ठाटीपुर सरकारी मल्टी में रहने वाले अपने परिचित ऑटो चालक राजेश कुमार (28 वर्ष) से बात की और वह भी उन्हें दर्शन कराने ले जाने के लिए खुशी-खुशी तैयार हो गया।
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दोपहर के समय यह हंसता-खेलता परिवार ऑटो में सवार होकर निकला। ऑटो में कुल 9 लोग सवार थे—शुभम, उसकी पत्नी शगुन, सास प्रीति कश्यप, ताऊ इंद्रजीत, ताई लीला, शुभम की बहन प्रीति (20 वर्ष), और दो छोटे बच्चे प्रियांश (5) व आरव (6)।
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- \r\n पहला पड़ाव: परिवार सबसे पहले ग्वालियर स्थित कैला देवी (करौली धाम) मंदिर पहुंचा और वहां दर्शन किए।\r\n \r\n
- \r\n दूसरा पड़ाव: इसके बाद वे वैष्णों धाम गए।\r\n \r\n
- \r\n तीसरा पड़ाव: रात करीब 10 बजे के आसपास यह पूरा परिवार ग्वालियर के प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर के लिए निकला। वहां शांतिपूर्वक दर्शन करने के बाद यह परिवार रात के करीब 2:30 बजे वापस अपने घर की ओर लौट रहा था।\r\n \r\n
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मौत की स्कॉर्पियो और पुलिस की 'डायल 112' टीम का पीछा
\r\n\r\nजिस समय यह परिवार अपने घर (सरकारी मल्टी, ठाटीपुर) से महज 500 मीटर की दूरी पर था, तभी मौत एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो कार (रजिस्ट्रेशन नंबर MP 21 ZE-5911) के रूप में उनका पीछा कर रही थी।
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घटनाक्रम के अनुसार, रात ठीक 2:50 बजे के आसपास स्कॉर्पियो कार चला रहे चाणक्यपुरी निवासी अमन शर्मा (26 वर्ष) ने शराब के नशे में धुत होकर पहले एक ई-रिक्शा को जोरदार टक्कर मारी थी। उस समय स्टेशन पर तैनात 'डायल 112' (फर्स्ट रिस्पांस व्हीकल - FRV) के सतर्क जवान बृजमोहन ने इस घटना को देख लिया। पुलिस को अपनी ओर आता देख स्कॉर्पियो चालक अमन शर्मा घबरा गया और उसने पुलिस से बचने के लिए अपनी कार की रफ्तार बढ़ा दी और आकाशवाणी की ओर भागने लगा।
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पुलिस की गाड़ी सायरन बजाते हुए इस बेलगाम स्कॉर्पियो का पीछा कर रही थी। पुलिस से बचने की हड़बड़ाहट और शराब के नशे में अमन शर्मा अपनी कार को लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भगा रहा था।
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परशुराम चौराहे पर वह खौफनाक मंजर: ग्वालियर सड़क हादसा
\r\n\r\nरात के अंधेरे में परशुराम चौराहे के पास ऑटो चालक राजेश कुमार अपने ऑटो में सवार परिवार को उनके घर छोड़ने ही वाला था। अगले चौराहे से उन्हें मुड़ना था। लेकिन तभी पीछे से मौत बनकर आ रही तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बिना कोई ब्रेक लगाए ऑटो रिक्शा को पीछे से बेहद जोरदार टक्कर मार दी।
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टक्कर इतनी भयंकर और खौफनाक थी कि ओवरलोडेड ऑटो रिक्शा हवा में उछलकर सड़क किनारे लगे एक मोटे नीम के पेड़ से जा टकराया। कार का इम्पैक्ट इतना ज्यादा था कि ऑटो पूरी तरह से पिचक कर लोहे के मलबे में तब्दील हो गया और उसमें सवार सभी 9 लोग बुरी तरह से फंस गए। तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग और पीछे से आ रही पुलिस डायल 112 की टीम तुरंत मौके पर पहुंची।
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स्थानीय लोगों और पुलिस ने भारी मशक्कत के बाद ऑटो को काटकर घायलों को बाहर निकाला। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस भीषण ग्वालियर सड़क हादसा में 5 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था।
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- \r\n शुभम (30 वर्ष)\r\n \r\n
- \r\n शगुन (25 वर्ष - शुभम की पत्नी)\r\n \r\n
