लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। योगी आदित्यनाथ सरकार विधानसभा चुनाव से पहले बड़े पैमाने पर सरकारी भर्तियों का रास्ता खोलने की तैयारी में है। राज्य में करीब 70 से 75 हजार पदों पर भर्ती की तैयारी की जा रही है। माना जा रहा है कि जिन विभागों की ओर से रिक्त पदों का विवरण संबंधित चयन आयोगों को भेजा जा चुका है, उन पदों के लिए भर्ती विज्ञापन जल्द सामने आ सकते हैं।
\r\n\r\n\r\nसरकार की इस पूरी कवायद का उद्देश्य खाली सरकारी पदों को भरने के साथ-साथ युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही आने वाले महीनों में बड़ी संख्या में युवाओं को नियुक्ति-पत्र देने का लक्ष्य सार्वजनिक रूप से बता चुके हैं। ऐसे में नई भर्तियों की तैयारी को इसी बड़े रोजगार अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।
\r\n70-75 हजार पदों पर भर्ती की तैयारी क्यों है खास?
\r\nउत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े राज्यों में शामिल है और यहां हर साल बड़ी संख्या में युवा सरकारी नौकरियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में एक साथ हजारों पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू होने से लाखों अभ्यर्थियों को आवेदन का मौका मिल सकता है।
\r\nहालांकि, अभी अलग-अलग विभागों में पदों की संख्या और भर्ती की अंतिम सूची संबंधित आयोगों की प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगी। इसलिए अभ्यर्थियों को आधिकारिक विज्ञापन जारी होने का इंतजार करना चाहिए।
\r\nसरकार की तैयारी को देखते हुए यह माना जा रहा है कि आने वाले समय में विभिन्न विभागों से जुड़ी अलग-अलग भर्तियों की घोषणाएं देखने को मिल सकती हैं।
\r\nमुख्य सचिव एसपी गोयल की निगरानी में भर्ती अभियान
\r\nभर्ती अभियान को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए मुख्य सचिव एसपी गोयल की निगरानी में विभागीय स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। संबंधित विभागों को अपने यहां खाली पदों की जानकारी जल्द से जल्द चयन आयोगों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
\r\nसरकार की कोशिश बताई जा रही है कि जिन पदों का अधियाचन यानी रिक्त पदों की आधिकारिक जानकारी आयोगों को मिल चुकी है, उनकी भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए।
\r\nइसके बाद संबंधित चयन आयोग भर्ती विज्ञापन जारी करेंगे और पात्र अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे जाएंगे। परीक्षा कार्यक्रम और अन्य चरणों की जानकारी भी संबंधित आयोगों की ओर से आधिकारिक रूप से जारी की जाएगी।
\r\nयुवाओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह भर्ती अभियान?
\r\nसरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती लंबे समय तक भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं होना या रिक्त पदों का समय पर विज्ञापन जारी न होना होती है। ऐसे में यदि हजारों पदों की भर्ती प्रक्रिया एक साथ आगे बढ़ती है तो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को बड़ा अवसर मिल सकता है।
\r\nखास बात यह है कि अलग-अलग विभागों में अलग-अलग योग्यता वाले पद हो सकते हैं। इसका मतलब है कि 10वीं, 12वीं, स्नातक, तकनीकी और अन्य शैक्षणिक योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों के लिए अलग-अलग अवसर सामने आने की संभावना हो सकती है।
\r\nहालांकि पदवार योग्यता, आयु सीमा, आरक्षण, आवेदन शुल्क और परीक्षा पैटर्न की सही जानकारी केवल आधिकारिक भर्ती विज्ञापन में ही स्पष्ट होगी।
\r\nCM योगी पहले ही कर चुके हैं बड़ा ऐलान
\r\nमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले महीने लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में युवाओं को नियुक्ति-पत्र वितरित किए थे।
\r\nइस दौरान 3,446 प्राविधिक सहायकों और 126 मंडी सचिवों को नियुक्ति-पत्र दिए गए। मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, बिना भेदभाव चयन, आरक्षण व्यवस्था का पालन और मेरिट को महत्वपूर्ण बताया था।
\r\nउन्होंने कहा था कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। इसी दौरान मुख्यमंत्री ने आने वाले छह महीनों में एक लाख और युवाओं को सरकारी नियुक्ति-पत्र देने का लक्ष्य भी बताया था।
