मसूरी (उत्तराखंड): 'पहाड़ों की रानी' के नाम से मशहूर मसूरी की खूबसूरत वादियां बुधवार की सुबह चीख-पुकार और मातम में तब्दील हो गईं। उत्तरकाशी की हसीन वादियों का लुत्फ उठाकर वापस लौट रहे पर्यटकों के साथ एक ऐसा खौफनाक और हृदयविदारक हादसा हुआ, जिसने हर किसी की रूह कंपा दी। मसूरी के बार्लोगंज चौकी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले झड़ीपानी रोड पर एक मारुति सिलेरियो कार अनियंत्रित होकर करीब 500 मीटर गहरी और दुर्गम खाई में जा गिरी।READ ALSO:-सोने-चांदी के बाजार में भारी हाहाकार: चांदी 10 दिन में ₹27 हजार धड़ाम, सोना ₹1.48 लाख पर आया; जानें इस बड़ी गिरावट की असली वजह
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इस भीषण सड़क दुर्घटना में कार सवार 4 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई है। मृतकों में दो महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं, जो राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और हरियाणा के रहने वाले थे। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और फायर ब्रिगेड की टीमों ने स्थानीय लोगों की मदद से एक महा-रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
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खुशियों भरा सफर कैसे बना मौत का सफर: हादसे का पूरा घटनाक्रम
\r\n\r\nबुधवार, 10 जून 2026 की सुबह पर्यटकों का यह समूह अपनी दिल्ली नंबर की मारुति सिलेरियो कार (रजिस्ट्रेशन नंबर: DL5CS4610) से उत्तरकाशी से घूमकर वापस लौट रहा था। सफर खुशनुमा था और सभी अपने-अपने घरों की ओर वापसी कर रहे थे।
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प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय दुकानदारों से मिली जानकारी के अनुसार, कार झड़ीपानी रोड से गुजर रही थी। तभी सुबह करीब 9 बजे पर्यटकों ने एक स्थानीय दुकान के पास अपनी गाड़ी रोकी। उन्होंने दुकान से कुछ जरूरी सामान और खाने-पीने की चीजें खरीदीं। दुकान पर हुई संक्षिप्त बातचीत में उन्होंने बताया था कि वे उत्तरकाशी की यात्रा से लौट रहे हैं। सामान लेने के बाद सभी पर्यटक हंसते-मुस्कुराते वापस अपनी कार में आकर बैठ गए। किसी को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि मौत उनके इतने करीब खड़ी है।
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तीव्र ढलान और ब्रेक फेलियर: आंखों के सामने खाई में समा गई जिंदगी
\r\n\r\nझड़ीपानी रोड का यह हिस्सा अपनी तीव्र ढलान और घुमावदार मोड़ों के लिए जाना जाता है। जैसे ही ड्राइवर ने गाड़ी को आगे बढ़ाया और ढलान की ओर गाड़ी मुड़ी, अचानक कार की गति अनियंत्रित हो गई। शुरुआती जांच और मौके पर मौजूद चश्मदीदों के बयानों से यह स्पष्ट होता है कि खड़ी ढलान पर अचानक कार के ब्रेक ने काम करना बंद कर दिया था (Brake Failure)।
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ड्राइवर ने कार को रोकने और उस पर नियंत्रण पाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन ढलान इतनी तेज थी कि गाड़ी रफ्तार पकड़ती चली गई। बेकाबू हुई मारुति सिलेरियो कार सड़क के किनारे मौजूद एक खाली प्लॉट को पार करते हुए सीधे मौत की खाई में जा गिरी। यह खाई करीब 500 मीटर गहरी और बेहद पथरीली है। कार के खाई में गिरते ही जोरदार धमाके जैसी आवाज हुई और पलक झपकते ही पर्यटकों की जिंदगी उस अंधेरी खाई में समा गई।
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112 पर कॉल और मौत की घाटी में शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
\r\n\r\nहादसे की भयावहता देखकर स्थानीय लोग तुरंत हरकत में आए। बिना एक पल गंवाए सुबह ठीक 09:16 बजे पुलिस के आपातकालीन नंबर 112 कंट्रोल रूम पर इस भयानक दुर्घटना की सूचना दी गई।
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सूचना मिलते ही कोतवाली मसूरी की पुलिस टीम, बार्लोगंज चौकी पुलिस, SDRF के प्रशिक्षित जवान, फायर सर्विस के कर्मचारी और 108 एंबुलेंस की गाड़ियां सायरन बजाते हुए घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ीं।
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रेस्क्यू ऑपरेशन की प्रमुख चुनौतियां:
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- \r\n खाई की गहराई: घटनास्थल से खाई की गहराई लगभग 500 मीटर थी, जो पूरी तरह से झाड़ियों, नुकीले पत्थरों और घने पेड़ों से भरी हुई थी।\r\n \r\n
