मेरठ, बुधवार। दादरी महापंचायत में हुई 17 लोगों की गिरफ्तारी के विरोध में आज मेरठ में गुर्जर बिरादरी का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने जेल की ओर कूच करने की कोशिश की, जिसके चलते उनकी पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक हुई। भारी पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को बीच रास्ते में ही रोक लिया। वहीं, इस मुद्दे पर अब सियासत भी गरमा गई है और समाजवादी पार्टी व भाजपा के विधायक आमने-सामने आ गए हैं।READ ALSO:-₹60 करोड़ की ज़मीन से खत्म होगा मेरठ का 'दिल्ली रोड' जाम: रैपिड रेल कॉरिडोर के चलते 70 दुकानें और भवन हटेंगे
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सड़कों पर उतरे गुर्जर, जेल में आमरण अनशन
\r\n\r\nबुधवार सुबह करीब 11 बजे, गुर्जर समाज के लोग दादरी में हुई गिरफ्तारियों के विरोध में इकट्ठा हुए और जेल भेजे गए 17 लोगों की तत्काल रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी जेल की ओर बढ़ने लगे, लेकिन चार थानों की पुलिस फोर्स ने उन्हें पहले ही रोक लिया। इस बीच, यह खबर भी आई है कि जेल में बंद आसपा के राष्ट्रीय महासचिव रविंद्र भाटी समेत सभी 17 लोगों ने अपनी रिहाई की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू कर दिया है।
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मौके पर मौजूद एडीएम सिटी ब्रजेश कुमार सिंह ने प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लिया और उच्चाधिकारियों से बातचीत कर समाधान निकालने का आश्वासन दिया।
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सपा-भाजपा विधायक आमने-सामने, गरमाई सियासत
\r\n\r\nइस पूरे प्रकरण पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
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- \r\n सपा विधायक अतुल प्रधान: उन्होंने मेरठ जेल में जाकर गिरफ्तार लोगों से मुलाकात की और कहा, "शासन और प्रशासन को जल्द ही इन लोगों की रिहाई करनी चाहिए।"\r\n \r\n
- \r\n भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर: लोनी से विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने मेरठ पहुंचकर एडीजी और एसएसपी से मुलाकात की। उन्होंने एक बड़ा बयान देते हुए कहा, "दादरी में पथराव करने वाले गुर्जर नहीं, बल्कि बाहरी, जिहादी और मुस्लिम लोग थे। सपा और कांग्रेस प्रदेश में दंगे कराने की साजिश रच रही हैं। निर्दोष लोगों को छोड़ा जाए और जो साजिशकर्ता हैं, उनके घरों पर बुलडोजर चलाया जाएगा।"\r\n \r\n
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क्या था दादरी का मामला?
\r\n\r\nगुर्जर समाज ने 21 सितंबर को दादरी के मंडौरा गांव में एक महापंचायत बुलाई थी, जिसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों से लोग पहुंचे थे। पंचायत में गुर्जरों के हक और राजनीतिक भागीदारी जैसे मुद्दों पर चर्चा होनी थी। लेकिन पंचायत शुरू होते ही पुलिस ने वहां पहुंचकर लोगों को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया, जिससे भीड़ भड़क गई और पुलिस पर पथराव हो गया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर स्थिति को नियंत्रित किया और 17 लोगों को गंभीर धाराओं में जेल भेज दिया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि गिरफ्तार लोगों को रिहा किया जाए और लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो।
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Sabse pehle comment karne wale banein.