- \r\n इंद्रजीत शाक्य (55 वर्ष - ताऊ)\r\n \r\n
- \r\n लीला शाक्य (52 वर्ष - ताई)\r\n \r\n
- \r\n प्रीति कश्यप (50 वर्ष - मेरठ निवासी सास)\r\n \r\n
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इन सभी की मौके पर या अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। वहीं, ऑटो चालक राजेश कुमार के सिर में गंभीर चोटें (Head Injury) आई हैं और उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। शुभम की बहन प्रीति और दोनों छोटे बच्चे (प्रियांश और आरव) भी गंभीर रूप से घायल हैं और जेएएच (JAH) के ट्रॉमा सेंटर में जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।
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एक नानी का सर्वोच्च बलिदान: सीने से लगाकर बचाई नाती की जान
\r\n\r\nइस पूरी दुर्घटना में जो सबसे भावुक और रुला देने वाला पहलू सामने आया है, वह है नानी प्रीति कश्यप का बलिदान। हादसे के वक्त 6 साल का जन्मदिन वाला बच्चा आरव अपनी नानी प्रीति की गोद में बैठा हुआ था।
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जब पीछे से स्कॉर्पियो ने टक्कर मारी और ऑटो पलटने लगा, तो उस चंद सेकंड के अंश में नानी प्रीति कश्यप को अहसास हो गया कि मौत सामने है। एक मां और नानी की ममता ने उस खौफनाक पल में भी अपना काम किया। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, नानी ने अपने नाती आरव को पूरी ताकत से अपनी छाती से चिपका लिया और खुद को ऑटो की लोहे की बॉडी और बच्चे के बीच में ले आईं।
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पेड़ से टकराने के बाद ऑटो का जो हिस्सा सबसे ज्यादा क्षतिग्रस्त हुआ, नानी उसी तरफ थीं। उनके शरीर ने शॉक एब्जॉर्बर का काम किया और सारा इम्पैक्ट अपने ऊपर ले लिया। इस प्रयास में प्रीति कश्यप की पसलियां टूट गईं और उन्हें गंभीर अंदरूनी चोटें आईं, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। लेकिन मरते-मरते भी वह अपने लाडले नाती आरव की जान बचा गईं। आरव घायल जरूर है, लेकिन वह सुरक्षित है। यह घटना साबित करती है कि ममता मौत से भी भिड़ जाने का साहस रखती है।
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सोशल मीडिया पर कैद आखिरी पल: जब रील बन गई आखिरी याद
\r\n\r\nमृतका शगुन (शुभम की पत्नी) को आधुनिक युग के युवाओं की तरह इंस्टाग्राम पर रील (Reels) बनाने का बहुत शौक था। वह अपने क्षेत्र में अपने वीडियोज के लिए काफी जानी जाती थी। जब से उसकी मां प्रीति कश्यप मेरठ से आई थीं, शगुन की खुशी का ठिकाना नहीं था।
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पिछले दो दिनों में, शगुन ने बेटे के जन्मदिन की तैयारियों, केक कटिंग, और कैला देवी व शीतला माता मंदिर जाने-आने तक के कई खूबसूरत वीडियो और रील्स बनाए थे। हादसे से महज कुछ घंटे पहले ही उसने इन वीडियोज को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपलोड किया था। इन वीडियोज में पूरा परिवार हंसता, मुस्कुराता और मस्ती करता हुआ नजर आ रहा है।
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अब ये रील्स इंटरनेट पर वायरल हो रहे हैं, जिसे देखकर हर किसी की आंखें नम हैं। नियति का यह कैसा क्रूर मजाक है कि जो चेहरे कुछ घंटे पहले कैमरे के सामने मुस्कुरा रहे थे, वे अब कफन में लिपटे हुए हैं। यह घटना हमें याद दिलाती है कि जीवन कितना अनिश्चित है और मौत कभी भी बिना दस्तक दिए आ सकती है।
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परिवार का दुख: घर में अर्थी को कंधा देने वाला कोई नहीं बचा