- \r\n दुर्गम रास्ता: नीचे उतरने के लिए कोई सीधा रास्ता नहीं था। SDRF के जवानों को रस्सियों (Rappelling) और विशेष उपकरणों के सहारे अपनी जान जोखिम में डालकर खाई में उतरना पड़ा।\r\n \r\n
- \r\n क्षतिग्रस्त कार: 500 मीटर नीचे गिरने के कारण कार के परखच्चे उड़ चुके थे। कार लोहे के एक पिचक चुके डिब्बे में तब्दील हो गई थी, जिससे शवों को बाहर निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया था।\r\n \r\n
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बचाव दल ने स्थानीय युवाओं की मदद से कई घंटों की भारी मशक्कत के बाद खाई के तल तक पहुंच बनाई। पुलिस के अनुसार, रेस्क्यू टीम ने सबसे पहले एक महिला का शव कार के मलबे से बाहर निकाला। इसके बाद कड़ी जद्दोजहद करते हुए अन्य तीन शवों को भी खाई से निकालकर सड़क तक लाया गया।
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मृतकों की पहचान और शोक में डूबे परिवार
\r\n\r\nपुलिस ने क्षतिग्रस्त कार से मिले पहचान पत्रों, मोबाइल फोन और गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर सभी मृतकों की शिनाख्त कर ली है। यह सभी लोग एक ही ग्रुप के थे और छुट्टियां मनाने पहाड़ों की ओर आए हुए थे।
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हादसे का शिकार हुए पर्यटकों का विवरण:
\r\n\r\n| \r\n क्रम संख्या \r\n | \r\n \r\n मृतक का नाम \r\n | \r\n \r\n उम्र \r\n | \r\n \r\n निवासी / पता \r\n | \r\n
|---|---|---|---|
| \r\n 1 \r\n | \r\n \r\n सत्यप्रकाश \r\n | \r\n \r\n ज्ञात नहीं \r\n | \r\n \r\n सोनीपत, हरियाणा \r\n | \r\n
| \r\n 2 \r\n | \r\n \r\n मनीत \r\n | \r\n \r\n 19 वर्ष \r\n | \r\n \r\n (सत्यप्रकाश के साथ निवासी) \r\n | \r\n
| \r\n 3 \r\n | \r\n \r\n सविता (पत्नी धर्मवीर) \r\n | \r\n \r\n 48 वर्ष \r\n | \r\n \r\n 322 A नेहरू नगर, गाजियाबाद (यूपी) \r\n | \r\n
| \r\n 4 \r\n | \r\n \r\n संगीता (पत्नी टीटू) \r\n | \r\n \r\n 46 वर्ष \r\n | \r\n \r\n करोलबाग, नई दिल्ली \r\n | \r\n
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मसूरी पुलिस ने मृतकों के पास से मिले मोबाइल नंबरों के जरिए उनके परिजनों को इस हृदयविदारक घटना की सूचना दे दी है। खबर सुनते ही दिल्ली, गाजियाबाद और सोनीपत में रह रहे उनके परिवारों में कोहराम मच गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे शवों को लेने के लिए देहरादून-मसूरी के लिए रवाना हो चुके हैं। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए स्थानीय सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में भिजवा दिया है।
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पहाड़ी रास्तों पर सफर: प्रशासन की अपील और उठते सवाल
\r\n\r\nइस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी रास्तों पर सुरक्षित ड्राइविंग और वाहनों की फिटनेस को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मसूरी, नैनीताल और उत्तरकाशी जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में खड़ी चढ़ाई और तीव्र ढलान आम बात है।
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प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने पर्यटकों से लगातार अपील की है कि:
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- \r\n पहाड़ों पर यात्रा करने से पहले अपने वाहन के ब्रेक, क्लच और टायरों की अच्छी तरह से जांच (Servicing) करवाएं।\r\n \r\n
- \r\n तीव्र ढलान पर गाड़ी को हमेशा निचले गियर (Low Gear) में चलाएं, ताकि ब्रेक पर कम से कम दबाव पड़े और ब्रेक फेल होने का खतरा न रहे।\r\n \r\n
- \r\n मैदानी इलाकों के ड्राइवरों को पहाड़ी रास्तों पर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और ओवरस्पीडिंग से पूरी तरह बचना चाहिए।\r\n \r\n
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फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की तकनीकी जांच भी कर रही है कि क्या कार में कोई पुरानी खराबी थी या यह हादसा पूरी तरह से उसी वक्त ब्रेक फेल होने का नतीजा था। इस हादसे ने एक बार फिर याद दिलाया है कि पहाड़ों की सुंदरता जितनी मनमोहक है, वहां के रास्ते जरा सी चूक होने पर उतने ही जानलेवा भी साबित हो सकते हैं।