खबरीलाल डेस्क
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले से एक बेहद शर्मनाक और रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले मदरसे में एक 70 साल के बुजुर्ग मौलाना ने गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते को कलंकित कर दिया है। मुजफ्फरनगर मदरसा मामला (Muzaffarnagar Madrasa Case) इन दिनों पूरे राज्य में चर्चा और आक्रोश का विषय बना हुआ है।READ ALSO:-आसमानी आफत: यूपी में बेमौसम बारिश से खेतों में बिछी फसलें, 40 करोड़ की अफीम बर्बाद; 26 मार्च से फिर अलर्ट!
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मिली जानकारी के अनुसार, मुजफ्फरनगर के शाहपुर थाना क्षेत्र में स्थित एक मदरसे में धार्मिक शिक्षा देने वाले 70 वर्षीय मौलाना इकबाल को 11 साल के एक किशोर के साथ कुकर्म करने के गंभीर आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह पूरा मामला तब खुला जब मदरसे के अंदर मासूम के साथ गंदी हरकत करते हुए मौलाना का एक वीडियो सामने आया। वीडियो देखकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। जब पीड़ित छात्र से पूछताछ की गई, तो उसने जो दर्दनाक आपबीती सुनाई, उसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। (Internal link to related article: उत्तर प्रदेश में बढ़ते बाल अपराध और पुलिस की कार्रवाई)
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मुजफ्फरनगर मदरसा मामला: क्या है पूरी घटना?

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यह दिल दहला देने वाली घटना मुजफ्फरनगर जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर शाहपुर थाना क्षेत्र की है। शाहपुर इलाके में स्थित 'इस्लामिया मदरसा' में आस-पास के कई बच्चे धार्मिक तालीम हासिल करने आते हैं। इसी मदरसे में मौलाना इकबाल पिछले 40 सालों से बच्चों को उर्दू पढ़ाने का काम कर रहा था।
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क्षेत्र के लोगों का मौलाना पर गहरा विश्वास था, लेकिन किसी को नहीं पता था कि धार्मिक शिक्षा की आड़ में मौलाना एक घिनौने अपराध को अंजाम दे रहा है। इसी मदरसे में रहने वाला 11 वर्षीय पीड़ित किशोर भी पिछले 5 वर्षों से तालीम ले रहा था। किशोर ने पुलिस को बताया कि मौलाना उसे अक्सर क्लास खत्म होने के बाद किसी न किसी काम या साफ-सफाई के बहाने मदरसे में रोक लिया करता था। जब बाकी बच्चे चले जाते थे, तब वह उसे दूसरे कमरे में ले जाकर जबरन कुकर्म करता था।
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ईद की रात का वीडियो और खौफनाक सच का पर्दाफाश

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इस मुजफ्फरनगर मदरसा मामला का सबसे अहम सुराग वह वीडियो बना, जिसने मौलाना के काले कारनामों की पोल खोल दी। बताया जा रहा है कि यह वीडियो हाल ही में बीती ईद के दिन का है।
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ईद की रात जब सभी लोग त्योहार की खुशियों में डूबे थे, तब 11 साल का वह मासूम किशोर मदरसे में ही मौजूद था। दरिंदे मौलाना ने उस रात भी बच्चे को अपनी हवस का शिकार बनाया। लेकिन इस बार, मदरसे के ही किसी व्यक्ति ने या किसी अज्ञात शख्स ने छिपकर मौलाना की इस घिनौनी हरकत का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया।
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रविवार देर शाम जब यह वीडियो सामने आया, तो देखने वालों की रूह कांप गई। वीडियो में साफ दिख रहा है कि 70 साल का मौलाना इकबाल किशोर को अपने कमरे में बिस्तर पर लिटाए हुए है। वह बच्चे के साथ निर्वस्त्र होकर जबरन अश्लील और गंदी हरकतें कर रहा है। वीडियो में मासूम बच्चा लगातार विरोध करता और खुद को बचाने की कोशिश करता दिख रहा है, लेकिन ताकतवर मौलाना उसके साथ जबर्दस्ती कर रहा है।
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परिजनों का फूटा गुस्सा और पुलिस की त्वरित कार्रवाई

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जैसे ही यह वीडियो पीड़ित किशोर के परिवार वालों तक पहुंचा, उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत अपने बेटे को पास बिठाकर प्यार से पूछताछ की। बच्चे ने रोते हुए अपने माता-पिता को मौलाना की सारी दरिंदगी और महीनों से चले आ रहे शोषण की सच्चाई बता दी। 
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अपने लाडले के साथ हुई इस हैवानियत को सुनकर पिता का खून खौल उठा। वे बिना समय गंवाए सीधे शाहपुर थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस को घटना की पूरी जानकारी दी और सबूत के तौर पर वह वायरल वीडियो भी पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने भी मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत एक्शन लिया।
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पिता की लिखित तहरीर के आधार पर शाहपुर थाना पुलिस ने आरोपी मौलाना इकबाल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की सख्त धाराओं और बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली। केस दर्ज होते ही पुलिस की एक टीम मदरसे पहुंची और रविवार देर रात आरोपी मौलाना को धर दबोचा।
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मुजफ्फरनगर मदरसा मामला: पुलिस अधीक्षक (SP देहात) का बयान

