पहाड़ों की रानी मसूरी पर कुदरत का कहर। बीती रात हुई मूसलाधार बारिश ने शहर में भारी तबाही मचाई है। मसूरी-देहरादून मुख्य मार्ग दर्जनों जगहों पर भूस्खलन के कारण बंद हो गया है, जिससे शहर का संपर्क पूरी तरह कट गया है। सैकड़ों पर्यटक और स्थानीय निवासी रास्तों में फंसे हुए हैं, और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति ठप हो गई है।Read also:-देहरादून में फटा बादल, टपकेश्वर महादेव मंदिर में घुसा सैलाब, सड़कें बहीं; PM मोदी ने CM धामी से की बात
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मसूरी, उत्तराखंड। पहाड़ों की रानी मसूरी इस वक्त प्रकृति के रौद्र रूप का सामना कर रही है। बीती रात हुई प्रलयंकारी बारिश ने शहर को एक टापू में तब्दील कर दिया है। शहर की जीवनरेखा, मसूरी-देहरादून मार्ग, कई स्थानों पर भारी भूस्खलन, सड़क धंसने और मलबा आने के कारण पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। इस आपदा ने न केवल सड़कों को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि कई लोगों के आशियाने, होटल और रेस्टोरेंट भी छीन लिए हैं, जिससे कई परिवार बेघर हो गए हैं।
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मुख्य मार्ग हुए ध्वस्त, शहर हुआ कैद
\r\n\r\nमसूरी-देहरादून मार्ग की हालत सबसे चिंताजनक है। आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर सड़क का नामोनिशान मिट गया है:
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- \r\n गलोगी के पास: यहां सड़क का एक बहुत बड़ा हिस्सा टूटकर खाई में समा गया है और गहरी दरारें पड़ गई हैं।\r\n \r\n
- \r\n शिव मंदिर, कोल्हूखेत, चुनाखाला-झड़ीपानी और पानी वाला बैंड: इन जगहों पर कई टन मलबा और भारी बोल्डर गिरे हैं, जिससे रास्ता पूरी तरह बंद है।\r\n \r\n
- \r\n अन्य संपर्क मार्ग: भट्टा गांव-बारलोगंज मार्ग और झड़ीपानी-चुनाखाला मार्ग भी धंस गए हैं, जिससे भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई है।\r\n \r\n

इस वजह से दूध, सब्जी और राशन जैसी जरूरी चीजों से लदे वाहन फंसे हुए हैं, जिससे शहर में किल्लत का खतरा मंडराने लगा है। धनोल्टी और जौनपुर से सब्जियां लेकर आ रहे किसानों की फसलें भी गाड़ियों में ही खराब होने की कगार पर हैं।
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रात सोए, सुबह दिखा तबाही का खौफनाक मंजर
\r\n\r\nरात के अंधेरे में बरपे इस कहर ने कई जिंदगियों को सड़क पर ला दिया है। सुबह जब लोगों की आंखें खुलीं तो मंजर खौफनाक था:
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- \r\n नाग मंदिर के पास: सुनील कठैत का पांच कमरों का पक्का मकान जमीन धंसने और दरारें पड़ने से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। परिवार ने पास के एक मंदिर में शरण ली है।\r\n \r\n
- \r\n पानी वाला बैंड: यहां सड़क का नक्शा ही बदल गया है। रूपेंद्र सिंह रावत का छह कमरों का रेस्टोरेंट मलबे में दबकर पूरी तरह तबाह हो गया। उनके दो फ्लोर टूट गए और एक कार व स्कूटर भी मलबे में दफन हो गए।\r\n \r\n
- \r\n आवासीय भवनों पर कहर: पास में ही बबली देवी के घर पर एक भारी पेड़ गिरने से छत टूट गई। जयपाल सिंह थापली के होटल में भी मलबा घुसने से भारी नुकसान हुआ है।\r\n \r\n

प्रशासन की युद्धस्तर पर कार्रवाई और महत्वपूर्ण अपीलें
\r\n\r\nस्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन हरकत में आ गया है। एसडीएम राहुल आनंद और नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत कार्यों का जायजा लिया।
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क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
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- \r\n सड़क खोलने के लिए सात जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं।\r\n \r\n
- \r\n गलोगी में पहाड़ काटकर एक नया अस्थायी रास्ता बनाने का काम शुरू होगा।\r\n \r\n
- \r\n शिव मंदिर के पास टूटे पुल की जगह मौसम साफ होते ही बैली ब्रिज बनाया जाएगा।\r\n \r\n
एसडीएम राहुल आनंद: "सभी विभागों के अधिकारी मौके पर हैं और युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं। मौसम ठीक रहा तो बुधवार तक एक अस्थायी बैली ब्रिज बना दिया जाएगा।"
\r\n\r\nकोतवाल संतोष कुंवर: "मसूरी-देहरादून, मसूरी-धनोल्टी और मसूरी-यमुनाघाटी की सड़कें बंद हैं। पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील है कि वे अनावश्यक यात्रा न करें और सुरक्षित स्थानों पर रुकें।"
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होटल एसोसिएशन ने पेश की मानवता की मिसाल
\r\n\r\nइस संकट की घड़ी में मसूरी होटल एसोसिएशन ने आगे आकर फंसे हुए पर्यटकों से अपील की है कि वे जहां हैं, वहीं सुरक्षित रहें। एसोसिएशन अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने सभी होटल संचालकों से आग्रह किया है कि वे फंसे हुए पर्यटकों को बिना किसी शुल्क के रहने की जगह दें।
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