\r\n\r\nइस ग्वालियर सड़क हादसा का सबसे मार्मिक दृश्य शुक्रवार दोपहर को मुरार मुक्तिधाम (श्मशान घाट) में देखने को मिला। हादसे में जान गंवाने वाले 55 वर्षीय इंद्रजीत शाक्य और उनकी पत्नी लाली (लीला) शाक्य का अपना कोई बेटा नहीं था, उनकी केवल दो बेटियां हैं। जिनमें से एक बेटी प्रीति उनके साथ ही ऑटो में थी और वह गंभीर रूप से घायल है।
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भारतीय परंपराओं के अनुसार अंतिम संस्कार में बेटे या भतीजे की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इंद्रजीत के छोटे भाई का बेटा शुभम था, जो खुद इस हादसे का शिकार हो चुका था। स्थिति इतनी भयावह थी कि इस परिवार के घर में एक साथ चार शव रखे थे, लेकिन उन्हें कंधा देने वाला कोई पुरुष सदस्य घर में नहीं बचा था। पूरे मोहल्ले में सन्नाटा पसरा हुआ था और हर आंख रो रही थी।
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बाद में जब जयपुर से उनके अन्य रिश्तेदार (भाई और भतीजे) ग्वालियर पहुंचे, तब जाकर मुरार मुक्तिधाम में चार शवों (इंद्रजीत, लीला, शुभम और शगुन) का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। एक ही चिता स्थल पर जब चार अर्थियां उठीं, तो वहां मौजूद हर पत्थर दिल इंसान भी फफक-फफक कर रो पड़ा। वहीं, मेरठ से आई नानी प्रीति कश्यप का शव पोस्टमार्टम के बाद उनके परिजन मेरठ ले गए, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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आरोपी पर पुलिस का एक्शन और डायल 112 की मुस्तैदी
\r\n\r\nअगर 'डायल 112' के जवान अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद नहीं होते, तो शायद यह हत्यारा स्कॉर्पियो चालक अंधेरे का फायदा उठाकर आसानी से फरार हो जाता। परशुराम चौराहे पर ऑटो को टक्कर मारने के बाद भी स्कॉर्पियो चालक अमन शर्मा भागने की कोशिश कर रहा था।
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लेकिन डायल 112 की टीम ने बिना समय गंवाए गोविंदपुरी इलाके में जाकर इस कार (MP 21 ZE-5911) को घेर लिया और आरोपी को धर दबोचा। पुलिस के अनुसार, कार के अंदर नमकीन के पैकेट और शराब की बोतलें पड़ी मिलीं। आरोपी अमन शर्मा (26 वर्ष), जो चाणक्यपुरी का रहने वाला है, घटना के वक्त भयंकर रूप से नशे में था। वह अपने होश-ओ-हवास में नहीं था कि वह गाड़ी किस रफ्तार से चला रहा है।
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ग्वालियर के सिटी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (CSP) अतुल सोनी और IG अरविंद सक्सेना ने बताया कि आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) (लापरवाही से मौत का कारण बनना) और मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 (शराब पीकर गाड़ी चलाना) के तहत गंभीर मुकदमे दर्ज किए हैं। उसका मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है ताकि यह सिद्ध किया जा सके कि वह शराब के नशे में था, जिससे अदालत में उसे कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।
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ग्वालियर सड़क हादसा: नशे में ड्राइविंग और इसके खतरनाक परिणाम
\r\n\r\nयह हादसा हमारे समाज और प्रशासन के लिए एक 'वेक-अप कॉल' (Wake-up call) है। भारत में हर साल लाखों लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाते हैं, और इनमें से एक बड़ा प्रतिशत 'ड्रिंक एंड ड्राइव' (Drunk Driving) के कारण होता है। शराब पीने के बाद इंसान के मस्तिष्क का न्यूरो-सिस्टम धीमा हो जाता है, उसकी निर्णय लेने की क्षमता खत्म हो जाती है, और उसे गाड़ी की रफ्तार का सही अंदाजा नहीं रहता।