\r\nसरकार के इस लक्ष्य को देखते हुए अब नई भर्तियों की तैयारी को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
\r\nसाढ़े 9 साल में 9.30 लाख से ज्यादा सरकारी नौकरियों का दावा
\r\nमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में दावा किया था कि उनकी सरकार के करीब साढ़े 9 वर्षों के कार्यकाल में 9.30 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है।
\r\nमुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और मेरिट के आधार पर चयन को सरकार की उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने यह भी कहा था कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में हुई भर्तियों पर सवाल उठाने की गुंजाइश नहीं है।
\r\nअब हजारों नए पदों पर भर्ती की संभावित तैयारी के बीच सरकार के रोजगार एजेंडे पर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।
\r\nआउटसोर्स कर्मचारियों के लिए भी सरकार ने उठाया कदम
\r\nसरकार की रोजगार नीति सिर्फ नियमित सरकारी भर्तियों तक सीमित नहीं है। हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) की शुरुआत भी की है।
\r\nइसके जरिए आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति और सेवा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की बात कही गई है। सरकार की ओर से आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़े मानदेय और सेवा सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर भी कदम उठाए जाने की जानकारी सामने आई है।
\r\nइसके अलावा राज्य के करीब 3.5 लाख कर्मचारियों की सैलरी में 7 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी की बात भी सामने आई है। ऐसे में सरकारी रोजगार और कर्मचारियों से जुड़े फैसलों को लेकर सरकार की सक्रियता बढ़ी हुई नजर आ रही है।
\r\nचुनाव से पहले युवाओं पर फोकस
\r\nउत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले रोजगार और सरकारी भर्ती का मुद्दा राजनीतिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण है। प्रदेश में बड़ी संख्या में युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में हजारों सरकारी पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू होना सरकार के लिए रोजगार के मोर्चे पर बड़ा कदम साबित हो सकता है।
\r\nहालांकि भर्ती की घोषणा और वास्तविक नियुक्ति के बीच कई चरण होते हैं। विज्ञापन जारी होने के बाद आवेदन, परीक्षा, परिणाम, दस्तावेज सत्यापन और नियुक्ति जैसी प्रक्रियाओं से अभ्यर्थियों को गुजरना पड़ता है।
\r\nइसलिए फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि संबंधित विभागों से रिक्त पदों का अधियाचन चयन आयोगों तक पहुंचे और उसके बाद आधिकारिक भर्ती विज्ञापन जारी हों।
\r\nअभ्यर्थी इन बातों का रखें ध्यान
\r\nसरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली अपुष्ट सूचनाओं के बजाय संबंधित भर्ती आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी नोटिफिकेशन पर भरोसा करना चाहिए।
\r\nभर्ती विज्ञापन जारी होने के बाद अभ्यर्थियों को पदों की संख्या, शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, आरक्षण, आवेदन की अंतिम तारीख और परीक्षा पैटर्न को ध्यान से पढ़ना चाहिए।
\r\nआखिर क्या है सबसे बड़ा अपडेट?
\r\nउत्तर प्रदेश में करीब 70-75 हजार सरकारी पदों पर भर्ती की तैयारी युवाओं के लिए बड़ा अवसर बन सकती है। विभागों से रिक्त पदों की जानकारी जुटाने और चयन आयोगों को भेजने की प्रक्रिया पर जोर दिया जा रहा है।
\r\nमुख्यमंत्री के एक लाख युवाओं को नियुक्ति-पत्र देने के लक्ष्य और हजारों नए पदों पर संभावित भर्ती को जोड़कर देखें तो आने वाले महीनों में उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों से जुड़ी गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है।
\r\nहालांकि 75 हजार पदों की अंतिम संख्या, विभागवार पद, आवेदन की तारीख और परीक्षा कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि संबंधित चयन आयोगों के भर्ती विज्ञापन के बाद ही होगी। इसलिए अभ्यर्थियों को आधिकारिक नोटिफिकेशन का इंतजार करना चाहिए और अपनी तैयारी जारी रखनी चाहिए।