क्राइम डेस्क, उन्नाव/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उन्नाव (Unnao) जिले से गुजरने वाले आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार की सुबह कोहरे के बीच एक ऐसा भयानक हादसा हुआ, जिसने देखने वालों की रूह कांप दी। बांगरमऊ क्षेत्र में किलोमीटर संख्या-241 के पास तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर कार (Fortuner) मौत का गोला बन गई। 100 किलोमीटर प्रति घंटे से भी ज्यादा की रफ्तार से दौड़ रही कार का अचानक टायर फट गया, जिससे वह अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सभी 4 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के कद्दावर नेता और ओपी राजभर के करीबी रिश्तेदार अशोक अग्रवाल भी शामिल हैं।READ ALSO:-यमुना एक्सप्रेसवे पर मौत का तांडव: कोहरे के कारण आपस में भिड़ीं बसें और कारें, 13 लोगों की जलकर मौत, 70 से ज्यादा घायल
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छत उड़ गई, बोनट पिचक कर सीट तक पहुंचा

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हादसा सुबह करीब 5 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के मुताबिक, एक्सीडेंट की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फॉर्च्यूनर (UP14 GB 2220) की छत (Roof) हवा में उड़ गई। कार का अगला हिस्सा पूरी तरह खत्म हो गया और बोनट पिचक कर ड्राइविंग सीट तक घुस गया। हादसे का मंजर बेहद वीभत्स था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मृतकों में से एक के चेहरे के दो टुकड़े हो गए थे, जबकि ड्राइविंग सीट के बगल में बैठे युवक की गर्दन टूट चुकी थी। कार के सभी एयरबैग्स (Airbags) खुले, लेकिन टक्कर इतनी भीषण थी कि वे भी जान नहीं बचा सके। क्रेन की मदद से मलबे को काटकर शवों को बाहर निकालना पड़ा।
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 हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और कार में फंसे सभी लोगों को बाहर निकाला।

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गाजियाबाद से लखनऊ जा रहे थे सभी

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मृतकों की पहचान अशोक अग्रवाल (55), उनके भतीजे अभिनव अग्रवाल (20), आकाश गुप्ता (32) और अवनीश कुशल (26) के रूप में हुई है। ये सभी गाजियाबाद के रहने वाले थे। पुलिस को गाड़ी से सुभासपा (SBSP) के झंडे और कुछ गत्ते मिले हैं, जिनमें मोमेंटो रखे थे। जानकारी के मुताबिक, ये सभी लखनऊ में आयोजित पार्टी के एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। अशोक अग्रवाल सुभासपा के व्यापार प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे और गाजियाबाद में 'विपिन काला नमक फैक्ट्री' के मालिक भी थे।
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ओपी राजभर की आंखें हुईं नम

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हादसे की खबर मिलते ही सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर (OP Rajbhar) तुरंत उन्नाव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। अशोक अग्रवाल उनके पारिवारिक रिश्तेदार (समधी) बताए जा रहे हैं। राजभर ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा, "अशोक जी से मेरे पारिवारिक रिश्ते थे। यह घटना मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि परिवार को यह दुख सहने की शक्ति दे।" राजभर खुद पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए मोदीनगर ले जाने की व्यवस्था में जुटे दिखे।
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नींद की झपकी या दूसरी गाड़ी की टक्कर?

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हादसे की वजह को लेकर दो थ्योरी सामने आ रही हैं:
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    सीओ का बयान: बांगरमऊ के सीओ संतोष सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि ड्राइवर को नींद की झपकी आ गई, जिससे कार बेकाबू होकर डिवाइडर से टकरा गई।
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    टायरों के निशान: मौके पर मौजूद टायरों के रगड़ने के निशान (Skid Marks) और क्षतिग्रस्त कार की स्थिति को देखकर आशंका जताई जा रही है कि शायद किसी अज्ञात वाहन ने फॉर्च्यूनर को टक्कर मारी हो या उसे बचाने के चक्कर में यह हादसा हुआ। पुलिस एक्सप्रेस-वे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि सच सामने आ सके।
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कौन थे मृतक? (Profile)

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    अशोक अग्रवाल (55): सुभासपा नेता और बड़े व्यापारी। मोदीनगर में उनकी नमक की फैक्ट्री और गोदाम है।
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    अभिनव अग्रवाल (20): अशोक अग्रवाल का भतीजा और बीबीए फाइनल ईयर का छात्र। उसने हाल ही में एक न्यूज़ चैनल शुरू किया था।
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    आकाश गुप्ता (32): पेशे से कंप्यूटर इंजीनियर। इनके पिता बिजली विभाग में ठेकेदार हैं। आकाश की डेढ़ साल की एक बेटी है।
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    अवनीश कुशल (29): लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के दिल्ली प्रदेश महासचिव। वह परिवार का इकलौता बेटा था।
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गाड़ी में मिले राजनीतिक सुराग

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पुलिस को क्षतिग्रस्त कार से सुभासपा का झंडा और गत्ते में रखे कई मोमेंटो (स्मृति चिन्ह) मिले हैं। इससे पुष्टि हुई कि ये सभी किसी समारोह में भाग लेने जा रहे थे। पार्टी कार्यालय में भी गाड़ी नंबर के जरिए ही मृतकों की शिनाख्त की गई।
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यह हादसा एक बार फिर एक्सप्रेसवे पर ओवर speeding और टायरों की स्थिति (Tyre Maintenance) को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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इस हादसे ने एक बार फिर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर तेज रफ्तार और टायर फटने से होने वाली मौतों की ओर ध्यान खींचा है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और जांच जारी है।
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