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अमन शर्मा की एक बेवकूफी और नशे की लत ने एक हंसते-खेलते परिवार को हमेशा के लिए खत्म कर दिया। इसके अलावा, इस हादसे में ऑटो रिक्शा की ओवरलोडिंग भी एक बड़ा कारण रही है। 3-4 लोगों की क्षमता वाले ऑटो में 9 लोगों का बैठा होना स्पष्ट रूप से यातायात नियमों का उल्लंघन है। जब ऑटो में क्षमता से अधिक भार होता है, तो उसका संतुलन बिगड़ना तय होता है और किसी टक्कर की स्थिति में उसमें बैठे लोगों का बचना लगभग नामुमकिन हो जाता है। प्रशासन को चाहिए कि रात के समय शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों और ओवरलोडेड वाहनों पर सख्ती से नकेल कसे।
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घायल ऑटो चालक और बच्चों का संघर्ष
\r\n\r\nजेएएच (JAH) के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती घायलों की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। ऑटो चालक राजेश कुमार, जो अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला था, सिर में गंभीर चोट लगने के कारण वेंटिलेटर पर है। उसकी गलती सिर्फ इतनी थी कि उसने परिचित होने के नाते परिवार को दर्शन कराने के लिए हामी भर दी थी।
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वहीं, मासूम प्रियांश और आरव अस्पताल के बेड पर दर्द से कराह रहे हैं। उन्हें शायद अभी पूरी तरह से यह अहसास भी नहीं है कि वे हमेशा के लिए अनाथ हो चुके हैं और उनके माता-पिता (शुभम और शगुन) अब इस दुनिया में नहीं हैं। आरव, जिसका कुछ घंटे पहले जन्मदिन था, अब अपनी नानी और मां को ढूंढ रहा है। इन बच्चों के सिर से माता-पिता का साया जिस क्रूरता से छीना गया है, उसकी भरपाई दुनिया की कोई भी अदालत या कोई भी मुआवजा नहीं कर सकता।
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भविष्य के लिए सबक
\r\n\r\nशनिवार को हुआ यह ग्वालियर सड़क हादसा शब्दों में बयां न की जा सकने वाली एक त्रासदी है। एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों का एक झटके में खत्म हो जाना समाज की उस व्यवस्था पर तमाचा है जहां लोग बेखौफ होकर नशे में गाड़ियां दौड़ाते हैं। मेरठ से आई प्रीति कश्यप का बलिदान और उस रात के वीडियो हमें जिंदगी की हकीकत से रूबरू कराते हैं।
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इस घटना से हमें यह सबक लेना चाहिए कि सड़क पर चलते हुए नियम केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी और दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए होते हैं। पुलिस प्रशासन ने आरोपी को पकड़ कर अपना काम किया है, लेकिन अब न्यायपालिका को यह सुनिश्चित करना होगा कि नशे में 5 जिंदगियां लीलने वाले इस आरोपी को ऐसी कड़ी सजा मिले जो समाज के लिए एक नजीर बन सके। भगवान से प्रार्थना है कि वह इस शोक संतप्त परिवार को यह असहनीय दुख सहने की शक्ति दे और घायलों को शीघ्र स्वस्थ करे। जब तक समाज में हर व्यक्ति 'ड्रिंक एंड ड्राइव' के खिलाफ जागरूक नहीं होगा, तब तक ऐसी दर्दनाक घटनाएं निर्दोष लोगों की जान लेती रहेंगी।
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मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर के परशुराम चौराहे के पास एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो कार ने ऑटो को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी, जिससे ऑटो में सवार एक ही परिवार के 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में मेरठ से आई नानी प्रीति कश्यप, उनकी बेटी शगुन, दामाद शुभम, ताऊ इंद्रजीत और ताई लीला शामिल हैं। यह परिवार 6 साल के बच्चे आरव का जन्मदिन मनाकर शीतला माता मंदिर से लौट रहा था। हादसे के वक्त नानी ने आरव को सीने से लगाकर उसकी जान बचा ली लेकिन खुद दम तोड़ दिया। 'डायल 112' की पुलिस टीम ने पीछा कर नशे में धुत आरोपी कार चालक अमन शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र में मातम फैला दिया है।
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