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इस संवेदनशील मामले पर मुजफ्फरनगर के एसपी देहात (SP Rural) आदित्य बंसल ने आधिकारिक बयान जारी किया है। उन्होंने मीडिया को बताया:
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"शाहपुर थाना क्षेत्र के एक मदरसे से संबंधित एक वीडियो पुलिस के संज्ञान में आया था। पीड़ित किशोर के पिता की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पीड़ित बच्चे से पूछताछ के बाद आरोपी मौलाना को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पीड़ित बच्चा अन्य छात्रों की तरह मदरसे में ही रहकर काफी समय से धार्मिक शिक्षा प्राप्त कर रहा था। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की वैज्ञानिक और तकनीकी जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई सख्ती से जारी है।" 
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धार्मिक शिक्षण संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा पर उठते सवाल

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मुजफ्फरनगर मदरसा मामला सामने आने के बाद एक बार फिर से धार्मिक शिक्षण संस्थानों, गुरुकुलों और मदरसों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। माता-पिता अपने बच्चों को संस्कारी और धार्मिक बनाने के लिए इन संस्थानों में भेजते हैं, लेकिन जब रक्षक ही भक्षक बन जाए, तो समाज का विश्वास टूट जाता है।
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40 साल से उर्दू पढ़ा रहे एक बुजुर्ग शिक्षक द्वारा इस तरह की नीच हरकत करना दर्शाता है कि शिक्षण संस्थानों में केवल शिक्षा पर ही नहीं, बल्कि शिक्षकों के चरित्र और बैकग्राउंड वेरिफिकेशन पर भी सख्त निगरानी की जरूरत है।
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पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) क्या है और इसमें सजा का प्रावधान?

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इस मामले में पुलिस ने आरोपी मौलाना पर POCSO एक्ट (Protection of Children from Sexual Offences Act, 2012) लगाया है। यह कानून भारत में बच्चों के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों से निपटने के लिए बनाया गया है।
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    सख्त सजा: इस कानून के तहत अगर कोई व्यक्ति 12 साल से कम उम्र के बच्चे के साथ दुष्कर्म या कुकर्म (Aggravated Penetrative Sexual Assault) करता है, तो उसे उम्रकैद या मौत की सजा तक हो सकती है।
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    गैर-जमानती अपराध: यह एक अत्यंत गंभीर और गैर-जमानती अपराध है, जिसमें आरोपी को आसानी से जमानत नहीं मिलती है।
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    त्वरित सुनवाई: इस कानून के तहत मामलों की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में होती है ताकि पीड़ित बच्चे को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।
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70 वर्षीय आरोपी मौलाना के खिलाफ पुलिस ने जो धाराएं लगाई हैं, उनके तहत उसका बाकी जीवन सलाखों के पीछे कटना लगभग तय माना जा रहा है।
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माता-पिता के लिए अहम सबक

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मुजफ्फरनगर मदरसा मामला हर उस माता-पिता के लिए एक बहुत बड़ा सबक है जो अपने बच्चों को हॉस्टल, मदरसे या किसी भी आवासीय स्कूल में भेजते हैं।
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    बच्चों से लगातार बात करें: अपने बच्चों से रोजाना बात करें। उनसे पूछें कि स्कूल या मदरसे में उनका दिन कैसा बीता।
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    व्यवहार में बदलाव को पहचानें: अगर बच्चा अचानक गुमसुम रहने लगे, डरने लगे या किसी खास व्यक्ति (शिक्षक या रिश्तेदार) के पास जाने से कतराए, तो उसे हल्के में न लें।
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    'गुड टच' और 'बैड टच' सिखाएं: बच्चों को कम उम्र से ही सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श के बीच का अंतर सिखाना बेहद जरूरी है।
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    संस्थान का दौरा करें: समय-समय पर बच्चों के शिक्षण संस्थान का अचानक दौरा करें और वहां के माहौल का जायजा लें।
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मुजफ्फरनगर के शाहपुर इलाके का यह मुजफ्फरनगर मदरसा मामला समाज के माथे पर एक कलंक है। 11 साल के उस मासूम बच्चे के मन पर जो गहरा घाव लगा है, उसे भरने में शायद सालों लग जाएं। लेकिन मुजफ्फरनगर पुलिस की त्वरित कार्रवाई और आरोपी मौलाना की गिरफ्तारी ने यह संदेश जरूर दिया है कि ऐसे दरिंदों के लिए समाज और कानून में कोई जगह नहीं है। अब लोगों की नजरें अदालत पर टिकी हैं कि इस घिनौने अपराध के लिए आरोपी को कितनी जल्दी और कितनी सख्त सजा मुकर्रर की जाती है। समाज को भी जागरूक होना होगा ताकि भविष्य में कोई और मासूम किसी 'भेड़िये' का शिकार न बने।