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मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) जिले के रतनपुरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले फूलत गांव में इन दिनों उत्तर प्रदेश सरकार का 'बुलडोजर एक्शन' (Bulldozer Action) अपने चरम पर है। चर्चित दारुल उलूम रहिमिया मदरसे (Darul Uloom Rahimiya Madrasa) के विशाल परिसर में फैले अवैध निर्माण को जमींदोज करने की प्रशासनिक कार्रवाई शनिवार को लगातार छठे दिन भी पूरे जोर-शोर से जारी रही।Read also:-सितंबर में बैंकों की लंबी छुट्टियां: 14 दिन लटकेंगे ताले, घर से निकलने से पहले चेक करें पूरी लिस्ट
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- \r\n लगातार छठा दिन: शनिवार दोपहर बाद तक भारी-भरकम पोकलैंड और बुलडोजर मशीनों ने मदरसे के चिन्हित अवैध ढांचों को गिराने का काम जारी रखा।\r\n \r\n
- \r\n अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था: कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे गांव और मदरसा परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।\r\n \r\n
- \r\n जांच में हुई थी पुष्टि: राजस्व विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त जांच में मदरसे का एक बहुत बड़ा हिस्सा अवैध रूप से निर्मित पाया गया था।\r\n \r\n
- \r\n नोटिस के बाद एक्शन: प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना के यह कार्रवाई नहीं की है; मदरसा प्रबंधन को विधिवत नोटिस जारी किए गए थे, जिनका संतोषजनक जवाब नहीं मिला।\r\n \r\n
- \r\n गंभीर आरोपों का साया: अवैध निर्माण के अलावा, इस मदरसे पर धर्मांतरण (Religious Conversion) और करोड़ों रुपये की विदेशी फंडिंग (Foreign Funding) के भी बेहद गंभीर आरोप हैं।\r\n \r\n

अवैध निर्माण पर प्रशासन की 'जीरो टॉलरेंस' नीति
\r\n\r\nउत्तर प्रदेश में अवैध निर्माणों और अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन की 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) नीति के तहत यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है। दारुल उलूम रहिमिया मदरसा कोई सामान्य ढांचा नहीं है; यह एक विशाल कंक्रीट परिसर है, जिसे ढहाने के लिए सामान्य जेसीबी मशीनों के बजाय अत्याधुनिक पोकलैंड (Poclain) मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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प्रशासनिक टीम ने बहुत ही चरणबद्ध और रणनीतिक तरीके से इस ध्वस्तीकरण अभियान को अंजाम दिया है। सबसे पहले उन छतों और पिलर्स को निशाना बनाया गया जो सीधे तौर पर अवैध रूप से कब्जा की गई जमीन पर खड़े किए गए थे। छह दिनों की लगातार कार्रवाई के बाद अब यह आलीशान परिसर मलबे के एक विशाल पहाड़ में तब्दील होता जा रहा है। स्थानीय अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक जांच रिपोर्ट में चिन्हित किया गया एक-एक इंच अवैध निर्माण पूरी तरह से साफ नहीं हो जाता, मशीनों की गड़गड़ाहट शांत नहीं होगी।
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भारी पुलिस बल और पीएसी के पहरे में ध्वस्तीकरण
\r\n\r\nकिसी भी धार्मिक या शिक्षण संस्थान पर कार्रवाई के दौरान अक्सर विरोध प्रदर्शन या कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा रहता है। इस संवेदनशीलता को भांपते हुए मुजफ्फरनगर जिला प्रशासन ने पहले दिन से ही सुरक्षा का एक अभेद्य चक्रव्यूह तैयार कर लिया था।
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ध्वस्तीकरण स्थल के चारों ओर कई सौ मीटर के दायरे में बैरिकेडिंग की गई है। रतनपुरी थाने की फोर्स के साथ-साथ जिले के अन्य थानों से भी अतिरिक्त पुलिस बल (Police Force) मंगवाया गया है। इसके अलावा, प्रांतीय सशस्त्र पीएसी (PAC) की कई टुकड़ियों को दंगा नियंत्रण उपकरणों के साथ मुस्तैद रखा गया है। एसडीएम (SDM), क्षेत्राधिकारी (CO) और अन्य आला अधिकारी खुद ग्राउंड जीरो पर तंबू गाड़कर बैठे हैं और एक-एक गतिविधि की सीधे तौर पर मॉनिटरिंग कर रहे हैं। प्रशासन की इस मुस्तैदी का ही परिणाम है कि छह दिन बीत जाने के बाद भी इलाके में पूरी तरह से शांति कायम है और स्थानीय लोग केवल दूर से ही इस महा-अभियान को देख रहे हैं।
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विदेशी फंडिंग और धर्मांतरण के गंभीर आरोप
\r\n\r\nदारुल उलूम रहिमिया मदरसे पर यह बुलडोजर एक्शन भले ही 'अवैध निर्माण' के आधार पर हो रहा हो, लेकिन इसके तार कई अन्य संगीन और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं।
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| \r\n जांच का विषय (Investigation Subject) \r\n | \r\n \r\n आरोपों का विवरण (Details of Allegations) \r\n | \r\n
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| \r\n धर्मांतरण (Religious Conversion) \r\n | \r\n \r\n पुलिस और खुफिया एजेंसियों को इनपुट मिले थे कि इस संस्था से जुड़े कुछ लोग कथित तौर पर भोले-भाले लोगों का ब्रेनवॉश कर धर्मांतरण सिंडिकेट चला रहे थे। \r\n | \r\n
| \r\n विदेशी फंडिंग (Foreign Funding) \r\n | \r\n \r\n इतना विशाल साम्राज्य खड़ा करने के लिए खाड़ी देशों और अन्य विदेशी स्रोतों से अवैध रूप से (हवाला के जरिए) करोड़ों रुपये का चंदा प्राप्त करने का शक है। \r\n | \r\n
| \r\n FCRA नियमों का उल्लंघन \r\n | \r\n \r\n विदेशी चंदा लेने के लिए आवश्यक सरकारी लाइसेंस और नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने की बात भी सामने आई है। \r\n | \r\n
| \r\n प्रशासनिक रुख \r\n | \r\n \r\n प्रशासन ने साफ किया है कि वर्तमान ध्वस्तीकरण केवल अवैध निर्माण के लिए है, जबकि धर्मांतरण और फंडिंग की आपराधिक जांच एजेंसियां अलग से कर रही हैं। \r\n | \r\n
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फूलत गांव में चल रही यह कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संकेत है कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज सर्वोपरि है। मदरसे पर लगातार चल रहे इस बुलडोजर एक्शन ने न केवल स्थानीय भू-माफियाओं में खौफ पैदा किया है, बल्कि यह भी संदेश दिया है कि शिक्षा या धर्म की आड़ में किसी भी प्रकार की गैर-कानूनी गतिविधि या अवैध साम्राज्य को पनपने नहीं दिया जाएगा। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की रिपोर्ट सामने आने पर इस मामले में कई और सफेदपोश चेहरों से नकाब उठने की पूरी संभावना है।
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